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OMG: बिना इंजन के पटरियों पर दौड़ती है भारत की यह ट्रेन, कहलाती है स्पीड की रानी

Interesting Facts: आपको जानकर आश्चर्य होगा कि इस ट्रेन में इंजन नहीं होता है। यह ट्रेन पूरी तरह ऑटोमेटिक है। इससे पहले भारतीय ट्रेनों में एक अलग इंजन कोच लगा होता था, लेकिन वंदे भारत एक्सप्रेस में बुलेट ट्रेन या मेट्रो की ही तरह एंटीग्रेटेड यानी एकीकृत इंजन होता है। यह इंजन हर कोच के साथ लगा होता है।

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वंदे भारत (फोटो साभार- iStock)

Interesting Facts: भारत में हर दिन 13 हजार से अधिक यात्री ट्रेनें चलती हैं। भारतीय रेलवे दुनिया की चौथी सबसे बड़ी रेल सेवा है। भारत में कई ट्रेनें 150 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से दौड़ती हैं। वहीं आज हम आपको भारत की एक ऐसी ट्रेन के बारे में बताने जा रहे हैं, जो बिना इंजन के पटरियों पर दौड़ती है। आप सोच रहे होंगे कि यह ट्रेन ज्यादा तेज नहीं चलती होगी तो बता दें कि यह देश की सबसे तेज चलने वाली ट्रेन भी है। अपनी तेज गति के कारण यह स्पीड की रानी कहलाती है।

बिना इंजन के पटरियों पर दौड़ती है यह ट्रेन

हम जिस ट्रेन के बारे में बात कर रहे हैं, उसका नाम वंदे भारत एक्सप्रेस है। आपको जानकर आश्चर्य होगा कि इस ट्रेन में इंजन नहीं होता है। यह ट्रेन पूरी तरह ऑटोमेटिक है। इससे पहले भारतीय ट्रेनों में एक अलग इंजन कोच लगा होता था, लेकिन वंदे भारत एक्सप्रेस में बुलेट ट्रेन या मेट्रो की ही तरह एंटीग्रेटेड यानी एकीकृत इंजन होता है। यह इंजन हर कोच के साथ लगा होता है। इस इंजनलेस इलेक्ट्रिक ट्रेन को चलाने के लिए पूरा सिस्टम इसकी बोगियों में ही फिट है।

साल 2019 में लॉन्च हुई थी पहली वंदे भारत ट्रेन

भले ही वंदे भारत ट्रेन इंजनलेस है, लेकिन अभी भी इस ट्रेन को चलाने के लिए उसमें लोको पायलट मौजूद रहते हैं। वंदे भारत एक्सप्रेस की टॉप स्पीड 180 किमी. प्रति घंटा तक जा सकती है। वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेन को चेन्नई के इंटिग्रल कोच फैक्ट्री (आईसीएफ) में बनाया गया है। यह स्पीड के मामले में राजधानी और शताब्दी ट्रेनों से भी आगे है। देश की पहली इंजनलेस ट्रेन वाराणसी-दिल्ली वंदे भारत एक्सप्रेस थी, जिसकी लॉन्चिंग साल 2019 में हुई था। इंजन नहीं होने के कारण ही इस ट्रेन की रफ्तार इतनी अधिक होती है। अब कई दर्जन वंदे भारत ट्रेनें देश के विभिन्न रूटों पर दौड़ रही हैं। जो यात्रियों के सफर को आसान बना रही हैं। इस ट्रेन में स्वचालित मेट्रो की तरह दरवाजे खुद खुलते और बंद होते हैं।

Aditya Sahu
आदित्य साहूauthor

आदित्य साहू टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में स्पोर्ट्स और ट्रेडिंग कंटेंट लिखतें हैं। जर्नलिज्म में मास्टर्स की डिग्री हासिल करने के बाद वह पिछले 10 सालों से मीडिया में सक्रिय हैं। स्पोर्ट्स इवेंट की रियल टाइम कवरेज, डाटा टॉपिक्स और अनोखे कंटेंट आइडियाज को आकर्षक और एंगेजिंग तरीके से प्रस्तुत करना आदित्य की खासियत है। उनकी कॉपी राइटिंग और इंटरेस्टिंग हेडलाइन बनाने की क्षमता उन्हें डिजिटल दुनिया में अलग पहचान देती है। 15,000 से अधिक बायलाइन स्टोरी पब्लिश कर चुके आदित्य का लक्ष्य हर खबर को यूनिक एंगल और स्टोरीटेलिंग के रोचक अंदाज में पेश करना है।

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