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कर्नाटक विधानसभा में दो अंतरों के बाद रुका 'वंदे मातरम्' का ऑडियो, BJP विधायकों ने विधानसभा में गाया पूरा राष्ट्रगीत

कर्नाटक विधानसभा में वंदे मातरम् की आधिकारिक रिकॉर्डिंग दो अंतरों के बाद रोक दी गई। इसके बाद BJP विधायकों ने बाकी अंतरे खुद गाकर पूरा राष्ट्रगीत गाया।

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कर्नाटक विधानसभा (फाइल फोटो)

कर्नाटक विधानसभा और विधान परिषद में सोमवार को कार्यवाही की शुरुआत में आधिकारिक रूप से वंदे मातरम् के केवल दो अंतरे बजाए जाने के बाद भारतीय जनता पार्टी (BJP) के सदस्यों ने राष्ट्रगीत का पूरा संस्करण गाया। कर्नाटक सरकार ने राज्य में गंभीर सूखे की स्थिति और पश्चिमी घाट पर डॉ. कस्तूरीरंगन रिपोर्ट के प्रभावों पर चर्चा के लिए विधानमंडल का तीन दिवसीय विशेष सत्र बुलाया है।

विधानसभा में सत्र की शुरुआत वंदे मातरम् से हुई, लेकिन इसका ऑडियो दो अंतरों के बाद बंद कर दिया गया। इसके तुरंत बाद विधानसभा अध्यक्ष जी.एस. पाटिल ने उन प्रमुख हस्तियों को श्रद्धांजलि अर्पित की जिनका निधन हाल में हुआ।

भाजपा विधायकों ने हालांकि, राष्ट्रगीत का गायन जारी रखा और ’वंदे मातरम्’ के नारे लगाते हुए इसका पूरा संस्करण गाया। तत्पश्चात, मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार ने पूर्व विधायक आर बी शिरियन्नावर को श्रद्धांजलि देकर शोक प्रस्ताव पर बात रखनी शुरू की जिनका 27 अगस्त को निधन हो गया था।

भाजपा सदस्य राष्ट्रगीत के बाकी अंतरे गाते रहे

इसी तरह, विधान परिषद में सभापति सलीम अहमद ने वंदे मातरम् की रिकॉर्डिंग बंद होने के बाद परंपरा के अनुसार संविधान की प्रस्तावना को पढ़ना शुरू किया जबकि भाजपा सदस्य राष्ट्रगीत के बाकी अंतरे गाते रहे।इसके बाद भाजपा सदस्यों ने वंदे मातरम् का पूरा संस्करण नहीं बजाए जाने को लेकर सरकार के खिलाफ नारेबाजी की।विधान परिषद में इस मुद्दे को लेकर हंगामा देखने को मिला और विपक्षी सदस्यों ने आसन के निकट आकर विरोध जताया।

कर्नाटक की कांग्रेस सरकार के आदेश के अनुसार, राष्ट्रपति, उपराष्ट्रपति, प्रधानमंत्री या राज्यपाल की उपस्थिति वाले कार्यक्रमों को छोड़कर अन्य सभी सरकारी कार्यक्रमों में वंदे मातरम् के केवल पहले दो अंतरे ही गाए या बजाए जाएंगे। विधान परिषद में ’वंदे मातरम्’ का पूरा संस्करण गाने के बाद भाजपा सदस्यों ने अलग से संविधान की प्रस्तावना पढ़ी। कांग्रेस के विधान परिषद सदस्यों ने इस पर आपत्ति जताते हुए विपक्षी सदस्यों पर अनादर करने और सभापति के निर्देशों का पालन न करने का आरोप लगाया।उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि भाजपा सदस्य उस प्रस्तावना को दोबारा पढ़ रहे हैं, जिसे सदन में पहले ही पढ़ा जा चुका है।बीच-बचाव करते हुए सभापति अहमद ने कहा कि प्रस्तावना पहले ही पढ़ी जा चुकी है और राष्ट्रगीत का गायन सरकार द्वारा लिए गए फैसले के अनुसार ही हुआ।

