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आधी आबादी का अपमान पड़ेगा भारी, इंदौर में ‘छात्रों की गूंज’ के मंच से क्या राहुल गांधी ने किया ‘सेल्फ गोल’?

इंदौर में आयोजित कांग्रेस के 'छात्रों की गूंज' कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और 'मां' के संदर्भ में की गई फूहड़ टिप्पणी पर राजनीतिक और सामाजिक बवाल खड़ा हो गया है। इस फूहड़ घटना को लेकर समाज के विभिन्न वर्गों और खास तौर पर महिलाओं में भारी आक्रोश देखा जा रहा है। सवाल खड़े हो रहे हैं कि क्या राहुल गांधी के मंच पर हुई यह बयानबाज़ी कांग्रेस के लिए एक बड़ा 'सेल्फ गोल' साबित होगी और क्या इस तरह की व्यक्तिगत टिप्पणियों से 2029 में दिल्ली का रास्ता आसान हो पाएगा।

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पर्सनल अटैक की राजनीति राहुल गांधी पर पड़ेगी भारी? (फोटो -AI)
Authored by: शिव शुक्ला
Updated Sep 21, 2026, 16:51 IST
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इंदौर में कांग्रेस के ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम का मंच अब छात्रों के मुद्दों से ज्यादा एक विवादित मिमिक्री को लेकर चर्चा में है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मिमिक्री और मां के संदर्भ में किए गए फूहड़ मजाक को लेकर भाजपा ने राहुल गांधी और कांग्रेस पर निशाना साधा है। भाजपा का आरोप है कि मंच पर आपत्तिजनक टिप्पणी के दौरान राहुल गांधी ने उसे रोकने के बजाय और बताइए की प्रतिक्रिया दी,जबकि कांग्रेस ने इन आरोपों को खारिज किया है। लेकिन अब चर्चा इस बात की भी हो रही है कि क्या इंदौर का यह विवाद कांग्रेस के लिए राजनीतिक रूप से नुकसानदेह साबित हो सकता है? खासकर तब, जब महिला मतदाता हर चुनाव में अहम भूमिका निभाती हैं। ऐसे में देखना होगा कि महिला मतदाताओं के बीच इस विवाद का राजनीतिक असर क्या हो सकता है?देखिए इस पूरे विवाद का फैक्ट, सियासत और महिला वोट के गणित पर खास विश्लेषण...

मंच पर क्या हुआ?

19 सितंबर को इंदौर में हुए ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम में राहुल गांधी के साथ कॉमेडियन पुलकित मणि मंच पर नजर आए। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य युवाओं की समस्याओं और सामाजिक मुद्दों को उठाना था, लेकिन इंदौर में आयोजित कार्यक्रम के दौरान यह मंच विवादों और फूहड़ता में बदल गया।मणि ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की बोलने और अभिवादन करने की शैली की मिमिक्री की। राहुल गांधी भी इस दौरान मंच पर उनके साथ दिखाई दिए और कुछ इशारों व संवाद में शामिल हुए। कार्यक्रम का वीडियो सामने आने के बाद भाजपा ने इसे लेकर कांग्रेस पर हमला तेज कर दिया। भाजपा नेताओं का आरोप है कि इस प्रस्तुति में प्रधानमंत्री की दिवंगत मां का भी संदर्भ आया और राहुल गांधी ने इसे रोकने के बजाय इसमें भाग लिया। भाजपा ने राहुल गांधी से माफी की मांग की है।

इस वाकये के बाद संसद में पांच बार पहुंचने और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष की जिम्मेदारी संभालने के बावजूद राहुल गांधी की भाषाई गरिमा और राजनीतिक परिपक्वता पर सवाल उठ रहे हैं। 90 से अधिक चुनाव हारने के बाद भी व्यक्तिगत हमलों की राजनीति से दूर न हो पाना उनकी चुनावी रणनीतियों को नुकसान पहुंचा रहा है

माताओं और आम महिलाओं का तीखा आक्रोश

मां जन्मदाता है, राजनीति आपस तक सीमित रहे

राहुल गांधी के मंच से हुई इस घटना को लेकर दिल्ली से लेकर देहरादून और बरेली ही नहीं पूरे देश की महिलाओं में तीखा आक्रोश है। देश की आधी आबादी का कहना है कि दुनिया में हर इंसान अपनी मां की वजह से है, देश की राजनीति में सियासी विरोध और आपसी मतभेद हो सकते हैं, लेकिन मां के सम्मान और शालीनता को राजनीति में घसीटना तथा अनुचित बोलना बिल्कुल भी क्षमा योग्य नहीं है।

परिपक्वता की कमी पर सवाल

इस वाकये पर कई महिलाओं ने तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि राहुल गांधी में अभी राजनीतिक परिपक्वता (मैच्योरिटी) नहीं आई है और वे 6 साल के बच्चे की तरह बात करते हैं। उन्हें पहले अपने आप को शिक्षित और परिपक्व करने की जरूरत है।

सबकी मां एक समान
छात्रों की गूंज कार्यक्रम के मंच से एक मां और महिलाओं के अपमान को लेकर इन महिलाओं का कहना है कि मां तो सबके लिए बराबर होती है,किसी भी महिला चाहे वो पीएम मोदी की मां हों या इटली की पीएम जॉर्जिया मेलोनी का मजाक उड़ाकर और महिलाओं का अपमान करके 2029 में दिल्ली की गद्दी हासिल करने का सपना सार्थक नहीं हो सकता। इस दौरान जब सैकड़ों माताओं के सामने इस घटना का सवाल रखा गया,तो सभी ने एक स्वर में यही कहा कि ईश्वर राहुल गांधी को सद्बुद्धि दे।
नेताओं ने बोला राहुल गांधी पर हमला

लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के इंदौर स्थित 'छात्रों की गूंज' कार्यक्रम में कॉमेडियन पुलकित मणि की कॉमेडी को लेकर मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन भागवत, महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस,यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ सहित तमाम भाजपा नेताओं ने राहुल गांधी पर जमकर निशाना साधा।

इसे लेकर यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा कि जिन लोगों के मन में संस्कार नहीं हैं, जो भारत और भारतीयता को अपमानित करना अपने जीवन का एकमात्र लक्ष्य मान लेते हैं, उनसे यह उम्मीद करना मुश्किल है कि वे ‘वसुधैव कुटुंबकम’ और ‘यत्र नार्यस्तु पूज्यन्ते रमन्ते तत्र देवता’ के भाव को समझ सकें। योगी आदित्यनाथ ने कहा कि ऐसे लोगों से देश को उम्मीद करना छोड़ देना चाहिए।

'देश की माताओं से माफी मांगें राहुल'

मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने 'मां को कुर्सी दो' वाले कॉमेडी को बेहद शर्मनाक, निंदनीय और अशोभनीय करार दिया है। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी को इस कृत्य के लिए संपूर्ण देश की माताओं से माफी मांगनी चाहिए।

'राहुल को बनना चाहिए स्टैंड-अप कॉमेडियन'

वहीं, महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने राहुल गांधी को स्टैंड-अप कॉमेडियन बनने की नसीहत दी। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी ने तो कांग्रेस को बेरोजगार कर दिया है। अब कम से कम स्टैंड-अप कॉमेडियन का रोजगार उन्हें मिले। समाचार एजेंसी एएनआई के साथ बातचीत में देवेंद्र फडणवीस ने नागपुर में कहा, ''राहुल गांधी जो मिमिक्री कर रहे हैं, मैं तो ऐसा मानता हूं कि राहुल गांधी जी को पार्टी को छोड़कर स्टैंड-अप कॉमेडियन बनना चाहिए क्योंकि उनकी पार्टी को तो उन्होंने बेरोजगार कर दिया है। अब कम से कम स्टैंड-अप कॉमेडियन का रोजगार उन्हें मिले।''

कांग्रेस और विपक्ष का पक्ष

विवाद के जवाब में कांग्रेस के नेताओं का तर्क है कि संसद के भीतर विपक्ष के नेताओं जैसे जवाहरलाल नेहरू और इंदिरा गांधी पर भी निशाना साधा जाता है। कांग्रेस प्रवक्ताओं का कहना है कि कार्यक्रम में किसी ने प्रधानमंत्री की मां की मिमिक्री नहीं की और न ही उनके खिलाफ गलत कहा।

चुनावी गणित में महिला मतदाता और 2029 का समीकरण

भारत में महिला मतदाता अब चुनावी राजनीति का बड़ा हिस्सा हैं। चुनाव आयोग के 2024 के आंकड़ों के मुताबिक देश में करीब 47.63 करोड़ महिला मतदाता पंजीकृत थीं, जो कुल मतदाताओं का 48.62 प्रतिशत थीं। इतना ही नहीं, 2024 लोकसभा चुनाव में महिला मतदाताओं का मतदान प्रतिशत 65.78% रहा, जबकि पुरुष मतदाताओं का मतदान प्रतिशत 65.55% था। यानी महिला मतदान पुरुषों से थोड़ा अधिक रहा। इसलिए चुनावी राजनीति में महिला मतदाताओं को नजरअंदाज करना किसी भी दल के लिए आसान नहीं है।

2024 के लोकसभा चुनाव में बीजेपी को 36% महिला मतदाताओं का वोट मिला, जबकि कांग्रेस को केवल 22% समर्थन हासिल हुआ। इससे पहले 2019 के चुनाव में भी बीजेपी को 37% महिलाओं का वोट मिला था।

क्या यह राहुल गांधी के लिए राजनीतिक मुद्दा बन सकता है?

सोशल मीडिया और नैरेटिव

सोशल मीडिया पर ऐसे विवादित वीडियो तेजी से वायरल होते हैं और राजनीतिक दल इन्हें अपने-अपने नैरेटिव के लिए इस्तेमाल करते हैं। इस मामले में भी भाजपा ने वीडियो को राहुल गांधी की राजनीतिक शैली और मर्यादा से जोड़कर हमला किया है।

महिला सम्मान का मुद्दा

भाजपा इस विवाद को मां और महिला सम्मान के बड़े नैरेटिव से जोड़ रही है। ऐसे में आधी आबादी (महिला मतदाताओं) के खिलाफ जाने वाली ऐसी विवादित टिप्पणियां राहुल गांधी के 2029 के चुनावी सपनों को झटका दे सकती हैं,लेकिन इसका वास्तविक चुनावी असर कितना होगा, यह इस बात पर निर्भर करेगा कि आने वाले समय में मतदाता इस घटना को कितना महत्व देते हैं और दूसरे मुद्दों- जैसे महंगाई, रोजगार, कल्याणकारी योजनाएं, स्थानीय मुद्दे और नेतृत्व के मुकाबले इसे कितनी प्राथमिकता देते हैं।

2029 का लोकसभा चुनाव और आगामी विधानसभा चुनावों पर असर

भले ही 2029 का लोकसभा चुनाव अभी दूर है, लेकिन 2027 में सात राज्यों में विधानसभा चुनाव होना है, ऐसे में भारतीय जनता पार्टी इस विवाद को कांग्रेस और राहुल गांधी के खिलाफ नेरेटिव सेट करने और चुनावी जनसभाओं में कांग्रेस का दुष्प्रचार करने के लिए जरूर करेगी, जिसके बाद इसका असर भी देखने को मिल सकता है।

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