बारिश के मौसम ने दस्तक देते ही भीषण गर्मी से राहत दे दी है, लेकिन इस मौसम में कुछ दिक्कतें भी होती हैं। इस मौसम में कभी धूप कभी बारिश की वजह हवा में नमी बढ़ जाती है। बरसात के मौसम में ज्यादातर लोग इस बात की शिकायत करने लगते हैं कि कूलर और पंखा चलाने के बाद भी राहत नहीं मिलती है। अगर आप भी मानसून के मौसम में चिपचिपी गर्मी से परेशान हैं तो आपके लिए काम की खबर है। हम आपको एक ऐसा तरीका बताने जा रहे हैं जिससे बरसात में भी कूलर से ठंडी हवा ले पाएंगे।
बरसात के मौसम में कूलर चलाने के बाद भी गर्मी से राहत नहीं मिलती है। कई बार तो ऐसा होता है कि गर्मी से राहत मिलने के बजाय पूरा कमरा चिपचिपा हो जाता है। ऐसे में कुछ ही देर में कूलर को बंद करना पड़ जाता है। ऐसे में ज्यादातर लोगों को लगता है कि कूलर में खराबी आ गई है लेकिन ऐसा नहीं है। दरअसल उमस बढ़ने और चिपचिपी गर्मी के पीछे एक बड़ा कारण है एयर का सही सर्कुलेशन न होना है। हालांकि आपके लिए अच्छी बात यह है कि आप सिर्फ 300 रुपये में कूलर से पहली जैसी ठंडी हवा पा सकते हैं।
बारिश में एयर कूलर की ठंडक क्यों कम महसूस होती है?
एयर कूलर पानी के जरिए हवा को ठंडा करने वाली तकनीक पर काम करता है। इसमें बाहर की हवा गीले कूलिंग पैड से होकर गुजरती है और ठंडी होकर कमरे में आती है। बरसात के मौसम में हवा में पहले से ही काफी नमी होती है। ऐसे में कूलर से आने वाली हवा भी ज्यादा नम हो जाती है। अगर कमरे में ताजी हवा आने और नम हवा बाहर निकलने का सही इंतजाम नहीं है, तो नमी लगातार बढ़ती रहती है।
कमरे में ज्यादा नमी होने पर पसीना आसानी से नहीं सूखता। इससे मौसम ज्यादा उमस भरा लगता है और कूलर की ठंडक भी पहले जैसी महसूस नहीं होती। यानी कई बार दिक्कत कूलर में नहीं, बल्कि कमरे में सही वेंटिलेशन की कमी होती है।
कम खर्च में क्या है उपाय?
बरसात के मौसम में कमरे की नमी कम करने के लिए डीह्यूमिडिफायर का इस्तेमाल किया जाता है, लेकिन इसकी कीमत आमतौर पर 10,000 से 15,000 रुपये तक हो सकती है। अगर आप सस्ता विकल्प चाहते हैं, तो लगभग 300 रुपये से मिलने वाला छोटा एग्जॉस्ट फैन भी इस समस्या का अच्छा समाधान हो सकता है। यह कमरे की नम हवा को बाहर निकालने में मदद करता है, जिससे एयर सर्कुलेशन बेहतर बनेगा।
इन बातों का रखें खास ध्यान
कूलर को कई लोग गलत तरीके से भी इस्तेमाल करते हैं। कभी भी एयर कूलर को पूरी तरह से कमरे के अंदर नहीं रखना चाहिए। कूलर को हमेशा बालकनी में रखें या फिर विंडो के पास रखें ताकि कूलर बाहर की फ्रेश हवा को खींच सके। इसके बाद आपको कमरे के उस हिस्से को पहचानना है जो कूलर से सबसे ज्यादा दूर हो। उस जगह पर अगर विंडो या फिर रोशनदान है तो वहां पर आप एग्जॉस्ट को इंस्टाल कर सकते हैं।
आपको बता दें कि कूलर ताजी हवा को कमरे के अंदर भेजेगा और एग्जॉस्ट फैन कमरे में मौजूद गर्म और नम हवा को खींचकर बाहर कर देगा। इससे आपको कूलर-और पंखा चलने पर उमस नहीं महसूस होगी। कूलर और एग्जॉस्ट दोनों एक साथ चलने से एयर फ्लो काफी बेहतर हो जाता है जिससे आपको ठंडी हवा मिलती रहती है।
