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Mustard Oil: सरसों का तेल असली है या नकली, घर बैठे इन आसान तरीकों से करें पहचान

  • Authored by: दीपक पोखरिया
  • Updated Nov 28, 2022, 09:44 AM IST

Mustard Oil Check Real or Fake: मसालों से लेकर डेयरी उत्पादों तक हर खाने की चीज की क्वालिटी पर बड़ा सवालिया निशान बना हुआ है।लोगों का मानना है कि अच्छी पैकेजिंग किसी भी प्रोडेक्ट की बढ़िया क्वालिटी सुनिश्चित करती है, लेकिन ऐसा हमेशा नहीं होता है।

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घर बैठे इन आसान तरीकों से करें सरसों के तेल की पहचान।

Photo : iStock

Mustard Oil Check Real or Fake: आजकल बाजार (Market) में शायद ही कोई ऐसी चीज है, जो बिना मिलावट (Adulteration) के मिलती हो। मसालों से लेकर डेयरी उत्पादों तक हर खाने की चीज की क्वालिटी (Quality) पर बड़ा सवालिया निशान बना हुआ है। लोगों का मानना है कि अच्छी पैकेजिंग किसी भी प्रोडेक्ट की बढ़िया क्वालिटी सुनिश्चित करती है, लेकिन ऐसा हमेशा नहीं होता है।

लोगों को मिलावट की मात्रा के बारे में भी पता नहीं होता है और मिलावटी चीज खाने से आपका स्वास्थ्य खराब हो सकता है। खाना पकाने का सरसों का तेल भी इससे अछूता नहीं है। ऐसे में आज हम आपको बताएंगे कि आप कैसे असली और नकली सरसों के तेल की पहचान कर सकते हैं।

घर पर ऐसे खुद करें सरसों के तेल की पहचान:-

  1. थोड़ा सा सरसों का तेल लें और इसे 2 से 3 घंटे के लिए फ्रिज में रख दें। अगर तेल की सतह पर सफेद रंग का पदार्थ तैरता हुआ मिले तो समझ लीजिए कि ये सरसों का तेल नकली है।
  2. रबिंग टेस्ट सरसों के तेल की शुद्धता की पहचान करने का एक और अच्छा तरीका है। अपनी हथेली पर थोड़ा सा तेल लगाएं और इसे जोर से रगड़ें। अगर आपको कोई गंध या रंग दिखता है तो इसका मतलब है कि तेल में कुछ चिकना पदार्थ मिलाया गया है और ये 100 फीसदी शुद्ध नहीं है।
  3. इसके अलावा सरसों के तेल की पहचान करने का एक तरीका ये है कि टेस्ट ट्यूब में 5 ग्राम सरसों का तेल लें। अब इसमें नाइट्रिक एसिड मिलाएं। टेस्ट ट्यूब को अच्छी तरह हिलाएं। अगर तेल शुद्ध होगा तो उसके रंग में कोई बदलाव नहीं आएगा। हालांकि मिलावट की स्थिति में तेल की परत का रंग नारंगी-पीले से बदलकर लाल हो जाएगा। इससे आपको नकली से असली की पहचान करने में मदद मिलेगी।

हमें उम्मीद है कि हमारी ओर से बताए गए तरीकों से अब आप असली और नकली सरसों के तेल में अंतर का पता लगा पाएंगे। साथ ही आप अपने दोस्तों और रिश्तेदारों को भी इस बारे में जागरूक करें।

दीपक पोखरिया
दीपक पोखरिया author

पहाड़ से हूं, इसलिए घूमने फिरने का शौक है। दिल्ली-नोएडा से ज्यादा उत्तराखंड में ही मन लगता है। कई मीडिया संस्थानों से मेरी करियर यात्रा गुजरी है और मई... और देखें

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