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अमेरिका का व्यापार घाटा 24.4% बढ़कर 88.6 अरब डॉलर के पार, आयात बढ़ा, निर्यात में भारी गिरावट

US Trade Deficit: जुलाई में अमेरिका का व्यापार घाटा 24.4% बढ़कर $88.6 अरब हुआ। आयात बढ़ने और तेल-निर्यात घटने से यह उछाल आया, जिसमें भारत के साथ वस्तुओं का घाटा $5 अरब दर्ज किया गया।

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अमेरिका का व्यापार घाटा $88.6 अरब के पार; मेक्सिको, चीन और भारत के साथ बढ़ा ट्रेड गैप (तस्वीर-AI)

US Trade Deficit : अमेरिकी अर्थव्यवस्था को जुलाई महीने में बड़ा झटका लगा है। जुलाई में अमेरिका का वस्तुओं और सेवाओं का कुल व्यापार घाटा (ट्रेड डेफिसिट) 24.4 प्रतिशत बढ़कर 88.6 अरब अमेरिकी डॉलर पर पहुंच गया। 'यूएस ब्यूरो ऑफ इकोनॉमिक एनालिसिस' (BEA) और 'यूएस सेंसेक्स ब्यूरो' द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, यह घाटा जून महीने के संशोधित 71.2 अरब डॉलर के आंकड़े से करीब 17.4 अरब डॉलर अधिक है।

आयात में उछाल और निर्यात में भारी गिरावट

व्यापार घाटे में यह तेज बढ़ोतरी मुख्य रूप से जुलाई के दौरान अमेरिकी आयात (दूसरे देशों से सामान खरीदना) में वृद्धि और निर्यात (दूसरे देशों को सामान बेचना) में आई गिरावट के कारण हुई है। इस महीने अमेरिका का कुल निर्यात 2.1 प्रतिशत घटकर 310.7 अरब डॉलर रह गया, जबकि कुल आयात 2.8 प्रतिशत बढ़कर 399.3 अरब डॉलर के स्तर पर पहुंच गया। आंकड़ों से साफ है कि घाटा बढ़ने की सबसे बड़ी वजह वस्तुओं (गूड्स) के व्यापार में आया बड़ा अंतर रहा।

वस्तुओं का घाटा बढ़ा, सेवाओं का सरप्लस मामूली सुधरा

न्यूज एजेंसी एएनआई के मुताबिक जुलाई में अमेरिका का वस्तुओं का घाटा 17.6 अरब डॉलर बढ़कर 119.6 अरब डॉलर हो गया। इसके विपरीत सेवा क्षेत्र (सर्विसेज सेक्टर) में अमेरिका का सरप्लस केवल 0.2 अरब डॉलर बढ़कर 31.0 अरब डॉलर ही हो सका, जिससे वस्तुओं के घाटे की भरपाई नहीं हो पाई। वस्तुओं के आयात में 11.4 अरब डॉलर का उछाल आया और यह 320.6 अरब डॉलर पर पहुंचा, जबकि वस्तुओं का निर्यात 6.2 अरब डॉलर घटकर 201.0 अरब डॉलर रह गया।

मेक्सिको के साथ सबसे बड़ा घाटा, भारत भी लिस्ट में शामिल

अमेरिका को जुलाई महीने में सबसे बड़ा वस्तुओं का व्यापार घाटा मेक्सिको के साथ हुआ, जो 27.5 अरब डॉलर दर्ज किया गया। इसके बाद वियतनाम ($23.3 अरब), ताइवान ($18.1 अरब), चीन ($15.2 अरब), दक्षिण कोरिया ($10.4 अरब) और यूरोपीय संघ ($8.9 अरब) का स्थान रहा। अमेरिका का भारत के साथ भी वस्तुओं का व्यापार घाटा 5 अरब डॉलर दर्ज किया गया। इसके अलावा जर्मनी ($5.6 अरब), मलेशिया ($4.8 अरब), जापान ($4.2 अरब) और कनाडा ($3.2 अरब) के साथ भी अमेरिका का व्यापार घाटा बना रहा।

कंप्यूटर और सेमीकंडक्टर का आयात बढ़ा, तेल निर्यात घटा

सामानों के आयात में हुई वृद्धि में कैपिटल गूड्स (पूंजीगत वस्तुओं) का सबसे बड़ा योगदान रहा, जिनमें 14.4 अरब डॉलर की बढ़ोतरी दर्ज की गई। इसमें कंप्यूटर का आयात 6.9 अरब डॉलर, कंप्यूटर एसेसरीज का आयात 6.6 अरब डॉलर और सेमीकंडक्टर का आयात 1.2 अरब डॉलर बढ़ा। दूसरी ओर, निर्यात के मोर्चे पर औद्योगिक आपूर्ति और कच्चे माल के निर्यात में 8.7 अरब डॉलर की बड़ी गिरावट आई। विशेष रूप से अमेरिका के कच्चा तेल (क्रूड ऑयल) निर्यात में 4.5 अरब डॉलर और गैर-मौद्रिक सोने (नॉन-मॉनेट्री गोल्ड) के निर्यात में 3.9 अरब डॉलर की कमी आई।

सालाना आधार पर अब भी स्थिति बेहतर

सेवा क्षेत्र की बात करें तो सेवाओं का निर्यात 0.4 अरब डॉलर घटकर 109.7 अरब डॉलर और आयात 0.6 अरब डॉलर घटकर 78.7 अरब डॉलर रहा। जुलाई महीने में व्यापार घाटे में बड़ा उछाल देखने को मिला है, लेकिन अगर चालू वर्ष के आधार पर तुलना करें तो स्थिति पिछले साल से बेहतर है। वर्ष 2025 की समान अवधि की तुलना में इस साल कुल घाटा 188.4 अरब डॉलर यानी 29.6 प्रतिशत कम रहा है।

Ramanuj Singh
रामानुज सिंहauthor

रामानुज सिंह पत्रकारिता में दो दशकों का व्यापक और समृद्ध अनुभव रखते हैं। उन्होंने टीवी और डिजिटल—दोनों ही प्लेटफॉर्म्स पर काम करते हुए बिजनेस, पर्सनल फाइनेंस, शेयर बाजार, इनकम टैक्स, बैंकिंग, बुलियन और कमोडिटी मार्केट जैसे विषयों पर गहरी विशेषज्ञता विकसित की है। जर्नलिज्म में एमए की डिग्री और वर्षों के अनुभव से विकसित विश्लेषणात्मक दृष्टिकोण के साथ, रामानुज जटिल वित्तीय विषयों को सरल, विश्वसनीय और प्रभावी तरीके से पाठकों तक पहुंचाने के लिए जाने जाते हैं। अब तक वे 22,000 से अधिक स्टोरीज लिख चुके हैं।

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