वायरल न्यूज़

Ajab Gajab: बुंदेलखंड की अनोखी परंपरा, बारिश का पता लगाने को अपनाई जाती है ये तरकीब

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Jun 23, 2023, 06:21 PM IST

बुंदेलखंड में एक अनोखे पक्षी के अंडे को देखकर पता लगाया जाता है कि साल में कितनी बारिश होगी। अंडों के बीच फासला देखकर लगाया जाता है पता कि किस महीने कितनी बारिश होगी।

Image

टिटहरी पक्षी (सांकेतिक फोटो)

Ajab Gajab: भारत में प्रकृति और इंसानों का रिश्ता बहुत पुराना है। प्रकृति के सहारे ही मानव जाति का उद्धव संभव हो पाया है। आज भी भारत के कई जगहों पर प्रकृति की दी हुई चीजों के लिए उनकी पूजा यकर उन्हें धन्यवाद दिया जाता है। आज हमारे पास तकनीकों की कोई कमी नहीं हैं, हर कार्य के लिए तकनीक मौजूद है, लेकिन पहले के समय में ऐसा नहीं था। हर बात का पता लगाने के लिए इंसान प्रकृति पर ही निर्भर रहता था। जैसे आज मौसम में कब क्या बदलाव होने वाला है ये पता लगाने के लिए मौसम विभाग है, जिसके पास हजार उपकरण मौजूद हैं। हालांकि पहले के लोग ऐसा नहीं करते थे।

ऐसे लगाया जाता है बारिश का पता

आज भले ही विज्ञान ने बहुत तरक्की कर ली है लेकिन आज भी देश के कई हिस्सों में पुरानी परंपराएं (old traditions) कायम हैं जिनमें लोगों को पूरी आस्था है। ऐसे ही बुंदेलखंड (Bundelkhand) के ग्रामीण अंचल में एक अनोखी परंपरा (unique tradition) है जिसे लोग आज तक मानते हैं और निभाते हैं। बुंदेलखंड में पक्षी के अंडे को देखकर पता लगाया जाता है कि बारिश कब और कितनी होगी। बुंदेलखंड के निवाड़ी (Niwari) जिले के जियार गांव में आज भी टिटहरी पक्षी (Sandpiper bird) के अंडे को देखकर पता लगाया जाता है कि कब और कितनी बारिश होगी।

अंडों के बीच देखा जाता है फासला

यह मान्यता है कि टिटहरी पक्षी जितने अंडे देती है, उन अंडों में से कितने अंडे आपस में चिपके हुए हैं और कितनों में अंतर है, ये देखकर तय किया जाता है कि मानसून के दौरान कैसी बारिश होगी। स्थानीय लोगों का मानना है कि अगर पक्षी के दो अंडे आपस में जुड़े हुए हैं तो इसका मतलब होता है कि इस साल दो माह तक अच्छी बारिश होगी, वहीं जितने अंडों में अंतर होता है, माना जाता है कि उतने महीनों में बारिश कम होगी। ये पक्षी पूरे देश में पाये जाते हैं। ये एक बार में सिर्फ 3-4 अंडे ही देते हैं। इनके अंडे मटमैले रंग के होते हैं। ये पक्षी अंडे देने के बाद काफी दूर बैठते हैं ताकि किसी को इनके अंडे के बारे में पता न चले।

टाइम्स नाउ नवभारत
टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटलauthor

अक्टूबर 2017 में डिजिटल न्यूज़ की दुनिया में कदम रखने वाला टाइम्स नाउ नवभारत अपनी एक अलग पहचान बना चुका है। अपने न्यूज चैनल टाइम्स नाउ नवभारत की सोच एवं नजरिए के साथ आगे बढ़ते हुए यह न्यूज़ प्लेटफॉर्म आम लोगों से जुड़े मुद्दों का गहराई से विश्लेषण एवं उसे आसान भाषा में पेश करता आया है। राजनीति से लेकर खेल, मनोरंजन, कारोबार और आम लोगों के जीवन पर असर डालने वालीं खबरों का मायने समझाते हुए यह डिजिटल प्लेटफॉर्म लोगों के भरोसे पर खरा उतरा है। \n\nसाथ ही यह अपने न्यूज़ चैनल पर दिखाए जाने वाली खबरों, शोज, स्पशेल कार्यक्रमों एवं रिपोर्टों को पेश करता है। चैनल के ये कार्यक्रम एवं शोज देश-दुनिया के घटनाक्रमों पर एक नया एवं विश्वसनीय नजरिया देते हैं। अपनी खबरों एवं विश्लेषण के चलते पसंदीदा न्यूज़ प्लेटफॉर्म बन चुका टाइम्स नाउ नवभारत, डिजिटल लोगों के भरोसे को लगातार मजबूत कर रहा है।

और पढ़ें
End of Article