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OMG! लुटेरे बन गए 70 साल के बुड्ढे, पकड़े गए तो पता चली चौंकाने वाली बात

  • Authored by: Ikramuddin
  • Updated Feb 28, 2024, 09:06 AM IST

हैरान करने वाला मामला इटली का है, यहां रिटायरमेंट की उम्र में बुजुर्गों ने लुटेरे का गिरोह बना लिया और लूट की वारदात को अंजाम देने लगे। लुटेरों ने इसके लिए गिरोह में राजमिस्त्री और चाबी बनाने वाले को भी शामिल किया।

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तस्वीर का इस्तेमाल केवल प्रतीकात्मक रूप से किया गया है। (फोटो- सोशल मीडिया)

KEY HIGHLIGHTS
  • 70 साल की उम्र में लुटेरे बने बुजुर्ग
  • हथियार के दम पर करते थु लूटपात
  • पुलिस ने ऐसा प्लान बनाकर दबोच लिया

इंसान एक उम्र तक खूब मेहनत करता है। धन-दौलत कमाने के लिए दिन-रात एक कर देता है। हजारों करोड़ों की संपत्ति इकट्ठा करता है। आलीशान घर बनवाता है। लग्जरी गाड़ी खरीदता है। मगर एक उम्र के बाद शरीर थकने लगता है और पहले जैसी फुर्ती और ताकत नहीं रहती।फिर धीरे-धीरे शरीर कमजोर पड़ने लगता है और वो फिर ज्यादा एक्टिव भी नहीं रह पाता। मान सकते हैं कि 60-70 वर्ष की उम्र के बाद इंसान अपनी जिंदगी आरामदायक गुजारना चाहता है। मगर बताया जाए कि इसी उम्र में कोई लुटेरा बन जाए और लूटपाट का काम शुरू कर दे। हैरान हो जाएंगे मगर सचमुच ऐसा हुआ है।

लुटेरे बन गए बुजुर्ग

दिमाग घुमा देने वाला ये मामला इटली का है। यहां करीब 70 साल के बुजुर्गों ने एक गैंग बनाया और लूटपात शुरू कर दी। बुड्डों का ये ग्रुप हथियारों के दम पर लूटपाट को अंजाम देता था। हालांकि पुलिस ने अब इस ग्रुप के सदस्यों को दबोच लिया है। मगर इसके बाद जो कुछ पता चला सचमुच चौंक जाएंगे। बुड्ढों के इस ग्रुप में कुल छह लोग शामिल थे और ये सभी हथियारों से लैस रहते थे। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक ये लुटेरे डाकघरों को ज्यादा निशाना बनाते थे।

कौन हैं लुटेरे

ऑडिटी सेंट्रल वेबसाइट ने बताया कि इटालो विट (70), सैंड्रो बरुजो (68) और रानिएरो पुला (77) लुटेरों के गिरोह के मुख्य सदस्य थे। ये पहले भी लूटपाट की घटनाओं को अंजाम दे चुके थे। हैरानी होगी कि लुटेरों ने ताला खोलने के लिए एक चाबी बनाने वाला भी रखा हुआ था। दीवार में छेद करने के लिए दो राजमिस्त्रियों को भी टीम में शामिल किया गया।

कैसे पकड़े गए लुटेरे

दरअसल हैरान करने वाली लूट की वारदात का खुलासा पहले साल मई की घटना से हुआ। लूट के बाद पुलिस ने मामला की जांच शुरू की और सीसीटीवी फुटेज की जांच की गई। इसमें इन्होंने बंदूक की नोक पर 11 हजार डॉलर यानी करीब 90 लाख रुपये की लूट लिए थे। पुलिस तब से गिरोह के लुटेरों को दबोचने की फिराक में थी। अब इन्होंने जैसे ही दूसरी डकैती का प्लान बनाया और इसे अंजाम देने की कोशिश की, पुलिस ने सभी को दबोच लिया।

Ikramuddin
Ikramuddin author

<p>पत्रकारिता के पेशे में काम करते हुए करीब 9 साल पूरे हो चले हैं। साल 2011-14 में दिल्ली यूनिवर्सिटी (DU) के डॉ. भीमराव आंबेडकर कॉलेज (BRAC) से हिंदी पत्रकारिता में ग्रेजुएशन किया। फिर भारतीय जनसंचार संस्थान (IIMC) नई दिल्ली से साल 2015 में पीजी डिप्लोमा किया। इसके बाद पत्रकारिता के क्षेत्र में दाखिल हुए और सीखने का सिलसिला आज तक जारी है। पत्रकारिता की पढ़ाई करने के बाद सबसे पहले लाइव इंडिया टीवी चैनल के डिजिटल प्लेटफॉर्म में काम करने का मौका मिला। लाइव इंडिया डॉट कॉम में करीब दो साल तक काम किया और बहुत कुछ सीखा। राजनीति, खेल और अपराध के साथ तमाम क्षेत्रों में जमकर खबरें बनाईं और हर दिन कुछ नया सीखने का मौका मिला।चुनाव से जुड़ी बारीकियों और जनता से जुड़े मुद्दों को खबरों की शक्ल में कवर करने का काम इसी संस्थान में रहते हुए सीखा। चुनाव में आम लोगों के बुनियादी मुद्दों को समझने और उन्हें खबरिया प्लेटफॉर्म तक लाने का काम भी बखूबी सीखा। खबरों की बारीकियां सीखने और समझने के दौरान इंडियन एक्सप्रेस ग्रुप के डिजिटल प्लेटफॉर्म जनसत्ता में काम किया। यहां करीब चार साल के करियर के दौरान खबरों से जुड़ी दूसरी बारीकियों को समझना जारी रखा। यहां ट्रेंडिंग खबरों पर खासा ध्यान रहा। सोशल मीडिया से जुड़ी तमाम बारीकियों को समझने का मौका इसी संस्थान में मिला। जनसत्ता डॉट कॉम में करीब चार साल बिताने के बाद जी मीडिया ग्रुप के इंडिया डॉट कॉम डिजिटल प्लेटफॉर्म से जुड़ने का मौका मिला। यहां वायरल, ऑफबीट, टीवी डिबेट और यूट्यूब जैसे प्लेटफॉर्म से रोचक खबरें बनाई। इंडिया डॉट कॉम में करीब दो साल बिताने के बाद सितंबर 2023 में टाइम्स नेटवर्क की प्लेटफॉर्म Timesnowhindi.com में वायरल टीम का हिस्सा हूं।</p>

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