बॉलीवुड अदाकारा कृति सेनॉन अक्सर अपनी अच्छी एक्टर के चलते खबरों में रहती हैं लेकिन इस दफा उनके नाम पर विवाद खड़ा हो गया है। असल में कृति सेनॉन ने एक एड फिल्म की ही, जो राखी के त्योहार पर आधारित है। इस एड फिल्म में वो जो ड्रेस पहनी दिख रही हैं, उस पर लोग नाराज हो गए हैं। लोगों का कहना है कि भाई-बहन के पवित्र त्योहार पर बने एड में इस तरह की ड्रेस पहनना गलत है। कृति और एड फिल्म के मेकर्स को इस बात का ध्यान रखना चाहिए था कि वो क्या कर रहे हैं। इंटरनेट पर जब से एड फिल्म आई है, तब से ही लगातार कृति सेनॉन टारगेट पर हैं। फाइनली अदाकारा कृति सेनॉन ने इस मुद्दे पर चुप्पी तोड़ दी है। कृति सेनॉन ने कहा है कि समाज के ठेकेदारों को लड़कियों को ये बताना बंद कर देना चाहिए कि उन्हें क्या पहनना चाहिए। TimesNow NavBharat पर ये Entertainment News भी पढ़ें: Toxic के महंगे टिकिट प्राइज से परेशान? दिल्ली में ऐसे देखें 95 रुपये में Yash की मूवी
अदाकारा कृति सेनॉन ने मामले पर चुप्पी तोड़ते हुए लिखा है, "किसी भी त्योहार का महत्व कपड़ों में नहीं होता है। ये एक इमोशन होता है, जो संस्कृतियों को जोड़कर रखता है। रक्षाबंधन का त्योहार रक्षा का त्योहार है। मैं और मेरी बहन हमेशा से एक-दूसरे को राखी बांधती आ रही हैं। हमें पता है कि हम एक-दूसरे को प्रोटेक्ट कर सकती हैं और हमें किसी भाई की जरूरत नहीं है। हम एक-दूसरे की हेल्थ, कुशी और लॉन्ग लाइफ के लिए प्रार्थना भी करते हैं। और हमें पूरा भरोसा है कि हमारी प्रार्थनाएं हमारे कुत्ते के लिए भी होती हैं। क्योंकि वो हमारे परिवार का हिस्सा है।" TimesNow NavBharat पर ये Entertainment News भी पढ़ें: Toxic Moive Advance Booking: की एडवांस बुकिंग पहुंची 41 करोड़ के पार, टिकिट विंडो पर धमाल मचा रहे Yash

"संस्कृति और परंपराएं कपड़ों से नहीं...", Kriti Sanon ने एड ट्रोलिंग पर तोड़ी चुप्पी
कृति सेनॉन ने अपनी बात को आगे बढ़ाते हुए कहा है, "हम लोग कब महिलाओं के लिए ये बताना बंद करेंगे कि वो क्या पहनेंगी? एथनिक वियर्स का चलन पिछले कुछ सालों में बढ़ा है लेकिन महिलाओं की इज्जत सिर्फ कपड़ों से नहीं हो सकती है और ना ही किसी कल्चर की इज्जत का मापदंड महिलाओं के कपड़े हो सकते हैं। संस्कृति और परंपराएं महिलाओं के दिलों में होते हैं ना कि उनकी नेकलाइन में।"
