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इस आदमी ने खुद को थप्पड़ मारने के लिए एक महिला को दी थी नौकरी, जानें भला ऐसा क्यों किया था उसने

एक आदमी ने अपने यहां खुद को थप्पड़ मारने के लिए एक महिला को नौकरी पर रख लिया था। जानिए आखिर उसने ऐसा क्यों किया था।

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थप्पड़ मारती महिला (X/@Rainmaker1973)

सोचिए जरा, आप सुबह-सुबह उठे, कॉफी का कप थामे, फोन उठाया और फेसबुक खोलते ही... चटाक! एक जोरदार थप्पड़ पड़ जाए। चेहरा लाल, आंखें फटी, और दिमाग चिल्लाए—"भाई, ये क्या हो गया?" है न खतरनाक? लेकिन इसी डर को एक शख्स ने अपनी लत को छुड़ाने के लिए अपना हथियार बना लिया। दरअसल, इस शख्स को फेसबुक चलाने की बहुत ही गंदी लत लगी हुई थी।

भारतीय-अमेरिकी उद्यमी ने किया ऐसा काम

हम जिस शख्स की बात कर रहे हैं, वह एक भारतीय-अमेरिकी उद्यमी है, जिसका नाम मनीष सेठी है। दरअसल, मनीष की कहानी ऐसी है कि दुनिया के सबसे अमीर आदमी एलन मस्क तक ने भी इसे 'फायर' कह डाला।

फेसबुक की लत छुड़ाने के लिए उठाया ऐसा कदम

बात 2012 की है। मनीष सेठी, पावलोक नाम की कंपनी चलाते हैं। ये कंपनी जिम और मेडिटेशन के लिए ऐसे कंगन बनाती है जो आपको 'झटका' देकर सुधारने की कोशिश करती है। मनीष खुद फेसबुक की चपेट में फंस चुके थे। काम का टाइम वेस्ट, स्क्रॉलिंग का सिलसिला, और प्रोडक्टिविटी का कम होना, मनीष को ये सारी बातें रोज सताती थीं।

"बस, अब बहुत हुआ!"

फिर मनीष ने सोचा, "बस, अब बहुत हुआ!" और उन्होंने क्रेग्सलिस्ट पर एक अजीबोगरीब ऐड डाला। उन्होंने इस विज्ञापन में लिखा, "मुझे एक पार्टनर चाहिए जो मेरे पास बैठे, स्क्रीन पर नजर रखे। अगर मैं टाइम वेस्ट करूं, यानी फेसबुक खोलूं, तो पहले मुझपे चिल्लाए और जरूरत पड़े तो मुझे थप्पड़ भी मार दे।

इतना वेतन देने का किया वादा

इस नौकरी के लिए मनीष ने वेतन के तौर पर 8 डॉलर प्रति घंटा देने का वादा किया। अगर आज के समय में रुपयों के हिसाब से बात करें तो ये होता है 710 रुपए प्रति घंटे। नौकरी करने की जगह भी उन्होंने तय की और उन्होंने बताया कि जॉब लोकेशन उनका घर होगा या फिर कोई कैफे।

ना सिर्फ लत छूटी बल्कि काम में भी हुआ सुधार

नौकरी के इस विज्ञापन को देख कारा नाम की एक महिला ने इसके लिए आवेदन किया और उसे नौकरी मिल भी गई। बस, यहीं से शुरू हुआ 'स्लैप चैलेंज'। मनीष के हर फेसबुक ओपन पर चटाक से थप्पड़ पड़ता। मनीष ने बाद में ब्लॉग में लिखा, "कारा सिर्फ थप्पड़ नहीं मारती थीं, वो मेरे काम को रिव्यू भी करती थीं। रिजल्ट? प्रोडक्टिविटी 98% पर पहुंच गई।" यानी, थप्पड़ ने न सिर्फ लत तोड़ी, बल्कि काम की क्वालिटी भी चमका दी।

Pankaj Yadav
पंकज यादवauthor

पंकज यादव टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में वायरल और ट्रेंडिंग कंटेंट तैयार करते हैं। कंटेंट राइटिंग में 6 वर्षों का अनुभव रखने वाले पंकज सोशल मीडिया ट्रेंड्स, ह्यूमन इंटरेस्ट और ऑफबीट न्यूज दिलचस्प और यूजर-फ्रेंडली अंदाज में लिखने में माहिर हैं और अबतक आठ हजार से अधिक कंटेंट प्रकाशित कर चुके हैं।

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