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Plastic Water Bottle Design: कभी सोचा है कि पानी की प्लास्टिक बोतल पर क्यों होता है डिजाइन, यूज है खास

  • Authored by: दीपक पोखरिया
  • Updated Nov 12, 2022, 10:24 AM IST

Why Plastic Water Bottles Have Lines: प्लास्टिक की बोतलों को बनाने के लिए हार्ड प्लास्टिक के बजाए सॉफ्ट प्लास्टिक का इस्तेमाल होता है। साथ ही ये प्लास्टिक की बोतलों में लकीरें उसकी मजबूत ग्रिप के लिए बनाई जाती है।

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प्लास्टिक की बोतल।

Photo : iStock

Why Plastic Water Bottles Have Lines: जिंदा (Alive) रहने के लिए पानी (Water) बेहद जरूरी चीज है। इंसान (Human) भी जिंदा रहने के लिए पानी पीता है। अगर इंसान को पानी समय पर न मिले तो उसकी मौत भी हो सकती है। इसलिए जब कभी भी हम घर से बाहर निकलते हैं तो हम अपने साथ पानी ले जाना नहीं भूलते, लेकिन कभी-कभी जब हम पानी ले जाना भूल जाते हैं या हमारी बोतल (Bottle) का पानी खत्म हो जाता है तो हमें पानी खरीदकर पीना पड़ता है।

क्यों होती हैं सभी बोतलों में लकीरें

आमतौर पर हम पानी की प्लास्टिक बोतल ही खरीदते हैं, जो 20 रुपए में मिलती है और जिसमें एक लीटर पानी होता है। लेकिन आपने अगर कभी इन बोतलों पर ध्यान दिया होगा तो आपने देखा होगा कि सभी प्लास्टिक की बोतलों में लकीरें होती हैं। ऐसे में आपने सोचा है कि सभी बोतलों में ये लकीरें क्यों होती हैं।

प्लास्टिक की बोतलों में लकीरें बनाने के पीछे है साइंस

अगर आपके मन में इसका जवाब ये है कि ये सब बोतल की डिजाइन करने के लिए बनाया गया है कि तो आप एकदम गलत हैं। दरअसल प्लास्टिक की बोतलों में लकीरें बनाने के पीछे साइंस है। दरअसल प्लास्टिक की बोतलों को बनाने के लिए हार्ड प्लास्टिक के बजाए सॉफ्ट प्लास्टिक का इस्तेमाल होता है। साथ ही ये प्लास्टिक की बोतलों में लकीरें उसकी मजबूत ग्रिप के लिए बनाई जाती है।

मजबूत ग्रिप होने के साथ ही आप इनको अच्छी तरह से पकड़ सकते हैं। वहीं अगर बोतल में लकीरें न हो तो ये आसानी से मुड़ने के साथ ही नीचे गिरकर फटने का डर रहता है। इसके साथ ही बोतलों में लकीरों होने से इसकी सुंदरता भी काफी ज्यादा बढ़ जाती है।

दीपक पोखरिया
दीपक पोखरियाauthor

पहाड़ से हूं, इसलिए घूमने फिरने का शौक है। दिल्ली-नोएडा से ज्यादा उत्तराखंड में ही मन लगता है। कई मीडिया संस्थानों से मेरी करियर यात्रा गुजरी है और मई 2022 से Times Network में timesnowhindi.com के साथ जुड़ा हूं। यहां शुरूआत खबरों से हुई और अब नजरें फीचर टीम के जरिए पाठकों की पसंद के लेख लिखने पर रहती है। घुमक्कड़ी पसंद होने की वजह से मुख्य जिम्मेदारी timesnowhindi.com/travel की है। वैसे मैं देवभूमि उत्तराखंड के नैनीताल से हूं और यहीं पर जन्म हुआ। पढ़ाई की शुरुआत फिरोजपुर (पंजाब) से हुई। इसके बाद लखनऊ (उत्तर प्रदेश), रामपुर (उत्तकर प्रदेश), हल्द्वानी (उत्तराखंड) होते हुए देश की राजधानी दिल्ली से पढ़ाई की। हल्द्वानी के एमबीपीजी कॉलेज से ग्रेजुएशन पूरा किया। साथ ही NIIT से GNIIT किया। इसके बाद दिल्ली से भारतीय विद्या भवन से पत्रकारिता की पढ़ाई की। मीडिया में 12 साल से ज्यादा का अनुभव। टीवी, वेबसाइट और मोबाइल ऐप में अब तक काम किया। नौकरी की शुरुआत 2011 से की। अभी टाइम्स नाऊ नवभारत में 2 से अधिक सीनियर करोस्पेंडट के पद पर हूं। यात्रा सेक्शन से जुड़ने से पहले करीब डेढ़ साल पहले तक न्यूज में ही काम किया।

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