मानसून के दौरान कई राज्यों में लगातार हो रही भारी बारिश और जलभराव की वजह से ट्रेनों के संचालन पर असर पड़ रहा है। ऐसे में यात्रियों के मन में सबसे बड़ा सवाल यही होता है कि अगर ट्रेन रद्द हो जाए तो क्या पूरा टिकट रिफंड मिलेगा या रेलवे कुछ पैसे काट लेगा। भारतीय रेलवे के नियमों के अनुसार, ट्रेन पूरी तरह रद्द होने पर यात्रियों को पूरा रिफंड मिलने का प्रावधान है, लेकिन यह प्रक्रिया टिकट के प्रकार के आधार पर अलग-अलग हो सकती है।
ऑनलाइन टिकट वालों को मिलेगा पूरा रिफंड
यदि आपने IRCTC के माध्यम से ई-टिकट बुक किया है और ट्रेन पूरी तरह रद्द हो जाती है, तो आमतौर पर पूरा किराया वापस कर दिया जाता है। ऐसी स्थिति में कोई कैंसलेशन चार्ज नहीं काटा जाता। रेलवे की ओर से रिफंड की प्रक्रिया ऑटोमैटिक शुरू हो जाती है और पैसे सीधे उसी खाते में वापस भेज दी जाती है, जिससे भुगतान किया गया था, हालांकि यदि ट्रेन आंशिक रूप से प्रभावित है और पूरी तरह रद्द नहीं हुई है, तो यात्रियों को निर्धारित समय के भीतर TDR (Ticket Deposit Receipt) दाखिल करना पड़ सकता है।
काउंटर टिकट के लिए अलग प्रक्रिया
जिन यात्रियों ने PRS काउंटर से टिकट खरीदा है, उन्हें रिफंड के लिए संबंधित रेलवे आरक्षण केंद्र पर जाना होगा। रेलवे के निर्धारित नियमों और समय सीमा के भीतर टिकट जमा करने पर पूरा रिफंड मिल सकता है। यदि यात्री तय अवधि के बाद आवेदन करता है, तो रिफंड में दिक्कत आ सकती है।
TDR कब भरना जरूरी है?
यदि ट्रेन पूरी तरह रद्द हो गई है और ऑनलाइन टिकट बुक किया गया था, तो कई मामलों में रिफंड स्वतः मिल जाता है। लेकिन जब ट्रेन आंशिक रूप से चल रही हो, देरी से हो या यात्री यात्रा नहीं कर पाया हो, तब TDR दाखिल करना आवश्यक हो सकता है। TDR समय पर भरने पर रेलवे मामले की जांच करके रिफंड जारी करता है।
रिफंड नहीं मिले तो क्या करें?
अगर निर्धारित समय के बाद भी रिफंड प्राप्त नहीं होता, तो यात्री IRCTC की वेबसाइट या मोबाइल ऐप के जरिए शिकायत दर्ज कर सकते हैं। इसके अलावा रेलवे हेल्पलाइन 139 पर संपर्क कर स्थिति की जानकारी ली जा सकती है। कई मामलों में शिकायत संख्या के आधार पर रिफंड प्रक्रिया को तेज किया जाता है।
यात्रियों के लिए जरूरी बात
भारी बारिश, बाढ़ या अन्य प्राकृतिक आपदा के दौरान यात्रा से पहले ट्रेन का स्टेटस जरूर जांचें। यदि ट्रेन रद्द हो जाती है, तो टिकट का प्रकार देखकर सही प्रक्रिया अपनाएं। ऑनलाइन टिकट के मामले में खाते पर नजर रखें, जबकि काउंटर टिकट वालों को समय पर PRS केंद्र पहुंचकर रिफंड का दावा करना चाहिए। रेलवे का कहना है कि नियमों की जानकारी रखने से यात्रियों को अनावश्यक परेशानी से बचाया जा सकता है।
