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AI के भरोसे पहाड़ चढ़ रहे थे युवक, नतीजा- घाटी में रातभर फंसे रहे, अगली सुबह निकाले गए बाहर

AI की सलाह पर भरोसा कर पहाड़ चढ़ने निकले तीन पर्वतारोही रातभर फंस गए। कम खाना-पानी और गलत रास्ते के बाद रेस्क्यू टीम ने उन्हें सुरक्षित बचाया।

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तीन पर्वतारोहियों के साथ हो गया झोल (AI Generated Image)

Viral News: आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी AI आज हमारी जिंदगी का हिस्सा बनता जा रहा है। लोग पढ़ाई से लेकर ट्रैवल प्लान तक के लिए AI की मदद ले रहे हैं लेकिन कैलिफोर्निया के माउंट शास्ता पर तीन पर्वतारोहियों के साथ जो हुआ, उसने बता दिया कि AI पर आंख बंद करके भरोसा नहीं करना चाहिए। रिपोर्ट के मुताबिक, रोजविल, कैलिफोर्निया के तीन अनुभवहीन पर्वतारोही माउंट शास्ता की चढ़ाई के लिए निकले थे। उन्होंने अपनी यात्रा की तैयारी के दौरान गूगल के Gemini AI से काफी जानकारी ली थी। उन्हें उम्मीद थी कि AI की मदद से उनका सफर आसान और सुरक्षित रहेगा।

AI की सलाह पर कम रखा खाना-पानी

पर्वतारोहियों ने अधिकारियों को बताया कि उन्होंने चढ़ाई के दौरान जरूरी सामान, खाने और पानी की मात्रा को लेकर भी Gemini की सलाह ली थी। शेरिफ कार्यालय के अनुसार, AI की सिफारिश के कारण उनके पास जरूरत से काफी कम खाना और पानी रह गया। यही गलती आगे चलकर उनके लिए बड़ी परेशानी बन गई। पहाड़ पर मौसम और रास्ते की परिस्थितियां कब बदल जाएं, इसका अंदाजा लगाना आसान नहीं होता।

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सुबह 3 बजे शुरू की चढ़ाई

तीनों ने करीब 8,400 फीट की ऊंचाई पर कैंप लगाया था। इसके बाद रविवार सुबह करीब 3 बजे उन्होंने माउंट शास्ता की चोटी तक पहुंचने के लिए अपनी चढ़ाई शुरू की। उन्हें दोपहर तक वापस लौटने की सलाह दी गई थी, लेकिन वे शाम करीब 7 बजे तक आगे बढ़ते रहे। जब उन्हें लगा कि अब शिखर तक पहुंचना मुश्किल है, तो उन्होंने वापस लौटने का फैसला किया लेकिन असली परेशानी अब शुरू हुई।

hikers stranded on Mount Shasta

AI की बातों में आकर पहाड़ों में फंसे (Symbolic Image, Photo Credit - iStock)

अंधेरे में रास्ता भटक गए

वापसी के दौरान अंधेरा हो चुका था। तीनों ने मदद के लिए शेरिफ डिस्पैच से संपर्क भी किया। हालांकि, बाद में वे अपने तय रास्ते से हट गए और मड क्रीक कैन्यन में फंस गए। इसी दौरान एक पर्वतारोही गिर गया और उसके घुटने में चोट लग गई। हालत ऐसी हो गई कि तीनों को पूरी रात खड़ी घाटी में ही फंसे रहना पड़ा।

अगली सुबह हुआ रेस्क्यू

अगली सुबह यूएस फॉरेस्ट सर्विस के चढ़ाई रेंजर्स ने तीनों को खोज लिया। उन्हें जरूरी मेडिकल मदद दी गई और आखिरकार सुरक्षित तरीके से ट्रेलहेड तक वापस पहुंचाया गया। इस घटना के बाद अधिकारियों ने पर्वतारोहियों को सलाह दी कि पहाड़ों पर सिर्फ फोन, GPS या AI की जानकारी पर निर्भर नहीं रहना चाहिए। रास्ते और मौसम की स्थिति की लगातार पुष्टि करना जरूरी है।
Pankaj Yadav
पंकज यादवauthor

पंकज यादव टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में वायरल और ट्रेंडिंग कंटेंट तैयार करते हैं। कंटेंट राइटिंग में 6 वर्षों का अनुभव रखने वाले पंकज सोशल मीडिया ट्रेंड्स, ह्यूमन इंटरेस्ट और ऑफबीट न्यूज दिलचस्प और यूजर-फ्रेंडली अंदाज में लिखने में माहिर हैं और अबतक आठ हजार से अधिक कंटेंट प्रकाशित कर चुके हैं।

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