सोशल मीडिया पर वाइल्डलाइफ से जुड़े कई ऐसे वीडियो सामने आते हैं, जिन्हें देखकर हम दंग रह जाते हैं। हाल में कुछ ऐसा ही नजारा एक बार फिर से देखने को मिला। जहां एक खास प्रजाति के बंदर ने अपनी होशियारी से लोगों को चौंका दिया। फिलहाल इस बंदर का वीडियो इस वक्त सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है।
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असम के होलोंगापार गिब्बन सैंक्चुरी यह वीडियो हुआ वायरल
यह वीडियो (Video) असम का बताया जा रहा है। जिसे सोशल साइट एक्स पर पूर्व भारतीय वन अधिकारी सुशांत नंदा ने पोस्ट किया है। उन्होंने अपने पोस्ट में इस वीडियो के बारे में कुछ जानकारी भी दी है। जहां उन्होंने वीडियो के कैप्शन में लिखा, "क्या आप जानते हैं कि हूलॉक गिब्बन भारत के एकमात्र वानर प्रजाति हैं, जो अपना लगभग पूरा जीवन पेड़ों की चोटियों पर ही बिताते हैं? आप यहां जो देख रहे हैं, वह यह है कि वे किस तरह एक मानव-निर्मित पुल का इस्तेमाल कर रहे हैं। इस पुल को विशेष रूप से असम के होलोंगापार गिब्बन सैंक्चुरी में उनके लिए ही बनाया गया है। यह न केवल इस सैंक्चुरी में किसी गिब्बन द्वारा पुल के इस्तेमाल का पहला पुष्ट मामला है, बल्कि पूरी दुनिया में भी यह पहला ऐसा दस्तावेजित उदाहरण है, जिसमें किसी गिब्बन को रेलवे लाइन के ऊपर बने इस तरह के किसी ढांचे का इस्तेमाल करते हुए देखा गया हो।"
इंसानों के बनाए गए पुल को पार करता दिखा बंदर
यह वायरल वीडियो (Viral Video) असम के होलोंगापर गिब्बन सैंक्चुरी का है, जहां जंगल के बीच से गुजरने वाली रेलवे लाइन जानवरों के लिए खतरा बन जाती थी। इसी समस्या को हल करने के लिए पेड़ों के ऊपर एक खास कैनोपी ब्रिज यानी जाल और रस्सियों से बना पुल तैयार किया गया। वीडियो में आप देख सकते हैं कि हूलॉक गिब्बन वानर बड़े आराम से इस पुल पर चलते हुए दिखाई दे रहा है। वह अपने लंबे हाथों से कमाल का बैलेंस बनाते हुए आगे बढ़ रहा है और ऐसे ही करके वह धीरे-धीरे एक किनारे से दूसरे किनारे तक पहुंच जाता है। बीच-बीच में वह थोड़ी देर के लिए रुकता भी है, लेकिन आखिरकार वह बिना डर के अपना रास्ता बहुत ही आराम से तय कर लेता है। इस वीडियो को लेकर यह बताया जा रहा है कि पहली बार किसी हूलॉक गिब्बन वानर को इस तरह के इंसानों द्वारा बनाए गए पुल का इस्तेमाल करते हुए देखा गया है, वह भी एक चलती रेलवे लाइन के ऊपर।
असम के सीएम ने भी वीडियो को किया शेयर
इस वायरल वीडियो (Viral Video) को असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने भी अपने एक्स अकाउंट से शेयर किया है। उन्होंने वीडियो के कैप्शन में लिखा है, "होलोंगापार से एक खुशी का पल, पेड़ों पर बना कैनोपी ब्रिज लगाने के एक साल बाद, एक हूलॉक गिब्बन अब इसका इस्तेमाल रेलवे ट्रैक को सुरक्षित रूप से पार करने के लिए कर रहा है। यह एक छोटा लेकिन महत्वपूर्ण उदाहरण जो दिखाता है कि कैसे साइंस की मदद से किए गए काम संरक्षण में असली बदलाव ला सकते हैं।"
डिस्क्लेमर: इस खबर में दी गई जानकारी सोशल मीडिया पोस्ट पर आधारित है। टाइम्स नाउ नवभारत किसी भी प्रकार के दावे की पुष्टि नहीं करता है।