'दोनों सदनों में केवल दो अंतरों का गायन हुआ'

सदन के नेता एवं मंत्री यतींद्र सिद्धरमैया ने कहा कि सरकार ने निर्णय लिया है कि राष्ट्रपति, उपराष्ट्रपति, प्रधानमंत्री और राज्यपाल की उपस्थिति वाले कार्यक्रमों को छोड़कर, सरकारी कार्यक्रमों में ’वंदे मातरम्’ के केवल दो शुरुआती अंतरे ही गाए जाने चाहिए। उसी अनुसार दोनों सदनों में केवल दो अंतरों का गायन हुआ।भाजपा सदस्यों ने सरकार पर ’वंदे मातरम्’ और स्वतंत्रता सेनानियों का अपमान करने का आरोप लगाते हुए नारेबाजी की, जिससे सत्तापक्ष और विपक्ष के बीच तीखी बहस छिड़ गई।

भाजपा सदस्य भड़क गए और सदन में हंगामा बढ़ गया

उपमुख्यमंत्री जी. परमेश्वर ने हस्तक्षेप करते हुए आरोप लगाया कि विपक्ष को सूखे और कस्तूरीरंगन रिपोर्ट जैसे जनहित के मुद्दों पर चर्चा करने में कोई रुचि नहीं है, बल्कि वह केवल राजनीति में रुचि रखता है। इससे भाजपा सदस्य भड़क गए और सदन में हंगामा बढ़ गया।जैसे ही परमेश्वर ने कस्तूरीरंगन रिपोर्ट पर चर्चा शुरू की, भाजपा सदस्य ’वंदे मातरम्’ को दो अंतरों तक सीमित करने के विरोध में आसन के निकट आ गए और सरकार के खिलाफ नारेबाजी की।

सभापति ने सदन की कार्यवाही कुछ समय के लिए स्थगित कर दी

परमेश्वर का बयान पूरा होने के बाद सभापति ने सदन की कार्यवाही कुछ समय के लिए स्थगित कर दी।सदन की कार्यवाही पुन: शुरू होने पर सभापति ने कहा कि उन्होंने ’वंदे मातरम्’ के मुद्दे पर सत्तापक्ष और विपक्ष दोनों से बात की है और हर कोई इस विषय पर चर्चा चाहता है। उन्होंने आश्वासन दिया कि वह सरकार के साथ इस मुद्दे पर चर्चा करेंगे और आगे की कार्यवाही तय करेंगे। पीठ के सुझाव को स्वीकार करते हुए भाजपा सदस्यों ने अपना विरोध वापस ले लिया।

Ravi Vaish
रवि वैश्यauthor

रवि वैश्य टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल के न्यूज डेस्क पर कार्यरत एक सीनियर जर्नलिस्ट हैं, जिन्हें पत्रकारिता में 20 वर्षों का व्यापक अनुभव हासिल है। खबरों की बारीकियों को समझने और तेजी से प्रस्तुत करने में उनकी विशेष दक्षता है। टीवी पत्रकारिता में रिपोर्टिंग और डेस्क—दोनों क्षेत्रों में अनुभव होने के कारण वे समाचारों को बहुआयामी दृष्टिकोण से देखते हैं। देश–दुनिया की ताजातरीन अपडेट्स, ब्रेकिंग न्यूज, एक्सप्लेनर और विशेष स्टोरीज तैयार करने में वे सिद्धहस्त हैं। उनकी प्राथमिकता हमेशा यही रही है कि हर खबर तेज, सटीक और जानकारीपूर्ण रूप में पाठकों तक पहुंचे। रवि वैश्य अब तक 22,000 से अधिक खबरें लिख चुके हैं, जिनमें कई एक्सक्लूसिव रिपोर्ट्स, इंटरव्यू, ग्राउंड रिपोर्ट्स, विश्लेषण और एक्सप्लेनर शामिल हैं।

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