About Visa Temple: भारत में कई ऐसे मंदिर है, जो अपनी रोचकताओं के लिए जाना जाता है। इन सभी मंदिरों का अपना एक अनोखापन है। ऐसे ही एक मंदिर के बारे में आज हम आपको बताने जा रहे हैं, जिसके बारे में सुनकर आप चौंक जाएंगे। यह मंदिर आम मंदिरों की तरह बिल्कुल भी नहीं है। यहां ना ही फूल चढ़ाए जाते हैं और ना ही प्रसाद में लड्डू या पेड़ा। यहां जो चीज चढ़ाई जाती है, उसके बारे में सुनकर आप दंग रह जाएंगे और इससे भी ज्यादा हैरान कर देने वाली इसके पीछे का कारण है।
वीजा वाला मंदिर
आंध्रप्रदेश के हैदराबाद से करीब 40 किमी की दूरी पर स्थित ओसमान सागर लेक है, जिसके तट पर एक मंदिर है। इस मंदिर का नाम चिल्कुर बालाजी है। इस मंदिर को भक्त वीजा मंदिर के नाम से भी पुकारते हैं। जी हां, वीजा वाला मंदिर। दरअसल, इस मंदिर में वे भक्त आते हैं, जिन्हें विदेश जाना होता है, या तो पढ़ाई करने या तो नौकरी करने। नहीं समझें, कोई बात नहीं, हम बताते हैं। अगर किसी को भी विदेश का वीजा नहीं मिल पा रहा होता है और जाने की इमरजेंसी होती है तो वह इस मंदिर में दर्शन करने आता है। लेकिन माला-फूल या प्रसाद लेकर नहीं, बल्कि एयरोप्लेन लेकर आता है और वीजा पाने की कामना करता है।

चिल्कुर बालाजी मंदिर, हैदराबाद (फोटो साभारः iStock)
मांगी गई मन्नत कभी खाली नही जाती
करीब 500 साल पुराने इस मंदिर में भक्तों की पुकार भी सुन ली जाती है और भगवान चिल्कुर बालाजी उन्हें आशीर्वाद स्वरूप वीजा दिलवा देते हैं। कहा जाता है कि इस मंदिर में आने वाले सभी भक्तों की पुकार सुनी जाती है। ऐसे में अगर आपको भी वीजा नहीं मिल पा रहा है तो आप इस मंदिर में दर्शन करने के लिए जा सकते हैं और वीजा पाने के लिए मन्नत मांग सकते हैं। मंदिर को लेकर ऐसी मान्यता है कि 11 परिक्रमा कर मांगी गई मन्नत कभी खाली नही जाती और जब मनोकामना पूरी हो जाती है तो भक्त यहां आकर 108 बार मंदिर का परिक्रमा करते है।
