India Lowest Railway Station: भारत में सबसे नीचा रेलवे स्टेशन कौन सा है, इस बारे में कोई एकदम स्पष्ट आधिकारिक जानकारी नहीं मिलती। लेकिन India Rail Info के मुताबिक पुदुचेरी रेलवे स्टेशन (Puducherry railway station) भारत में समुद्र तल से सबसे नीचा रेलवे स्टेशन है। इसकी समुद्र तल से ऊंचाई 2 मीटर है। केरल का कुट्टनाड क्षेत्र भी देश के निचले इलाकों में गिना जाता है। खास बात यह है कि यहां खेती भी समुद्र तल से नीचे (bharat ka sabse nicha railway station) की जाती है, जो इसे और भी खास बनाती है। इसी क्षेत्र के आसपास मौजूद रेलवे स्टेशनों को भारत के निचले स्टेशनों में माना जाता है। इन्हीं में से एक प्रमुख स्टेशन है अलाप्पुझा रेलवे स्टेशन, जिसे अलेप्पी स्टेशन भी कहा जाता है। यह समुद्र तल से 8 मीटर ऊंचा है।
अलाप्पुझा रेलवे स्टेशन समुद्र तल से लगभग 3 से 4 मीटर ऊपर
यह केरल के अलाप्पुझा शहर (Alappuzha railway station) के बीचों-बीच स्थित है और नेशनल हाईवे 66 के पास आता है। यह स्टेशन एर्नाकुलम–कायमकुलम तटीय रेल लाइन पर बना हुआ है और दक्षिण रेलवे के तिरुवनंतपुरम डिवीजन के अंतर्गत आता है। अगर इसकी ऊंचाई की बात करें तो अलाप्पुझा रेलवे स्टेशन समुद्र तल से लगभग 7 से 8 मीटर ऊपर है। हालांकि यह समुद्र तल से थोड़ा ऊपर है, लेकिन इसके आसपास का कुट्टनाड क्षेत्र बहुत नीचे होने की वजह से इसे भारत के सबसे कम ऊंचाई वाले स्टेशनों में गिना जाता है। यही कारण है कि यह स्टेशन भूगोल के लिहाज से काफी दिलचस्प माना जाता है।
रोजाना यहां रुकती हैं करीब 50 से 70 ट्रेनें
अलाप्पुझा स्टेशन पर यात्रियों के लिए अच्छी सुविधाएं उपलब्ध हैं। यहां तीन मुख्य प्लेटफॉर्म हैं और चौथा प्लेटफॉर्म बनाया जा रहा है। इसके अलावा स्टेशन पर छह ट्रैक हैं, जिससे ट्रेनों की आवाजाही सुचारू रूप से होती है। रोजाना यहां करीब 50 से 70 ट्रेनें रुकती हैं, जिनमें लंबी दूरी की ट्रेनें भी शामिल हैं। यह स्टेशन कोच्चि, तिरुवनंतपुरम, चेन्नई, दिल्ली, मुंबई और बेंगलुरु जैसे बड़े शहरों से जुड़ा हुआ है।
यात्रियों की सुविधा के लिए यहां वेटिंग रूम, खाने-पीने की दुकानें, पार्किंग, ऑटो और टैक्सी की सुविधा भी उपलब्ध है। कुछ प्लेटफॉर्म पर एस्केलेटर भी लगाए गए हैं। स्टेशन साफ-सुथरा है और पर्यटकों के लिए काफी सुविधाजनक माना जाता है। अलाप्पुझा अपने खूबसूरत बैकवाटर्स और समुद्र तट के लिए भी प्रसिद्ध है। यही वजह है कि यहां हर साल बड़ी संख्या में पर्यटक आते हैं। कुल मिलाकर, यह स्टेशन न सिर्फ यात्रा के लिहाज से अहम है, बल्कि अपनी अनोखी भौगोलिक स्थिति के कारण भी खास पहचान रखता है।
