उत्तर प्रदेश के सहारनपुर के बाद अब हरियाणा के सोनीपत में भी नकली सिक्के बनाने वाले एक बड़े अंतरराज्यीय गिरोह का खुलासा हुआ है। पुलिस ने पेचकस बनाने की फैक्ट्री की आड़ में चल रहे इस कथित नकली सिक्का बनाने के धंधे का भंडाफोड़ किया है। छापेमारी के दौरान पुलिस को नकली सिक्के बनाने के लिए इस्तेमाल होने वाली मशीनों से लेकर पूरा सेटअप मिला है।
पुलिस के मुताबिक, आरोपियों के पास से 6,400 नकली 20 रुपये के सिक्के और छह मशीनें बरामद की गई हैं। जांच में यह भी सामने आया है कि इस गिरोह की ओर से रोजाना करीब 12,000 नकली सिक्के बाजार में खपाए जा रहे थे। ऐसे में संभव है कि इन सिक्कों में से कई अभी भी बाजार में लोगों के पास घूम रहे हों।
ऐसे में अगर आपके पास भी 20 रुपये का सिक्का आता है तो उसे बिना देखे आगे चलाने से पहले उसकी जांच कर लेना बेहतर है। पहली नजर में असली और नकली सिक्के बिल्कुल एक जैसे नजर आ सकते हैं, लेकिन कुछ छोटी-छोटी चीजों पर ध्यान देकर इनके बीच अंतर समझा जा सकता है।
डिजाइन को ध्यान से देखें
20 रुपये के असली सिक्के पर बना डिजाइन साफ और उभरा हुआ दिखाई देता है। सिक्के पर लिखे नंबर और दूसरे डिजाइन के हिस्से भी स्पष्ट नजर आते हैं। वहीं नकली सिक्के में डिजाइन उतना साफ या उभरा हुआ नहीं हो सकता। उदाहरण के लिए सिक्के पर लिखा '20' अगर सामान्य सिक्के की तुलना में कम उभरा हुआ या धुंधला दिखाई दे रहा है तो उसे ध्यान से जांचना चाहिए।
सिक्के के किनारों पर बनी धारियां देखें
सिक्के के किनारों पर बनी धारियां भी इसकी पहचान में मदद कर सकती हैं। असली सिक्के में किनारों की धारियां सामान्य तौर पर एक जैसी और व्यवस्थित दिखाई देती हैं। नकली सिक्के में ये धारियां असमान हो सकती हैं। कुछ मामलों में धारियां दिखाई भी नहीं देतीं या उनकी बनावट ठीक नहीं होती। इसलिए सिक्के को हाथ में लेकर उसके किनारों को भी जरूर देखें।
| पहचान का आधार | असली 20 रुपये का सिक्का | नकली 20 रुपये का सिक्का |
|---|---|---|
| डिजाइन | डिजाइन साफ और अच्छी तरह उभरा हुआ दिखाई देता है। | डिजाइन कम उभरा या धुंधला दिखाई दे सकता है। |
| ‘20’ की बनावट | ‘20’ साफ और स्पष्ट नजर आता है। | ‘20’ कम उभरा हुआ या अस्पष्ट दिखाई दे सकता है। |
| किनारों की धारियां | किनारों पर धारियां एक जैसी और व्यवस्थित होती हैं। | धारियां असमान हो सकती हैं या कुछ मामलों में दिखाई नहीं देतीं। |
| अक्षर और नंबर | लिखे हुए अक्षर और नंबर स्पष्ट दिखाई देते हैं। | अक्षर या नंबर धुंधले, टेढ़े-मेढ़े या असामान्य दिख सकते हैं। |
| वजन | करीब 8.5 ग्राम। | वजन कम या ज्यादा हो सकता है। |
| धातु और रंग | धातु की चमक और रंग सामान्य तौर पर एकसमान दिखाई देते हैं। | धातु की गुणवत्ता कमजोर और रंग असमान दिखाई दे सकता है। |
| कुल बनावट | सिक्का साफ-सुथरा और बेहतर फिनिश वाला दिखाई देता है। | फिनिशिंग या बनावट में खुरदरापन और असमानता दिख सकती है। |
अक्षर और नंबर धुंधले तो सावधान
सिक्के पर लिखे अक्षर, नंबर और दूसरी जानकारी असली सिक्के में स्पष्ट दिखाई देती है। इसकी छपाई और डिजाइन साफ नजर आती है। अगर किसी सिक्के पर लिखे अक्षर टेढ़े-मेढ़े, धुंधले या असामान्य दिखाई दें तो उसे संदिग्ध माना जा सकता है। हालांकि सिर्फ इसी एक आधार पर सिक्के को नकली मानने के बजाय दूसरे फीचर्स भी जांचने चाहिए।
20 रुपये के सिक्के का वजन भी जांचें
असली 20 रुपये के सिक्के का वजन 8.5 ग्राम बताया गया है। ऐसे में अगर आपके पास आया सिक्का काफी हल्का या ज्यादा भारी महसूस हो रहा है तो उसे ध्यान से जांचना चाहिए। हालांकि घर पर बिना सही और सटीक मशीन के वजन जांचना मुश्किल हो सकता है। इसलिए अगर सिक्के को लेकर संदेह है तो बैंक में इसकी जांच कराना बेहतर विकल्प है।
रंग और धातु की चमक पर दें ध्यान
असली सिक्के की धातु और उसकी चमक सामान्य तौर पर एक जैसी और संतुलित दिखाई देती है। सिक्के के दोनों हिस्सों में रंग और फिनिशिंग में असामान्य अंतर नहीं होना चाहिए। वहीं नकली सिक्के में इस्तेमाल की गई धातु की गुणवत्ता कमजोर हो सकती है। उसका रंग असमान या चमक अलग-अलग दिखाई दे सकती है। अगर सिक्का देखने में बाकी 20 रुपये के सिक्कों से काफी अलग लग रहा है तो सावधान हो जाएं।
नकली सिक्का मिल जाए तो उसे आगे न चलाएं
अगर आपको कोई ऐसा 20 रुपये का सिक्का मिलता है जिस पर शक है कि वह नकली हो सकता है, तो उसे किसी दुकान या दूसरे व्यक्ति को देकर आगे चलाने की कोशिश न करें। ऐसा करना आपके लिए परेशानी खड़ी कर सकता है। संदिग्ध सिक्के को लेकर नजदीकी बैंक या पुलिस स्टेशन में जाकर उसकी जांच कराई जा सकती है। अगर सिक्का नकली पाया जाता है तो पुलिस को इसकी जानकारी देना बेहतर है।
सिर्फ एक निशान देखकर फैसला न करें
असली और नकली सिक्के की पहचान करते समय सिर्फ वजन, रंग या डिजाइन में से किसी एक चीज पर निर्भर न रहें। सिक्के का डिजाइन, उभरी हुई बनावट, किनारों की धारियां, अक्षर, वजन और धातु की चमक सभी चीजों को मिलाकर देखें। अगर सिक्का सामान्य सिक्कों से अलग नजर आ रहा है और आपको संदेह है, तो उसे आगे इस्तेमाल करने के बजाय बैंक या पुलिस से इसकी पुष्टि कराना सबसे सुरक्षित तरीका है।
