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आठ महीने पुलिस की कैद में रहा ये कबूतर, वजह चौंका देगी

  • Authored by: Ikramuddin
  • Updated Feb 5, 2024, 12:35 PM IST

मुंबई पुलिस ने जासूसी के शक में एक कबूतर को करीब आठ महीनों तक कैद में रखा। मगर जांच में कुछ और ही सामने आया।

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तस्वीर का इस्तेमाल केवल प्रतीकात्मक रूप से किया गया है।

KEY HIGHLIGHTS
  • जासूसी के शक में पकड़ा गया कबूतर
  • जांच में कुछ ही सामने आया
  • आठ महीने बाद हुआ रिहा

कबतूर को सबसे समझदार पक्षियों में से एक माना जाता है। पुराने जमाने में राजा-महाराजा सूचनाओं को पहुंचाने में कबूतर का ही इस्तेमाल करते थे। मगर आधुनिक समय में अब इन्हीं कबतूर का इस्तेमाल जासूसी के लिए भी किया जाने लगा है। ऐसा ही एक हैरान करने वाला मुंबई में सामने आया, जहां पुलिस ने महीनों पहले एक कबूतर को जासूसी के आरोप में गिरफ्तार किया। कबूतर पर चीन के लिए जासूसी करने का आरोप था और इसी आरोप के चलते उसे कैद कर लिया गया। मगर करीब आठ महीने पर कबूतर को कैद से रिहा कर दिया गया।

जासूसी के शक में पकड़ा

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक पुलिस 2023 के मई महीने में कबूतर को मुंबई बंदरगाह से पकड़ा। पुलिस को कबूतर पर जासूसी का शक हुआ और हिरासत में ले लिया गया। दरअसल कबूतर को जब पकड़ा गया तब उसके पैर में दो छल्ले बंधे। इनमें चीनी भाषा में कुछ लिखा होने की बात कही गई। उसपर जासूसी का शक हुआ और कबूतर को बंदी बना लिया। उसे मुंबई के ही बाई साकर बाई दिनशॉ पेटिट हॉस्पिटल फॉर एनिमल्स में भेज दिया गया।

आठ महीने बाद रिहा कबूतर

इधर जासूसी के संबंध में कबूतर के खिलाफ जांच जारी रही। मगर करीब आठ महीने बाद पता चला कि कबूतर चीन के लिए जासूसी नहीं कर रहा था बल्कि ताइनवान का एक पक्षी था। रास्ता भटकते हुए उड़कर भारत में आ गया। अब कबूतर के निर्दोष होने के बाद पुलिस ने उसे रिहा कर दिया।
Ikramuddin
Ikramuddin author

<p>पत्रकारिता के पेशे में काम करते हुए करीब 9 साल पूरे हो चले हैं। साल 2011-14 में दिल्ली यूनिवर्सिटी (DU) के डॉ. भीमराव आंबेडकर कॉलेज (BRAC) से हिंदी पत्रकारिता में ग्रेजुएशन किया। फिर भारतीय जनसंचार संस्थान (IIMC) नई दिल्ली से साल 2015 में पीजी डिप्लोमा किया। इसके बाद पत्रकारिता के क्षेत्र में दाखिल हुए और सीखने का सिलसिला आज तक जारी है। पत्रकारिता की पढ़ाई करने के बाद सबसे पहले लाइव इंडिया टीवी चैनल के डिजिटल प्लेटफॉर्म में काम करने का मौका मिला। लाइव इंडिया डॉट कॉम में करीब दो साल तक काम किया और बहुत कुछ सीखा। राजनीति, खेल और अपराध के साथ तमाम क्षेत्रों में जमकर खबरें बनाईं और हर दिन कुछ नया सीखने का मौका मिला।चुनाव से जुड़ी बारीकियों और जनता से जुड़े मुद्दों को खबरों की शक्ल में कवर करने का काम इसी संस्थान में रहते हुए सीखा। चुनाव में आम लोगों के बुनियादी मुद्दों को समझने और उन्हें खबरिया प्लेटफॉर्म तक लाने का काम भी बखूबी सीखा। खबरों की बारीकियां सीखने और समझने के दौरान इंडियन एक्सप्रेस ग्रुप के डिजिटल प्लेटफॉर्म जनसत्ता में काम किया। यहां करीब चार साल के करियर के दौरान खबरों से जुड़ी दूसरी बारीकियों को समझना जारी रखा। यहां ट्रेंडिंग खबरों पर खासा ध्यान रहा। सोशल मीडिया से जुड़ी तमाम बारीकियों को समझने का मौका इसी संस्थान में मिला। जनसत्ता डॉट कॉम में करीब चार साल बिताने के बाद जी मीडिया ग्रुप के इंडिया डॉट कॉम डिजिटल प्लेटफॉर्म से जुड़ने का मौका मिला। यहां वायरल, ऑफबीट, टीवी डिबेट और यूट्यूब जैसे प्लेटफॉर्म से रोचक खबरें बनाई। इंडिया डॉट कॉम में करीब दो साल बिताने के बाद सितंबर 2023 में टाइम्स नेटवर्क की प्लेटफॉर्म Timesnowhindi.com में वायरल टीम का हिस्सा हूं।</p>

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