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PF Claim Rejection से बचना है तो तुरंत करें ये काम! घर बैठे ऑनलाइन KYC अपडेट करने का स्टेप-बाय-स्टेप तरीका

अगर आपके आधार में नाम की स्पेलिंग और पीएफ रिकॉर्ड में नाम अलग है, या आपका बैंक अकाउंट नंबर गलत है, तो सिस्टम ऑटोमैटिक तरीके से आपके क्लेम को रिजेक्ट कर देता है। ऐसे में आइए बताते हैं आप घर से KYC कैसे कर सकते हैं?

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epfo contribution

कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) अपने सदस्यों को ऑनलाइन पैसा निकालने की सुविधा देता है, लेकिन इस सुविधा का लाभ उठाने के लिए आपका 'यूनीफाइड पोर्टल' पर केवाईसी अपडेट होना अनिवार्य है। केवाईसी का मतलब है कि आपका आधार कार्ड, पैन कार्ड और बैंक खाता विवरण आपके यूएएन (UAN) नंबर से पूरी तरह लिंक और वेरीफाई होना चाहिए। अगर आपके आधार में नाम की स्पेलिंग और पीएफ रिकॉर्ड में नाम अलग है, या आपका बैंक अकाउंट नंबर गलत है, तो सिस्टम ऑटोमैटिक तरीके से आपके क्लेम को रिजेक्ट कर देता है। इसलिए, क्लेम डालने से पहले अपनी प्रोफाइल को चेक करना बहुत जरूरी है। आइए बताते हैं आप घर बैठे कैसे KYC अपडेट कर सकते हैं?

ऑनलाइन केवाईसी अपडेट करने का पूरा प्रोसेस

अच्छी बात यह है कि केवाईसी अपडेट करने के लिए आपको किसी दफ्तर के चक्कर लगाने की जरूरत नहीं है। आप घर बैठे कंप्यूटर या मोबाइल से इसे पूरा कर सकते हैं। सबसे पहले आपको 'EPFO Unified Member Portal' पर जाना होगा और अपने UAN नंबर व पासवर्ड की मदद से लॉग-इन करना होगा। लॉग-इन करने के बाद, ऊपर दिए गए मेनू में 'Manage' टैब पर क्लिक करें और वहां 'KYC' विकल्प को चुनें।

यहां आपको आधार, पैन और बैंक के विकल्प दिखाई देंगे। आप जिस जानकारी को अपडेट करना चाहते हैं, उस पर टिक करें और जरूरी नंबर व नाम दर्ज करें। विवरण भरने के बाद 'Save' पर क्लिक करें। इसके बाद आपकी जानकारी 'Pending for Approval' में चली जाएगी। ध्यान रहे कि बैंक की जानकारी आपके बैंक द्वारा और आधार/पैन की जानकारी आपके नियोक्ता (Employer) द्वारा डिजिटल रूप से अप्रूव की जाती है। एक बार जब आपका नियोक्ता इसे डिजिटल सिग्नेचर के जरिए वेरीफाई कर देता है, तो आपकी केवाईसी स्टेटस 'Approved' दिखाई देने लगेगी।

इन गलतियों से बचें

अक्सर लोग बैंक अकाउंट तो लिंक कर देते हैं, लेकिन आईएफएससी (IFSC) कोड पुराना डाल देते हैं। बैंकों के विलय (Merger) के बाद कई बैंकों के आईएफएससी कोड बदल गए हैं, इसलिए नया कोड ही इस्तेमाल करें। इसके अलावा, सुनिश्चित करें कि आपका मोबाइल नंबर आधार से लिंक है, क्योंकि वेरिफिकेशन के लिए आपके पास ओटीपी (OTP) आएगा। अगर आपके जन्मतिथि (DOB) में 3 साल से ज्यादा का अंतर है, तो आपको ऑनलाइन के साथ-साथ जॉइंट डिक्लेरेशन फॉर्म भी देना पड़ सकता है।

कई बार कर्मचारी केवाईसी तो सबमिट कर देते हैं, लेकिन उनकी कंपनी उसे अप्रूव नहीं करती। ऐसी स्थिति में आपको अपनी कंपनी के एचआर (HR) विभाग से संपर्क करना चाहिए। जब तक कंपनी अपने 'डिजिटल सिग्नेचर' से इसे अप्रूव नहीं करेगी, तब तक EPFO के पास आपकी रिक्वेस्ट नहीं पहुंचेगी। एक बार कंपनी की मंजूरी मिलते ही आपका डेटा EPFO के रिकॉर्ड में अपडेट हो जाता है और फिर आप बिना किसी डर के पीएफ निकासी या ट्रांसफर के लिए अप्लाई कर सकते हैं।

Richa Tripathi
रिचा त्रिपाठीauthor

रिचा त्रिपाठी टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में बिजनेस डेस्क पर सीनियर कॉपी एडिटर के रूप में कार्यरत हैं। मीडिया इंडस्ट्री में 7 वर्षों के अनुभव के साथ रिचा, पर्सनल फाइनेंस, स्टॉक मार्केट, टैक्स प्लानिंग और अर्थव्यवस्था से जुड़े विषयों पर मजबूत पकड़ रखती हैं। अब तक 8,000 से अधिक कंटेंट लिख चुकी रिचा की विशेषता है—जटिल वित्तीय जानकारियों को सरल, स्पष्ट और भरोसेमंद तरीके से पाठकों तक पहुंचाना। वह ऐसी स्टोरीज तैयार करती हैं जो न केवल जानकारीपूर्ण होती हैं, बल्कि आम पाठक की वित्तीय समझ को बेहतर बनाने में भी मदद करती हैं।

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