PM Modi Jakarta Visit 2026: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपने तीन देशों के राजनयिक दौरे के पहले चरण में इंडोनेशिया की राजधानी जकार्ता पहुंचे, जहां उनका भव्य राजकीय स्वागत किया गया। पीएम मोदी का यह आधिकारिक दौरा दोनों देशों के बीच सदियों पुराने सांस्कृतिक संबंधों को मजबूत करने के साथ-साथ रणनीतिक और रक्षा सहयोग को एक नई ऊंचाई पर ले जाने के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
प्रधानमंत्री मोदी का जकार्ता में औपचारिक स्वागत किया गया। प्रधानमंत्री मोदी आज राष्ट्रपति प्राबोवो के साथ द्विपक्षीय बातचीत करेंगे।
प्रधानमंत्री मोदी ने इस्ताना मर्डेका (राष्ट्रपति महल) में अतिथि पुस्तिका पर हस्ताक्षर किए। इस मौके पर राष्ट्रपति प्रबोवो सुबिआंतो भी मौजूद रहे।
आसमान में फाइटर जेट्स का पहरा, हवाई अड्डे पर सांस्कृतिक नृत्य
प्रधानमंत्री मोदी का विमान जैसे ही बीते दिन सोमवार को इंडोनेशियाई हवाई क्षेत्र में दाखिल हुआ, सम्मान और सुरक्षा के तौर पर इंडोनेशियाई वायुसेना (Indonesian Air Force) के लड़ाकू विमानों (Fighter Jets) ने पीएम मोदी के विमान को आसमान में एस्कॉर्ट किया।
राष्ट्रपति ने खुद किया स्वागत: जकार्ता एयरपोर्ट पर इंडोनेशिया के नवनिर्वाचित राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो (Prabowo Subianto) ने प्रोटोकॉल तोड़कर खुद प्रधानमंत्री मोदी की अगवानी की।
पारंपरिक स्वागत: इसके बाद पीएम मोदी को गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया और इंडोनेशिया के पारंपरिक सांस्कृतिक नृत्य प्रदर्शन के साथ उनका स्वागत किया गया।
2018 के बाद पहली द्विपक्षीय यात्रा, चौथी बार इंडोनेशिया पहुंचे मोदी
राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो के व्यक्तिगत निमंत्रण पर 6 से 8 जुलाई तक चलने वाली यह यात्रा प्रधानमंत्री मोदी की इस दक्षिण-पूर्व एशियाई देश की चौथी यात्रा है।
व्यापक रणनीतिक साझेदारी: साल 2018 में जब दोनों देशों ने अपने राजनयिक संबंधों को 'व्यापक रणनीतिक साझेदारी' में बदला था, उसके बाद से यह दोनों देशों के बीच पहली आधिकारिक और द्विपक्षीय यात्रा है। इस हाई-लेवल बैठक से दोनों देशों के संबंधों को एक नई गति मिलने की उम्मीद है।
रक्षा सहयोग और 'ब्रह्मोस' मिसाइल डील पर टिकी निगाहें
भारत और इंडोनेशिया के बीच इस बैठक में सबसे ऊपर डिफेंस (रक्षा) और समुद्री समन्वय का एजेंडा शामिल है। पिछले कुछ वर्षों में नई दिल्ली और जकार्ता के बीच सुरक्षा संबंध तेजी से बढ़े हैं, जिसका सबसे बड़ा मील का पत्थर इंडोनेशिया द्वारा भारत से 'ब्रह्मोस' सुपरसोनिक क्रूज मिसाइलों (BrahMos Missiles) की खरीद का ऐतिहासिक सौदा है। इसके अलावा दोनों देशों की सेनाएं लगातार संयुक्त युद्धाभ्यास और रक्षा उद्योगों में सहयोग बढ़ा रही हैं।
'महासागर' (MAHASAGAR) विजन और एक्ट ईस्ट पॉलिसी
इस दौरे के दौरान समुद्री सुरक्षा को लेकर भारत के 'महासागर' (MAHASAGAR - Mutual and Holistic Advancement for Security Across the Regions) फ्रेमवर्क पर भी चर्चा होगी। यह हिंद महासागर और इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में सुरक्षा, स्थिरता और समावेशी विकास को बढ़ावा देने का भारत का एक बड़ा विजन है।
प्रधानमंत्री मोदी का बयान, 'यह यात्रा इंडोनेशिया, ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड के साथ भारत के मजबूत होते संबंधों की गति को और आगे बढ़ाएगी। हमारा मुख्य ध्यान रणनीतिक, आर्थिक और दोनों देशों की जनता के बीच आपसी संपर्क (People-to-People Connect) को बढ़ाना है।' इंडोनेशिया के बाद प्रधानमंत्री मोदी अपने इस तीन दिवसीय दौरे के अगले चरणों के लिए रवाना होंगे। इस कूटनीतिक यात्रा से भारत की 'एक्ट ईस्ट पॉलिसी' (Act East Policy) को वैश्विक पटल पर एक नई मजबूती मिलने की उम्मीद है।
