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Monsoon 2026 : मॉनसूनी बारिश से शहर पानी-पानी, आंधी, बिजली, लैंडस्लाइड, बाढ़ की चेतावनी; ट्रेनें लेट तो प्लाइटों के बदले रास्ते

Monsoon 2026: देशभर में मानसून सक्रिय है और अधिकांश राज्यों में अच्छी बारिश से मौसम सुहाना हो गया है। हालांकि, उत्तर भारत में बारिश की रफ्तार धीमी पड़ने के आसार हैं। वहीं, पहाड़ी, पूर्वोत्तर और दक्षिणी राज्यों में भारी बारिश, बाढ़ और जलभराव का खतरा बना हुआ है। IMD ने बिजली गिरने और खराब मौसम को लेकर भी चेतावनी जारी की है।

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देशभर में मॉनसूनी बारिश का कहर (फोटो-AI)

Mansoon 2026 : मॉनसून ने देशभर में अपनी पहुंच बना ली है। अधिकांश राज्यों में तेज हवाओं के साथ अच्छी-खासी बारिश ने मौसम का मिजाज बदल दिया है। हालांकि, उत्तर भारत में अब इसमे कमी आने की संभावना व्यक्त की जा रही है, लेकिन पहाड़ों और पूर्वोत्तर भारत के हिस्सों पर भारी से भारी बारिश का अलर्ट घोषित है। उधर, दक्षिण भारत में मूसलाधार बारिश से जल भराव और नदियों के जलस्तर में बढ़ोतरी से बाढ़ की समस्याएं बढ़ रही हैं। वहीं, महाराष्ट्र और गुजरात में भारी बारिश के कारण नदियां उफान पर हैं। मौसम विभाग की मानें तो उत्तर प्रदेश, बिहार, राजस्थान, हरियाणा, पंजाब और दिल्ली-एनसीआर में बादल तो छाएंगे, लेकिन बारिश की तीव्रता में कमी आएगी। आईएमडी ने खराब मौसम के दौरान आकाशीय बिजली गिरने और ओलावृष्टि की चेतावनी जारी की है। मौसम खराब होने से कई ट्रेनें विलंब से चल रही हैं तो कई फ्लाइट्स के रास्ते बदल दिए गए।

एनसीआर में 'अच्छी' हवा

राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) में पिछले दो दिनों से हो रही निरंतर बारिश ने मौसम का स्वरूप पूरी तरह से बदल दिया है। लोगों को भीषण गर्मी से तो राहत मिली ही है, साथ ही वायु गुणवत्ता (एक्यूआई) में भी अभूतपूर्व सुधार हुआ है। बारिश के कारण वातावरण में मौजूद धूल और हानिकारक प्रदूषक कण धुल गए हैं, जिससे दिल्ली, नोएडा और गाजियाबाद के अधिकांश स्टेशन 'अच्छी' श्रेणी में आ गए हैं। दिल्ली के अलीपुर का एक्यूआई 29 और नोएडा सेक्टर-62 का 32 दर्ज किया गया, जो स्वच्छ हवा का प्रमाण है।

हालांकि, इस राहत के साथ-साथ बारिश ने जलभराव और ट्रैफिक जाम की बड़ी समस्या भी पैदा कर दी है। सड़कों पर भरे पानी के कारण वाहनों की रफ्तार थम गई है, जिससे कार्यालय जाने वाले लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। गाजियाबाद समेत उत्तर प्रदेश के 7 जिलों में एहतियात के तौर पर नर्सरी से कक्षा 12वीं तक के सभी स्कूल बंद कर दिए गए हैं। मौसम विभाग ने 10 जुलाई के लिए येलो अलर्ट जारी किया है और गरज-चमक के साथ हल्की से मध्यम बारिश की संभावना जताई है।

हिमाचल में भूस्खलन और मौतों का सिलसिला

हिमालयी राज्यों हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में मूसलाधार बारिश ने भारी तबाही मचाई है। हिमाचल में भारी बारिश के कारण सड़कें अवरुद्ध हो गई हैं, पुल क्षतिग्रस्त हुए हैं और भूस्खलन की अनेक घटनाएं दर्ज की गई हैं। कुल्लू जिले में पहाड़ी से गिरे पत्थरों की चपेट में आने से 70 वर्षीय शिव राम की मौत हो गई, जबकि सोलन में एक कार पर पत्थर गिरने से दो लोग घायल हो गए। ब्यास नदी का जलस्तर बढ़ने के कारण रिवर राफ्टिंग जैसी साहसिक गतिविधियों पर रोक लगा दी गई है। किन्नौर में सांगला पुल के क्षतिग्रस्त होने से वहां का संपर्क बाकी हिस्सों से कटने का खतरा पैदा हो गया है।

