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भारत की सबसे अनोखी ट्रेन, जिसमें गणपति बप्पा के लिए रिजर्व है पूरी बर्थ! भजन गाते हुए जाते हैं यात्री

Indian Railways: सोशल मीडिया पर वायरल एक पोस्ट में दावा किया है कि, एक ट्रेन की ऊपरी बर्थ को गणेश मंदिर में बदल दिया गया है। आइए जानते हैं ये ट्रेन कौन सी है?

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भारत की सबसे अनोखी ट्रेन (इंस्टाग्राम)

Indian Railways: क्या आपने कभी सोचा है कि, अगर आपके साथ ट्रेन में भगवान भी यात्रा करें तो ? जी हां, इस बार एक ऐसा ही मामला सामने आया है जिसमें ट्रेन के अंदर चलता-फिरता मंदिर देखा गया। इस असाधारण यात्रा में यात्री स्वयं भगवान गणेश के साथ सफर कर रहे हैं। दक्षिण भारत की ओर जा रही एक पर्यटक ट्रेन ने अपने स्लीपर कोच को भक्ति स्थल में बदल दिया है। बिहार के कई जिलों से आए श्रद्धालु ट्रेन में सवार हैं और एक स्लीपर कोच की ऊपरी बर्थ को एक छोटे मंदिर में परिवर्तित कर दिया गया है, जहां भगवान गणेश की प्रतिमा स्थापित है। ट्रेन के अंदर का वातावरण भजनों , ढोल-नगाड़ों, झांझों और सामूहिक प्रार्थनाओं से गूंज रहा है।

इंस्टाग्राम पर वायरल हुई पोस्ट

इंस्टाग्राम पर indianstories.io नामक हैंडल से इस ट्रेन के बारे में बताया गया है। इसके कैप्शन में लिखा है— 'बिहार से दक्षिणी राज्यों तक चलने वाली एक अनोखी लंबी दूरी की ट्रेन ने अपने एक डिब्बे के अंदर बने छोटे मंदिर के कारण सबका ध्यान आकर्षित किया है। एक अलग बर्थ पर भगवान गणेश की प्रतिमा स्थापित है, जहां भक्त यात्रा के दौरान प्रार्थना करते हैं। सभी अनुष्ठान भारतीय रेलवे के नियमों के अनुसार ही किए जाते हैं, जिससे यात्रियों और संचालन में कोई बाधा नहीं आती। यह पहल आस्था और अनुशासन का अनूठा संगम है, जो ट्रेन के हजारों किलोमीटर की दैनिक यात्रा के दौरान एक शांत आध्यात्मिक वातावरण का निर्माण करती है। '

कैसी है ये ट्रेन

बता दें कि, यह कोई साधारण ट्रेन नहीं है। यह भारत गौरव टूरिस्ट ट्रेन है, जिसे विशेष रूप से तीर्थयात्राओं के लिए डिज़ाइन किया गया है। यात्रा सुगौली से शुरू हुई और इसमें आठ स्लीपर कोच, एक 3 एसी कोच, एक 2 एसी कोच, एक पैंट्री कार और दो एसएलआर कोच शामिल हैं। इस यात्रा में कुल 464 यात्री सफर कर रहे हैं, जिनमें से अधिकांश बुजुर्ग श्रद्धालु हैं जो एक आरामदायक और आध्यात्मिक तीर्थयात्रा का अनुभव चाहते हैं। देखें पोस्ट-

बप्पा के लिए रिजर्व है पूरी बर्थ

गौरतलब है कि, इस ट्रेन के स्लीपर कोच के अंदर गणेश मंदिर को खूबसूरती से सजाया गया है। यात्री हर सुबह और शाम आरती और प्रार्थना के लिए इकट्ठा होते हैं, जिससे यह लंबी यात्रा एक निरंतर भक्तिमय उत्सव में बदल जाती है। पूरी यात्रा के दौरान, भगवान गणेश की उपस्थिति निरंतर बनी रहती है, और यात्री एक साथ भजन गाते हैं और धार्मिक अनुष्ठानों में भाग लेते हैं।

Aditya Sahu
आदित्य साहू author

आदित्य साहू टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में स्पोर्ट्स और ट्रेडिंग कंटेंट लिखतें हैं। जर्नलिज्म में मास्टर्स की डिग्री हासिल करने के बाद वह पिछले 10 सालों... और देखें

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