किसी जंगली जानवर को उसके प्राकृतिक माहौल में छोड़ने के बाद आमतौर पर उम्मीद होती है कि वह धीरे-धीरे जंगल या समुद्र की जिंदगी में वापस ढल जाएगा लेकिन चीन की एक सील ने ऐसा नहीं किया। उसे खुले समुद्र में छोड़ा गया, लेकिन महज छह दिन बाद वह करीब 200 किलोमीटर का सफर तय करके फिर उसी द्वीप पर पहुंच गई, जहां उसने इंसानों के बीच लंबा वक्त बिताया था। इस सील का नाम है नाना और उसकी कहानी इन दिनों चीन के सोशल मीडिया (Social Media) पर खूब वायरल (Viral) हो रही है।
200 KM तैरकर पुराने ठिकाने पर पहुंची सील
साउथ चाइना मॉर्निंग पोस्ट के अनुसार, नाना करीब दो साल की है। उसे 7 सितंबर को लियाओनिंग प्रांत के समुद्री इलाके में खुले समुद्र में छोड़ा गया था। उसके शरीर पर लगाए गए ट्रैकिंग डिवाइस से एक्सपर्ट्स को उसकी हर एक एक्टिविटिज़ का पता चलता रहा। 13 सितंबर को वह दोबारा डाचांगशान आइलैंड के किनारे नजर आई। उसकी वास्तविक तैराकी दूरी करीब 200 किलोमीटर आंकी गई, क्योंकि वह सीधे रास्ते से नहीं बल्कि कई समुद्री इलाकों और द्वीपों के पास से होकर लौटी थी।
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तूफान के बाद मिली थी नाना
नाना की कहानी काफी पुरानी है। सितंबर 2024 में एक तूफान के बाद उसे चीन के गुआंग्शी इलाके के समुद्र तट पर घायल अवस्था में पाया गया था। उस समय वह बहुत छोटी थी। स्थानीय लोगों और अधिकारियों ने उसकी देखभाल की और उसका इलाज कराया। बाद में उसे दोबारा समुद्र में स्वतंत्र रूप से रहने के लिए तैयार किया गया। नवंबर 2025 में उसे लियाओनिंग प्रांतीय इंस्टीट्यूट ऑफ मरीन फिशरीज साइंसेज के समुद्री जीव संरक्षण केंद्र में भेजा गया, जहां उसे जंगली वातावरण में रहने और खुद भोजन तलाशने की ट्रेनिंग दी गई। इसके बाद नाना को दूसरी सीलों के साथ समुद्र में छोड़ा गया। बाकी सीलें जंगली सीलों के समूह के साथ आगे बढ़ गईं, लेकिन नाना डाचांगशान आइलैंड के आसपास ही रहने लगी। इंसानों के आसपास उसका नजर आना लोगों के लिए आकर्षण का कारण बन गया।
इंसानों के पास क्यों लौटती है नाना?
एक्सपर्ट्स के मुताबिक, नाना को लंबे समय तक इंसानों ने संभाला और उसकी देखभाल की। ऐसे में उसके व्यवहार में इंसानों के प्रति डर कम हो सकता है और वह इंसानी इलाके को सुरक्षित जगह समझ सकती है। हालांकि, विशेषज्ञ यह भी मानते हैं कि नाना की वापसी के पीछे सिर्फ इंसानों से लगाव ही कारण नहीं हो सकता। डाचांगशान इलाके में साफ पानी, भोजन और आराम करने के लिए उपयुक्त जगह भी मौजूद हैं। नाना की इस वापसी ने लोगों को जरूर भावुक कर दिया है। करीब 200 किलोमीटर तैरकर पुराने ठिकाने पर लौटने की उसकी कहानी सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही है।
प्रशासन ने लोगों से की खास अपील
नाना भले ही इंसानों से घुली-मिली नजर आती हो, लेकिन अधिकारियों ने लोगों से उसके पास जाने, उसे छूने या खाना खिलाने से बचने की अपील की है। उनका कहना है कि ज्यादा इंसानी दखल उसके प्राकृतिक व्यवहार को प्रभावित कर सकता है। लोगों से उसे दूर से देखने और बिना परेशान किए छोड़ देने को कहा गया है।
