Viral Video: कहते हैं कि 'अकेला चना भाड़ नहीं फोड़ सकता', लेकिन मध्य प्रदेश के ब्यावरा में रहने वाले 20 साल के सुरेंद्र सिंह चौधरी उर्फ बिट्टू तबाही ने इस कहावत को पूरी तरह से गलत साबित कर दिया है। ब्यावरा शहर के पास से गुजरने वाली अजनार नदी में इतना प्लास्टिक और गंदगी भर चुकी थी कि वह नदी कम और कोई बदबूदार नाला या डंपिंग यार्ड ज्यादा लग रही थी। जहां प्रशासन और आम लोग इस तबाही को मूकदर्शक बनकर देख रहे थे, वहीं बिट्टू ने सरकार या सिस्टम के भरोसे बैठने के बजाय खुद नदी को बचाने का फैसला किया।
नदी की सफाई का यह सफर बिट्टू के लिए आसान नहीं था। वीडियो में बिट्टू खुद बताते हैं कि जब उन्होंने गंदे पानी और प्लास्टिक के ढेरों के बीच उतरकर सफाई शुरू की, तो लोगों ने उनका सहयोग करने के बजाय उनका मजाक उड़ाया। लोग मुझे पागल कहते थे। कुछ कहते थे कि हमारे घर का नाला साफ कर दो, तो कुछ का कहना था कि यह सब सिर्फ रील्स और लाइक्स बटोरने का ड्रामा है। लेकिन बिट्टू ने किसी की बातों पर ध्यान नहीं दिया। उन्होंने अपनी जेब से पैसे खर्च कर सुरक्षा उपकरण, ग्लव्स और डस्टबिन खरीदे। नदी के उस हिस्से में पॉलीथिन और कचरा इतनी ज्यादा मात्रा में जमा था कि पैरों के नीचे जमीन तक नजर नहीं आती थी। गंदे पानी में लगातार काम करने की वजह से बिट्टू के हाथों और पैरों में गंभीर स्किन इन्फेक्शन हो गया, खाल तक निकलने लगी। यही नहीं, कचरे के इस विशाल ढेर के नीचे जहरीले सांपों और कीड़े-मकोड़ों का लगातार खतरा बना हुआ था। इसके बावजूद, बिना तैरना जाने भी बिट्टू हर दिन घंटों नदी की सफाई में डटे रहे। देखें वीडियो...
'बिट्टू तबाही' का कारनामा
जुलाई से शुरू हुई इस मुहिम का नतीजा दो महीने बाद जब सामने आया, तो हर कोई दंग रह गया। बिट्टू ने सोशल मीडिया पर सफाई से पहले और बाद के वीडियो व तस्वीरें शेयर की हैं। जिसे देखकर हर कोई हैरान है। वहीं, सोशल मीडिया पर 'सिर्फ वीडियो बनाने' का आरोप लगाने वाले यूजर्स को जवाब देते हुए बिट्टू ने दिखाया कि उन्होंने केवल कैमरा नहीं पकड़ा, बल्कि जमीनी स्तर पर पसीना बहाया है। बिट्टू की इस पहल की तारीफ मशहूर उद्योगपति आनंद महिंद्रा से लेकर कई बॉलीवुड हस्तियां और सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स कर रहे हैं। आज जो लोग उनका मजाक उड़ाते थे, वही उनके जज्बे को सलाम कर रहे हैं। तो इस वीडियो पर आपकी क्या राय है जरूर बताएं।
