अगर आपकी किसी गाड़ी का ट्रैफिक चालान लंबे समय से लंबित है, तो 12 जुलाई को आयोजित होने वाली दिल्ली ट्रैफिक पुलिस की स्पेशल लोक अदालत आपके लिए राहत लेकर आ सकती है। इस दौरान पुराने चालानों का निपटारा कराया जा सकेगा। खासतौर पर मॉडिफाइड साइलेंसर, तेज आवाज वाले एग्जॉस्ट और अन्य नियम उल्लंघन से जुड़े मामलों में वाहन मालिकों को अपना मामला सुलझाने का अवसर मिलेगा।
इस लोक अदालत का उद्देश्य लंबित ट्रैफिक चालानों का जल्द निपटारा करना है। यदि आपके वाहन पर चालान है, तो समय रहते ऑनलाइन प्रक्रिया पूरी कर लें। अंतिम समय की भीड़ से बचने के लिए पहले ही अपना स्लॉट बुक करना बेहतर रहेगा।
कौन ले सकता है हिस्सा?
लोक अदालत में शामिल होने के लिए सबसे पहले दिल्ली ट्रैफिक पुलिस की आधिकारिक वेबसाइट से अपना चालान या नोटिस डाउनलोड करें। इसके बाद ऑनलाइन उपलब्ध कोर्ट और समय के अनुसार अपना स्लॉट बुक करें। सुनवाई के दिन नोटिस की प्रिंट कॉपी और वाहन से जुड़े जरूरी दस्तावेज अपने साथ लेकर जाएं, ताकि प्रक्रिया आसानी से पूरी हो सके।
किन नियमों का रखें ध्यान?
दिल्ली-एनसीआर में कई तरह के वाहन मॉडिफिकेशन नियमों के खिलाफ माने जाते हैं। जैसे अवैध बुल बार, डार्क सनफिल्म, जरूरत से ज्यादा तेज LED लाइटें और तय सीमा से बड़े टायर। ऐसे मामलों में जुर्माने के साथ वाहन पर कार्रवाई भी हो सकती है।
ध्यान रखें कि लोक अदालत में चालान का निपटारा होने का मतलब यह नहीं है कि वाहन में किए गए गैरकानूनी बदलाव वैध हो जाएंगे। भविष्य में किसी भी परेशानी से बचने के लिए वाहन को ट्रैफिक नियमों के अनुसार ही रखें।
आगे के लिए क्या करें?
एक्सपर्ट का मानना है कि गाड़ी का एग्जॉस्ट तय ध्वनि सीमा के भीतर होना चाहिए और किसी भी तरह का अवैध मॉडिफिकेशन नहीं कराना चाहिए। पुराने चालानों का निपटारा करने के बाद भी ट्रैफिक नियमों का पालन करना जरूरी है, ताकि भविष्य में दोबारा जुर्माने या कानूनी कार्रवाई का सामना न करना पड़े।
