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आज का वायरल वीडियो (10-NOV-2025): इस जगह पर मिला दुनिया का सबसे बड़ा मकड़ी जाल, इसमें आसानी से ढंक जाएंगे 530 लोग

आज का वायरल वीडियो (10-NOV-2025) Latest Trending Viral Video (ट्रेंडिंग वायरल वीडियो आज का ) Watch Online: पृथ्वी पर एक से बढ़कर एक अजीबोगरीब चीजें हैं जिन्हें इंसान अपने जीवन में शायद ही कभी देख पाता होगा। हाल में ऐसा ही एक अजीबोगरीब चीज एक अंधेरी गुफा के अंदर देखने को मिली, जहां कुछ मकड़ियों ने मिलकर इतना बड़ा जाला तैयार किया कि यह दुनिया का सबसे बड़ा जाला बन गया।

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दुनिया का सबसे बड़ा मकड़ी जाल (X/@Rainmaker1973)

आज का वायरल वीडियो (10-NOV-2025): यह दुनिया अजीबोगरीब चीजों से भरी हुई है। इसी का एक नमूना आज हम आपको दिखाने जा रहे हैं। जहां एक अंधेरी गुफा में मकड़ी का इतना बड़ा जाला मिला है कि इसमें 530 लोग ढंक जाएंगे। बताया जा रहा है कि मकड़ी का यह जाल दुनिया का सबसे बड़ा मकड़ी का जाल है। इस जाले का वीडियो इस वक्त सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है। जिसे सोशल साइट एक्स पर @Rainmaker1973 नाम के अकाउंट से शेयर किया गया है। जिसे अब तक 77 लाख लोगों ने देखा और 33 हजार लोगों ने लाइक किया है।

1 लाख 11 हजार मकड़ियों ने मिलकर बुना यह जाल

वायरल हो रहे इस वीडियो के कैप्शन में इसे शेयर करने वाले यूजर ने बताया कि दुनिया का सबसे बड़ा मकड़ी का यह जाल ग्रीस और अल्बानिया बॉर्डर के पास एक अंधेरी गुफा में देखने को मिला है। दुनिया का सबसे बड़ा मकड़ी का यह जाल इतना बड़ा है कि इसका आकार 106 वर्ग मीटर है, यानी कि इससे बड़े ही आराम से 530 लोगों को ढंका जा सकता है। वीडियो के कैप्शन में आगे यह भी बताया गया है कि इस जाले को 1 लाख 11 हजार से भी ज्यादा मकड़ियों ने मिलकर बनाया है।

दो अलग-अलग कट्टर प्रतिद्वंद्वी प्रजाति की मकड़ियों ने मिलकर बनाया यह जाल

ये मकड़ियां अंधेरी गुफा के अंदर एक कॉलोनी में रहती हैं। इस जाले को बुनने वाली मकड़ियों के साथ हैरान कर देने वाली बात यह है कि ये दो अलग-अलग कट्टर प्रतिद्वंद्वी मकड़ी प्रजाति की हैं, जो एक साथ मिलकर उस कॉलोनी में रहती हैं। ये मकड़ियां टिगेनेरिया डोमेस्टिका और प्रिनरिगोन वैगन्स नामक प्रजाति की हैं। आमतौर पर टिगेनेरिया डोमेस्टिका प्रजाति की मकड़ियां, प्रिनरिगोन वैगन्स प्रजाति की मकड़ियों को खा जाती हैं, लेकिन यहां वे एक साथ मिलकर रह रही हैं। इस अजीबोगरीब व्यवहार को लेकर वैज्ञानिकों का मानना है कि गुफा में अंधेरे की वजह से इन मकड़ियों के देखने की शक्ति कम हो गई है, इसलिए वे एक-दूसरे को पहचान नहीं पा रही और शिकार नहीं कर रही हैं।

डिस्क्लेमर: इस खबर में दी गई जानकारी सोशल मीडिया पोस्ट पर आधारित है। टाइम्स नाउ नवभारत किसी भी प्रकार के दावे की पुष्टि नहीं करता है।

Pankaj Yadav
पंकज यादवauthor

पंकज यादव टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में वायरल और ट्रेंडिंग कंटेंट तैयार करते हैं। कंटेंट राइटिंग में 6 वर्षों का अनुभव रखने वाले पंकज सोशल मीडिया ट्रेंड्स, ह्यूमन इंटरेस्ट और ऑफबीट न्यूज दिलचस्प और यूजर-फ्रेंडली अंदाज में लिखने में माहिर हैं और अबतक आठ हजार से अधिक कंटेंट प्रकाशित कर चुके हैं।

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