उत्तराखंड में भारी बारिश का अलर्ट

उत्तराखंड में भी स्थिति चिंताजनक है। पिछले 24 घंटों में भारी बारिश के चलते यमुनोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग समेत प्रदेश की 118 सड़कें अवरुद्ध हो गई हैं। हरिद्वार के भगवानपुर में 18 वर्षीय शाहिद की बरसाती नदी में डूबने से मौत हो गई। नैनीताल में होटल के पास पेड़ गिरने से दो राहगीर घायल हुए हैं। देहरादून मौसम विज्ञान केंद्र ने सात जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है और कई जिलों में स्कूलों में अवकाश घोषित किया गया है। बारिश के कारण पहाड़ी क्षेत्रों में कई जगह भूस्खलन हुआ, जिससे प्रदेश भर में करीब 118 सड़कें बंद हो गईं। इन मार्गों को खोलने का काम जारी है। अधिकारियों के अनुसार, उत्तरकाशी जिले में यमुनोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग पर स्यानाचट्टी के पास करीब 100 मीटर सड़क का एक हिस्सा भूस्खलन की चपेट में आकर क्षतिग्रस्त हो गया। इसकी मरम्मत का काम जारी है। वहीं, गंगोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग पर नगून और नालू पानी में पहाड़ी से बोल्डर और पत्थर गिरने के कारण मार्ग बार-बार बाधित हो रहा है। खराब मौसम के बावजूद मलबा हटाने के प्रयास किए जा रहे हैं।

लगातार बारिश के कारण गंगा, यमुना और उनकी सहायक नदियों समेत कई छोटी नदियां उफान पर हैं। केंद्रीय जल आयोग के हवाले से एसईओसी ने बताया कि उत्तरकाशी और देवप्रयाग में भागीरथी नदी, नंदकेसरी में पिंडर, धारचूला में काली और जौलजीबी में गोरी नदी का जलस्तर बढ़ रहा है। हालांकि, नदियों का जलस्तर अभी चेतावनी स्तर से नीचे है, लेकिन उनकी लगातार निगरानी की जा रही है।

देहरादून मौसम विज्ञान केंद्र ने देहरादून, हरिद्वार, पौड़ी, टिहरी, उधमसिंह नगर, नैनीताल और चंपावत जिलों में कुछ स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। वहीं, अन्य जिलों में भी कुछ स्थानों पर भारी बारिश की आशंका जताई गई है। बारिश की चेतावनी के मद्देनजर देहरादून, चमोली, रुद्रप्रयाग, टिहरी, बागेश्वर, नैनीताल, चंपावत और पौड़ी जिलों में कक्षा 12 तक के स्कूल बंद रखे गए।

उत्तर प्रदेश में बारिश का कहर

उत्तर प्रदेश में भारी बारिश से जनजीवन पर गहरा असर पड़ा है। बिजनौर जिले में मालन नदी में नहाने गए तीन में से दो किशोर तेज धारा में बह गए, जिनकी तलाश गोताखोर कर रहे हैं। वहीं, मिर्जापुर में अचानक सड़क धंसने से एक मोपेड सवार पिता और उनके दो बच्चे घायल हो गए। इस घटना का सीसीटीवी फुटेज सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बना हुआ है। प्रारंभिक जांच में पता चला है कि सड़क 10-15 साल पुरानी थी, जबकि पास में ही निर्माण कार्य चल रहा था। लखनऊ, मुजफ्फरनगर, इटावा और गोरखपुर सहित राज्य के कई हिस्सों में झमाझम बारिश दर्ज की गई है।

