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कितने दिन में पैदा होता है मोर, उम्र से वजन तक सबकुछ जान लीजिए आज

  • Authored by: Ikramuddin
  • Updated May 2, 2024, 01:26 PM IST

Knowledge About Peacock: मोर दुनिया के सबसे खूबसूरत पक्षियों में से एक है। मगर भारत के इस राष्ट्रीय पक्षी के बारे में हमें बहुत ही कम जानकारी है। आज मोर से जुड़ी हर जरूरी जानकारी मिलेगी।

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भारत का राष्ट्रीय पक्षी है मोर। (Photo-Twitter/Social Media)

KEY HIGHLIGHTS
  • भारत का राष्ट्रीय पक्षी है मोर
  • जानते हैं वजन और उम्र
  • जानिए कितनी है आबादी

Knowledge About Peacock: जानवरों और पशु-पक्षियों की खूबसूरती की बात आती है तो सबसे पहले मोर का नाम जहन में जरूर आता है। मोर एक ऐसा पक्षी है जिसे सबसे खूबसूरत जीवों में एक माना जाता है। जब मौसम सुहाना होता या फिर अपने पार्टनर को रिझाना हो तब मोर-मोरनी जंगल में नाचते हैं। मगर भारत के इस राष्ट्रीय पक्षी के बारे में इससे ज्यादा शायद ही हम कुछ जानते हैं। लोगों की इसकी उम्र, लंबाई और संख्या के बारे में शायद ही जानकारी होगी। आज यहां आपको मोर से जुड़ी वो सभी जानकारी मिलेंगी जो आपकी जरूर जाननी चाहिए।

कितने दिन में पैदा होता है मोर

अगर सवाल पूछा जाए कि दुनिया के सबसे खूबसूरत पक्षियों में शामिल मोर आखिर कितने दिनों में पैदा होता है। शायद ही कोई इसका सही जवाब दे पाएगा। अगर आप भी नहीं जानते हैं तो बता दें कि मोरनी सबसे पहले अंडे देती है। इसके बाद करीब 28-30 दिन बाद नन्हा नोर जन्म लेता है। जन्म के साथ ही मोरनी अपने बच्चे को हर जरूरी ट्रेनिंग देना शुरू कर देती है। करीब तीन साल के भीतर बच्चा व्यस्क होने लगता है।

जंगल में टहलता मोर।

जंगल में टहलता मोर।

कितनी लंबी है मोर की जिंदगी

मालूम हो कि जंगल में होने की वजह इन पक्षियों को हमेशा अपनी जान का खतरा बना रहता है। जंगली जानवर हमेशा इनका शिकार करने की कोशिश में जुटे रहते हैं। यही वजह है कि जंगल में इनकी उम्र ज्यादा लंबी नहीं होती है। अनुमान है कि जंगल में मोर करीब 15-20 साल तक ही जीवित रह पाते हैं। मगर कैद में इनकी उम्र इससे अधिक हो सकती है। माना जाता है कि कैद में मोर करीब 40 सालों तक जिंदा रह सकता है।

कितनी लंबी है मोर की जिंदगी।

कितनी लंबी है मोर की जिंदगी।

भारत में एक लाख से ज्यादा मोर

पर्यावरण और जीव-जंतुओं पर जानकारी देने वाली वेबसाइट के मुताबिक मोर का वजन का आमतौर पर 4-6 किलोग्राम तक होता है। हालांकि कई मामलों में वजन ज्यादा भी देखने को मिला है। अनुमान है कि भारत में मोरों की कुल संख्या एक लाख से ज्यादा है।

Ikramuddin
Ikramuddin author

<p>पत्रकारिता के पेशे में काम करते हुए करीब 9 साल पूरे हो चले हैं। साल 2011-14 में दिल्ली यूनिवर्सिटी (DU) के डॉ. भीमराव आंबेडकर कॉलेज (BRAC) से हिंदी... और देखें

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