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कहीं आपको मिले सामान का GST बिल नकली तो नहीं, खुद ऐसे करें असली की पहचान

  • Authored by: दीपक पोखरिया
  • Updated Feb 16, 2023, 02:45 PM IST

GST Bill Check Real or Fake: जीएसटी बिल भी उन्हीं चीजों में से एक है, जिसे कई दुकानदार नकली दे रहे हैं। दरअसल लोग सामान खरीदते हैं और उसपर जीएसटी भी देते हैं, लेकिन दुकानदार जीएसटी लेने के बावजूद उन्हें नकली बिल थमा देते हैं।

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GST Bill Check Real or Fake

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GST Bill Check Real or Fake: आज के दौर में नकली चीजों की जमकर भरमार है। लोगों के समझ में नहीं आता है कि वह जो चीज भी खरीदते हैं, वह असली है या नकली। जीएसटी बिल (GST Bill) भी उन्हीं चीजों में से एक है, जिसे कई दुकानदार आजकल नकली (Fake) दे रहे हैं। दरअसल लोग सामान खरीदते हैं और उसपर जीएसटी (GST) भी देते हैं, लेकिन दुकानदार जीएसटी लेने के बावजूद उन्हें नकली बिल (Fake Bill) थमा देते हैं।

नकली बिल मिलने से हमारी ओर से दिया गया सामान पर जीएसटी सरकार को मिलने के बजाए दुकानदार को मिल जाता है। ऐसे में बड़ा सवाल ये है कि आम लोग असली और नकली जीएसटी की पहचान कैसे करें। इसी को लेकर आज हम आपको कुछ तरीकों के बारे में बताने जा रहे हैं, जिसकी मदद से आप आसानी से असली और नकली जीएसटी की पहचान कर पाएंगे।

खुद इन तरीकों से करें असली जीएसटी बिल की पहचान:-

  • जीएसटी बिल की पहचान करने का एक तरीका ये है कि सबसे पहले आपको देखना होगा कि बिल पर लिखा जीएसटी बिल जीएसटीआईएन नंबर 15 अंकों का है या नहीं। इसके पहले दो अंक राज्‍य का कोड होते हैं। वहीं अगले 10 अंक उस दुकानदार या कंपनी का पैन कार्ड नंबर होता है। वहीं 13वां अंक राज्यों के रजिस्ट्रेशन की संख्या के आधार पर आवंटित होता है। इसके बाद 14वां अंक डिफॉल्ट रूप से Z होता है और अंतिम यानी 15वां अंक चेक कोड होता है। अगर इस क्रम में कोई गड़बड़ी है तो समझ लीजिए कि जीएसटी बिल फर्जी है।
  • जीएसटी बिल की पहचान करने का एक तरीका ये भी है कि आप जीएसटी बिल पर मिले जीएसटीआईएन नंबर को जीएसटी की वेबसाइट पर डालकर भी रजि‍स्‍ट्रेशन से लेकर सभी जानकारी का पता कर सकते हैं। अगर जीएसटीआईएन नंबर गलत होगा तो इनवैलिड जीएसटीआईएन लिखा दिखाई देगा।
कहीं आपके मुंह में रखा गुड़ मिलावटी तो नहीं, घर बैठे खुद इन तरीकों से करें असली की पहचान

हमें उम्मीद है कि हमारी ओर से ऊपर बताए गए तरीकों से अब आप आसानी से असली और नकली जीएसटी बिल की पहचान कर पाएंगे।

दीपक पोखरिया
दीपक पोखरियाauthor

पहाड़ से हूं, इसलिए घूमने फिरने का शौक है। दिल्ली-नोएडा से ज्यादा उत्तराखंड में ही मन लगता है। कई मीडिया संस्थानों से मेरी करियर यात्रा गुजरी है और मई 2022 से Times Network में timesnowhindi.com के साथ जुड़ा हूं। यहां शुरूआत खबरों से हुई और अब नजरें फीचर टीम के जरिए पाठकों की पसंद के लेख लिखने पर रहती है। घुमक्कड़ी पसंद होने की वजह से मुख्य जिम्मेदारी timesnowhindi.com/travel की है। वैसे मैं देवभूमि उत्तराखंड के नैनीताल से हूं और यहीं पर जन्म हुआ। पढ़ाई की शुरुआत फिरोजपुर (पंजाब) से हुई। इसके बाद लखनऊ (उत्तर प्रदेश), रामपुर (उत्तकर प्रदेश), हल्द्वानी (उत्तराखंड) होते हुए देश की राजधानी दिल्ली से पढ़ाई की। हल्द्वानी के एमबीपीजी कॉलेज से ग्रेजुएशन पूरा किया। साथ ही NIIT से GNIIT किया। इसके बाद दिल्ली से भारतीय विद्या भवन से पत्रकारिता की पढ़ाई की। मीडिया में 12 साल से ज्यादा का अनुभव। टीवी, वेबसाइट और मोबाइल ऐप में अब तक काम किया। नौकरी की शुरुआत 2011 से की। अभी टाइम्स नाऊ नवभारत में 2 से अधिक सीनियर करोस्पेंडट के पद पर हूं। यात्रा सेक्शन से जुड़ने से पहले करीब डेढ़ साल पहले तक न्यूज में ही काम किया।

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