जब हम मुर्गी के बारे में सोचते हैं तो हमारे दिमाग में एक प्राणी की तस्वीर बनती है, जो कुछ साल तक ही हमारे आसपास रहती है लेकिन अमेरिका की एक खास मुर्गी ने इस सोच को ही बदल दिया है। गर्टी नाम की इस मुर्गी ने 15 साल की उम्र में ऐसा रिकॉर्ड बनाया है, जिसे जानकर आप भी हैरान रह जाएंगे।
गर्टी एक गोल्डन सेब्राइट नस्ल की मुर्गी है। अपने भूरे और काले धब्बेदार पंखों की वजह से वह बेहद खूबसूरत दिखाई देती है। उसकी एक और खास बात है उसका स्वभाव। उसके मालिक फ्रैंक टुरेक के मुताबिक, गर्टी हमेशा से ही काफी समझदार और अलग तरह की मुर्गी रही है।
गर्टी साल 2010 में फ्रैंक की जिंदगी में आई थी। उस समय फ्रैंक ने ऑनलाइन आठ चूजों का ऑर्डर किया था। कुछ समय बाद छोटे-छोटे चूजों का एक बॉक्स उनके पास पहुंचा। उन्हीं चूजों में एक थी गर्टी। शुरुआत में सभी चूजे एक बड़े कार्डबोर्ड बॉक्स में रहते थे। उनके लिए गर्मी के लिए लैंप लगाई गई थी और नीचे पाइन की लकड़ी के छोटे टुकड़े बिछाए गए थे। जब चूजे बड़े हुए तो उन्हें बाहर बने बाड़े में रखा गया।
समय बीतता गया। कई नई मुर्गियां आईं और कई चली भी गईं, लेकिन गर्टी वहीं रही। फ्रैंक के मुताबिक, वह अक्सर बाकी मुर्गियों पर अपना दबदबा बनाए रखती थी। मजाक में वह उसे झुंड की छोटी सी बॉस भी कहते थे। गर्टी की एक और दिलचस्प आदत थी। एक समय वह सुबह मुर्गे की तरह आवाज निकालने लगी थी। उसने छोटे-छोटे अंडे भी दिए लेकिन उम्र बढ़ने के साथ उसने धीरे-धीरे अंडे देना बंद कर दिया फिर गर्टी के जीवन में मुश्किल समय आया।
2024 में फ्रैंक ने महसूस किया कि गर्टी की नजर कमजोर हो रही है। वह रात में अपने परच पर ठीक से नहीं चढ़ पाती थी। बाद में उसकी हालत इतनी कमजोर हो गई कि दूसरी युवा मुर्गियां उसे परेशान करने लगीं। क्रिसमस के दिन तो उसके साथ एक गंभीर हादसा भी हुआ। फ्रैंक ने बाड़े से आवाज सुनी और वहां जाकर देखा कि गर्टी के सिर पर काफी चोट लगी थी।
फ्रैंक उसे तुरंत घर के अंदर ले आए, उसके सिर को साफ किया और उसकी देखभाल शुरू की। इसके बाद गर्टी के लिए घर के अंदर एक अलग जगह बनाई गई। अब वह आराम से अपने बाड़े में रहती है। उसे इंसानों की संगत पसंद है और वह फ्रैंक से बात करने की कोशिश भी करती है। फ्रैंक के मुताबिक, जब वह उससे बात करते हैं या गाना गाते हैं तो गर्टी भी अपनी आवाज में जवाब देती है। उसका एक खास दोस्त भी है, एक विशाल ग्रेट डेन कुत्ता। गर्टी को उसके पास आराम करना काफी पसंद है।
सबसे हैरान करने वाली बात तो यह है कि अपनी आंखों की रोशनी खोने के बाद भी गर्टी ने हार नहीं मानी। पहले फ्रैंक को हर रात उसे उसके परच पर चढ़ाना पड़ता था लेकिन एक दिन उसने खुद वहां चढ़ना सीख लिया। अब वह रोज रात को खुद अपने परच पर पहुंच जाती है। गर्टी ने 15 साल और 100 दिन की उम्र में दुनिया की सबसे उम्रदराज जीवित मुर्गी का खिताब हासिल किया।
इससे पहले यह रिकॉर्ड टेक्सास की पर्ल नाम की मुर्गी के नाम था। फ्रैंक मानते हैं कि गर्टी की लंबी जिंदगी के पीछे अच्छी देखभाल, सुरक्षित बाड़ा, अच्छा खाना और शिकारियों से सुरक्षा बड़ी वजह रही है। अब गर्टी अपने 16वें जन्मदिन की ओर बढ़ रही है।