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Trending News: सोशल मीडिया पर वायरल हुआ 'नेकदिल ऑटो ड्राइवर', इन महिलाओं को फ्री में दे रहा कई खास सुविधाएं

Trending News: बेंगलुरु के एक Rapido Auto Driver मादेश के की सादगी और इंसानियत सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है। सॉफ्टवेयर इंजीनियर उदय पटेल ने LinkedIn पर अपना अनुभव शेयर किया, जिसमें बताया कि ऑटो में पानी, टिश्यू, सैनिटाइजर और गर्भवती महिलाओं के लिए सुविधा देखकर वे हैरान रह गए।

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LinkedIn पर वायरल हुई Rapido कैप्टन की कहानी (फोटो: LinkedIn/Udya Patel)

Trending News: आज के तेज रफ्तार समय में ज्यादातर लोग अपनी ही दुनिया में उलझे रहते हैं। ऐसे में बेंगलुरु के एक Rapido ऑटो ड्राइवर ने अपनी छोटी-छोटी कोशिशों से लोगों का दिल जीत लिया है। उदय पटेल नामक एक सॉफ्टवेयर इंजीनियर ने अपने ऑटो सफर का अनुभव LinkedIn पर शेयर किया, जिसमें उन्होंने बताया कि कैसे उस ड्राइवर की सादगी और सोच ने उनकी यात्रा को खास बना दिया। उदय अपने पोस्ट में लिखते हैं कि आज मुझे एक ऑटो ड्राइवर मिला, जिसने रोजमर्रा की इंसानियत पर मेरा भरोसा फिर से जगा दिया। मैं हमेशा की तरह एक ऑटो में बैठा, यह सोचकर कि यह भी बाकी यात्राओं जैसा ही होगा।

कुछ किताबें और थे जरूरी सामान भी

लेकिन अंदर जाते ही कुछ अलग सा महसूस हुआ। ऑटो के भीतर एक छोटा सा बोर्ड टंगा था, जिस पर लिखा था: WELCOME – FREE for our customer। उसके नीचे कुछ जरूरी और प्यारी चीजें रखी थीं। पीने का पानी, टिश्यू पेपर, कॉटन, हैंड सैनिटाइजर और गर्भवती महिलाओं के लिए विशेष ध्यान का उल्लेख। पास ही एक बोतल सलीके से रखी थी। सीट के पास प्यार से बंधे हुए नकली फूल थे। कुछ किताबें और जरूरी सामान भी करीने से सजाया गया था। न कोई दिखावा, न कोई प्रचार। बस सादगी और सोच-समझकर की गई व्यवस्था। उदय अपने पोस्ट में आगे लिखते हैं कि उनका नाम मादेश के है। जो रैपिडो के ऑटो कैप्टन हैं। उन्होंने कुछ कहा नहीं, न तारीफ की उम्मीद की। वे शांति से गाड़ी चलाते रहे, जैसे दूसरों की मदद करना उनकी रोजमर्रा की आदत हो।

rapido auto driver

Linkdin/Uday Patel

इंसानियत, सही नीयत और स्टीयरिंग के पीछे एक अच्छा दिल होना भी काफी

आज की दुनिया में जहां लोग जल्दबाजी में एक-दूसरे को अनदेखा कर देते हैं, और अच्छाई अक्सर कैमरे के सामने दिखाई जाती है, वहां मादेश ने चुपचाप सेवा करना चुना। उन्होंने अपने छोटे से ऑटो को एक सुरक्षित और संवेदनशील जगह बना दिया। थके हुए यात्रियों के लिए, गर्भवती महिलाओं के लिए, और उस इंसान के लिए जिसे बस एक घूंट पानी या थोड़ा सा ध्यान चाहिए। जब मैं ऑटो से उतरा, तो मेरे साथ सिर्फ सफर पूरा होने का एहसास नहीं था, बल्कि एक सीख भी थी कि फर्क पैदा करने के लिए अमीर, ताकतवर या बड़ा पद होना जरूरी नहीं। कभी-कभी बस इंसानियत, सही नीयत और स्टीयरिंग के पीछे एक अच्छा दिल ही काफी होता है। आज का दिन सिर्फ एक ऑटो ड्राइवर से मिलने का नहीं था। आज मैंने तीन पहियों पर चलती मेहरबानी से मुलाकात की। धन्यवाद मादेश के। और धन्यवाद रैपिडो, ऐसे लोगों को सड़क पर लाने के लिए।

डिस्क्लेमर: इस खबर में दी गई जानकारी सोशल मीडिया पोस्ट पर आधारित है। टाइम्स नाउ नवभारत किसी भी प्रकार के दावे की पुष्टि नहीं करता है।

monu jha
मोनू झा author

मोनू कुमार टाइम्स नाउ नवभारत की डिजिटल टीम में वायरल और ट्रेंडिंग डेस्क पर काम कर रहे हैं। न्यूजरूम में 4 साल से अधिक का अनुभव रखने वाले मोनू वायरल कं... और देखें

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