देश

कोई कितना भी चाहे, हम जुदा नहीं होंगे...फडणवीस संग रिश्तों पर एकनाथ शिंदे ने शेर सुनाकर दिया विपक्ष को जवाब

मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और अपने बीच मतभेद पैदा करने की कोशिशों पर पलटवार करते हुए शिंदे ने कहा कि दोनों के बीच पूरा विश्वास है। इसे जाहिर करने के लिए उन्होंने सदन में फडणवीस को समर्पित एक उर्दू शेर सुनाया।

Image

फडणवीस संग रिश्तों पर एकनाथ शिंदे ने शेर सुनाकर दिया विपक्ष को जवाब

महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने शुक्रवार को विधान परिषद में अपने संबोधन के दौरान सत्तारूढ़ गठबंधन का जोरदार बचाव किया। उन्होंने विपक्ष पर मीडिया ट्रायल करने का आरोप लगाया और सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं तथा बुनियादी ढांचा परियोजनाओं की उपलब्धियां गिनाईं। पिछले सप्ताह विपक्ष द्वारा लाए गए प्रस्ताव पर जवाब देते हुए शिंदे ने गठबंधन में दरार की अटकलों को खारिज किया। उन्होंने ठाकरे गुट पर भी तंज कसा और राज्य की प्रमुख विकास परियोजनाओं तथा किसानों के लिए उठाए गए कदमों की जानकारी दी।

मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और अपने बीच मतभेद पैदा करने की कोशिशों पर पलटवार करते हुए शिंदे ने कहा कि दोनों के बीच पूरा विश्वास है। इसे जाहिर करने के लिए उन्होंने सदन में फडणवीस को समर्पित एक उर्दू शेर सुनाया।

'हम वो नहीं जो दिल तोड़ देंगे, थाम कर हाथ फिर साथ छोड़ देंगे। पानी की तरह दोस्ती हमारी, कोई कितना भी चाहे, हम जुदा नहीं होंगे।'(हम ऐसे लोग नहीं हैं जो दिल तोड़ दें या हाथ पकड़ने के बाद साथ छोड़ दें। हमारी दोस्ती पानी की तरह है, कोई कितना भी प्रयास कर ले, हमें अलग नहीं कर सकता।)

राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी प्रमुख शरद पवार के एकनाथ शिंदे के ऑफिस पहुंचने पर उपमुख्यमंत्री ने कहा कि यह केवल शिष्टाचार का मामला था, कोई राजनीतिक रणनीति नहीं।उन्होंने बताया कि सीमा विवाद से संबंधित एक बैठक के बाद शरद पवार उनके कार्यालय में गए थे, जबकि उस समय वह कैबिनेट बैठक में मौजूद थे।

शिंदे ने कहा, 'शरद पवार एक वरिष्ठ नेता हैं। जैसे ही मुझे पता चला कि वे मेरे कार्यालय में हैं, मैंने महाराष्ट्र की परंपरा के अनुसार उन्हें शॉल और श्रीफल देकर स्वागत किया।' उन्होंने कहा कि इस पर की जा रही आलोचना केवल ईर्ष्या और बेचैनी का परिणाम है।शिंदे ने शिवसेना (यूबीटी) के नेता और विधान परिषद सदस्य मिलिंद नार्वेकर की भी सराहना की। उन्होंने कहा कि मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे के 'मिसिंग लिंक' प्रोजेक्ट की सुरक्षा संबंधी तथ्यों पर सच बोलने का साहस दिखाने के लिए नार्वेकर प्रशंसा के पात्र हैं। साथ ही उन्होंने अन्य विपक्षी नेताओं पर तथ्य जांचे बिना आलोचना करने का आरोप लगाया।

'कुछ लोगों को सत्ता में रहते समय केवल 'दाम' (पैसा और ताकत) की चिंता रहती है'

उद्धव ठाकरे गुट के 'राम रक्षा' आंदोलन पर कटाक्ष करते हुए शिंदे ने कहा कि 'कुछ लोगों को सत्ता में रहते समय केवल 'दाम' (पैसा और ताकत) की चिंता रहती है और सत्ता जाने के बाद उन्हें 'राम' याद आते हैं।'उन्होंने शिवसेना (यूबीटी) के चुनाव चिन्ह 'मशाल' पर भी तंज कसते हुए कहा कि वे दावा करते हैं कि भगवान हनुमान ने मशाल से लंका जलाई थी। शिंदे ने व्यंग्य करते हुए कहा, 'अगर उनका चुनाव चिन्ह सिगरेट लाइटर होता तो शायद वे कहते कि हनुमान जी ने लाइटर से लंका जलाई थी।'

सदन का उपयोग जनता की समस्याओं के समाधान के लिए होना चाहिए

शिंदे ने कहा कि सदन का उपयोग जनता की समस्याओं के समाधान के लिए होना चाहिए, न कि मीडिया ट्रायल के लिए।उन्होंने बताया कि 1 जुलाई के बाद मुंबई, पुणे, नासिक और पालघर में भारी बारिश हुई है, जबकि विदर्भ और मराठवाड़ा के कुछ क्षेत्रों में अभी भी पर्याप्त वर्षा का इंतजार है।उन्होंने कहा कि राज्य में 50 से 55 प्रतिशत बुआई पूरी हो चुकी है और किसानों को किसी भी स्थिति में अकेला नहीं छोड़ा जाएगा। उन्होंने बताया कि फसल नुकसान मुआवजे, घोंघों से फसल को हुए नुकसान की भरपाई और दो लाख रुपए तक की कर्जमाफी के लिए सरकार पहले ही हजारों करोड़ रुपए आवंटित कर चुकी है।

'मिसिंग लिंक' परियोजना का बचाव

पंढरपुर और आलंदी की वार्षिक यात्रा के लिए सरकार द्वारा किए गए विशेष इंतजामों की जानकारी देते हुए शिंदे ने बताया कि श्रद्धालुओं के लिए टोल शुल्क में छूट, 5,500 राज्य परिवहन बसों की व्यवस्था, स्वास्थ्य सुविधाएं, मोबाइल शौचालय और एयर एम्बुलेंस सेवा उपलब्ध कराई गई है। 'मिसिंग लिंक' परियोजना का बचाव करते हुए उन्होंने कहा कि इसमें सुरक्षा के सभी मानकों का कड़ाई से पालन किया गया है। परियोजना पूरी होने के बाद मुंबई और पुणे के बीच यात्रा समय 40 मिनट तक कम हो जाएगा और प्रतिदिन लगभग एक करोड़ रुपए के ईंधन की बचत होगी।अपने संबोधन के अंत में शिंदे ने विपक्ष को चेतावनी देते हुए कहा कि महत्वपूर्ण विकास परियोजनाओं पर बेबुनियाद आरोप लगाना महाराष्ट्र की प्रगतिशील छवि को नुकसान पहुंचाता है।

Ravi Vaish
रवि वैश्य author

रवि वैश्य टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल के न्यूज डेस्क पर कार्यरत एक सीनियर जर्नलिस्ट हैं, जिन्हें पत्रकारिता में 20 वर्षों का व्यापक अनुभव हासिल है। खबरों... और देखें

End of Article