Viral Video: सोशल मीडिया पर एक वीडियो बहुत तेजी से वायरल हो रहा है, जिसने लोगों के दिलों को छू लिया है। इस वीडियो में एक डिलीवरी एजेंट को देखा जा सकता है, जो एक बड़ी और भारी पार्सल लेकर छह मंजिला इमारत की सीढ़ियां चढ़ रहा है। उसकी पीठ पर रखा पार्सल इतना भारी है कि हर कदम पर उसकी कमर झुक जाती है और चलना मुश्किल हो जाता है। यहां खास बात यह है कि सोसायटी में लिफ्ट ठीक से काम कर रही थी, लेकिन कुछ नियमों के कारण डिलीवरी एजेंट को लिफ्ट का इस्तेमाल करने की अनुमति नहीं मिली।
धीरे-धीरे सीढ़ियों से छठी मंजिल तक पहुंचा
इस वजह से उसे सीढ़ियां चढ़नी पड़ीं, जो उसके लिए बहुत कठिन था। वीडियो में साफ दिख रहा है कि भारी सामान के चलते उसका संतुलन बिगड़ रहा था और एक बार तो वह फिसलने के कगार पर था, लेकिन फिर भी उसने हार नहीं मानी। धीरे-धीरे और मुश्किल से वह छठी मंजिल तक पहुंचा।जब वह मंजिल पर पहुंचा, तो पार्सल उतारना भी उसके लिए आसान नहीं था। इस पूरी मेहनत को देखकर कई लोगों की आंखें नम हो गईं और कुछ लोगों का गुस्सा भी फूट पड़ा। वे इस बात से नाराज हैं कि ऐसे नियम बनाकर उन मजदूरों के साथ इस तरह का व्यवहार किया जाता है, जो दिन-रात मेहनत करते हैं।
खूब देखा जा रहा है वीडियो
वे मजदूरों के लिए सहानुभूति जाहिर कर रहे हैं और उन नियमों की आलोचना कर रहे हैं, जो आम आदमी की परेशानियों को बढ़ाते हैं। कई लोग मांग कर रहे हैं कि ऐसे नियम बदलने चाहिए ताकि मेहनत करने वालों को उचित सुविधा मिल सके। यह वीडियो हमें यह सोचने पर मजबूर करता है कि ऐसे लोगों की मेहनत की कदर करनी चाहिए और उनके काम को आसान बनाने के लिए कदम उठाने चाहिए। हमें यह समझना होगा कि ये डिलीवरी एजेंट हमारी सुविधाओं के लिए दिन-रात काम करते हैं और उनकी परेशानियों को समझना जरूरी है।
इस घटना ने साफ दिखा दिया कि नियम कितने भी सही क्यों न हों, अगर वे इंसानियत को नजरअंदाज करें तो वे गलत हो जाते हैं। हमें अपने समाज में इस तरह की समस्याओं को खत्म करने की कोशिश करनी चाहिए और सभी के लिए बेहतर माहौल बनाना चाहिए। इस वीडियो को सोशल मीडिया के एक्स पर @Abhishekkkk10 नामक अकाउंट से शेयर किया गया है। जिसे अभी तक 89 हजार से ज्यादा बार देखा गया है। वीडियो को पोस्ट करने के बाद इसके कैप्शन में लिखा है: "सोसाइटी के सदस्यों ने पैकर्स और मूवर्स को लिफ्ट का इस्तेमाल करने की अनुमति नहीं दी, और डिलीवरी वाले को भारी सामान छठी मंजिल तक लाने के लिए सीढ़ियों का इस्तेमाल करना पड़ा।"
डिस्क्लेमर: इस खबर में दी गई जानकारी सोशल मीडिया पोस्ट पर आधारित है। टाइम्स नाउ नवभारत किसी भी प्रकार के दावे की पुष्टि नहीं करता है।