राजस्थान में दक्षिण-पश्चिम मानसून सक्रिय

राजस्थान में दक्षिण-पश्चिम मानसून के शुक्रवार से कमजोर पड़ने का अनुमान है जिससे भारी बारिश की गतिविधियों पर विराम लगने की संभावना है। विभाग के अनुसार, 10-11 जुलाई से आगामी एक सप्ताह के दौरान राज्य में कमजोर मानसून की परिस्थितियां रहने की प्रबल संभावना है। इस दौरान अधिकांश भागों में मौसम मुख्यत: शुष्क रहने और केवल छिटपुट स्थानों पर हल्की बारिश होने का अनुमान है। वहीं, शुक्रवार सुबह तक पिछले 24 घंटों में राज्य में कहीं-कहीं बादल गरजने एवं झोंकेदार हवाएं चलने के साथ हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की गई। सबसे अधिक 56.0 मिलीमीटर बारिश अजमेर के केकड़ी में हुई। इसके अलावा अंता (बारां) में तीन सेंटीमीटर, बानसूर (अलवर) में तीन सेंटीमीटर, चूरू में तीन सेंटीमीटर तथा लक्ष्मणगढ़ (सीकर) में दो सेंटीमीटर बारिश हुई।

हरियाणा और पंजाब में बारिश से आफत

हरियाणा और पंजाब के कई हिस्सों में शुक्रवार को बारिश हुई और कई स्थानों पर दिन का तापमान सामान्य से कम रहा। चंडीगढ़ में भी दिन के समय हल्की मानसूनी बारिश हुई और अधिकतम तापमान 32.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। मौसम विभाग के अनुसार, हरियाणा में अंबाला, हिसार, सिरसा, करनाल और सोनीपत समेत कई जगहों पर बारिश हुई, जबकि पंजाब के बठिंडा और अबोहर में भी बादल बरसे। अंबाला में अधिकतम तापमान 31 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से चार डिग्री कम है। करनाल में अधिकतम तापमान 29.5 डिग्री सेल्सियस रहा, जो सामान्य से चार डिग्री कम है, जबकि नारनौल में अधिकतम तापमान 34.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से तीन डिग्री कम है। गुरुग्राम में अधिकतम तापमान 32.9 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। पंजाब में अमृतसर में अधिकतम तापमान 35 डिग्री सेल्सियस रहा। पटियाला में अधिकतम तापमान 32 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से दो डिग्री से ज्यादा कम है, जबकि लुधियाना में अधिकतम तापमान 34 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।

मुंबई और पूर्वोत्तर में मानसून की मार

मुंबई में पिछले दिनों हुई भारी बारिश और तेज हवाओं ने पेड़ों के गिरने की हजारों घटनाएं पैदा की हैं, जिनमें पांच से अधिक लोगों की जान चली गई है। महाराष्ट्र की पर्यावरण मंत्री पंकजा मुंडे ने बताया कि सरकार प्रभावितों को मुआवजा दे रही है और इस बात की जांच कराई जाएगी कि पेड़ कमजोर होने के कारण गिरे या तेज हवाओं के कारण। सरकार ने 300 करोड़ पेड़ लगाने का संकल्प लिया है। शुक्रवार को मुंबई में मौसम साफ रहा, लेकिन रुक-रुक कर बारिश की संभावना बनी हुई है।

पूर्वोत्तर भारत, विशेषकर मिजोरम में भी स्थिति गंभीर है। लुंगलेई जिले में नदी का जलस्तर बढ़ने से 80 से अधिक परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर पहुँचाया गया है। भूस्खलन के कारण राष्ट्रीय राजमार्ग 54 और आइजोल-थेनजॉल-लुंगलेई राजमार्ग अवरुद्ध होने से कई इलाके कट गए हैं। असम राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने भी भारी वर्षा और भूस्खलन के खतरे को देखते हुए लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है।

मानसून की सक्रियता ने जलभराव, ट्रैफिक जाम, और भूस्खलन की लगातार आ रही खबरें प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती बनी हुई हैं। जहा पंजाब, हरियाणा, दिल्ली और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में आने वाले दिनों में मौसम शुष्क होने की उम्मीद है, वहीं बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल, ओडिशा और पूर्वोत्तर राज्यों में भारी बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है। ऐसे में आम नागरिकों का धैर्य और प्रशासन की त्वरित प्रतिक्रिया ही इस मानसून की मार से बचाव का मुख्य माध्यम है।

Pushpendra kumar
पुष्पेंद्र कुमार author

पुष्पेंद्र कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में चीफ कॉपी एडिटर के रूप में सिटी डेस्क पर कार्यरत हैं। जर्नलिज्म में मास्टर्स डिग्री हासिल करने के बाद से ... और देखें

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