EPS: श्रम और रोजगार मंत्री मनसुख मांडविया ने शुक्रवार को कर्मचारी पेंशन योजना 1995 के तहत नई केंद्रीकृत पेंशन भुगतान प्रणाली (CPPS) के प्रायोगिक परीक्षण के सफल समापन की घोषणा की। श्रम मंत्रालय के बयान में कहा गया है कि CPPS मौजूदा पेंशन वितरण प्रणाली से एक आदर्श बदलाव है जो विकेंद्रीकृत है। जिसमें EPFO का प्रत्येक जोनल/क्षेत्रीय कार्यालय केवल 3-4 बैंकों के साथ अलग-अलग समझौते करता है। CPPS में, पेंशन शुरू होने के समय पेंशनभोगियों को किसी प्रकार की वेरिफिकेशन के लिए बैंक जाने की आवश्यकता नहीं होगी और पेंशन जारी होने पर तुरंत जमा हो जाएगी।
49,000 पेंशनर्स को मिले 11 करोड़
मंत्री ने बयान में कहा कि प्रायोगिक परीक्षण 29-30 अक्टूबर को पूरा हुआ और जम्मू, श्रीनगर और करनाल क्षेत्रों के 49,000 से अधिक ईपीएस पेंशनभोगियों को अक्टूबर, 2024 के लिए लगभग 11 करोड़ रुपये का पेंशन वितरण किया गया। इससे पहले, नई CPPS प्रणाली की घोषणा के दौरान मांडविया ने कहा था, ‘‘CPPS, ईपीएमओ के आधुनिकीकरण में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है। पेंशनभोगियों को देश में कहीं भी किसी भी बैंक, किसी भी शाखा से अपनी पेंशन प्राप्त करने में सक्षम बनाकर, यह पहल पेंशनभोगियों के सामने आने वाली लंबे समय से चली आ रही चुनौतियों का समाधान करती है और एक निर्बाध और कुशल वितरण तंत्र सुनिश्चित करती है।’’
इन्हें होगा फायदा
मनसुख मांडाविया ने कहा था कि EPFO को अपने सदस्यों और पेंशनभोगियों की ज़रूरतों को बेहतर ढंग से पूरा करने के लिए एक अधिक मजजबूत और तकनीक-सक्षम संगठन में बदलने के हमारे प्रयासों में यह एक महत्वपूर्ण कदम है। CPPS प्रणाली पेंशन भुगतान आदेशों (PPO) को एक कार्यालय से दूसरे कार्यालय में स्थानांतरित किए बिना पूरे भारत में पेंशन का वितरण सुनिश्चित करेगी, भले ही पेंशनभोगी एक स्थान से दूसरे स्थान पर चले जाएं या अपना बैंक या शाखा बदल लें। यह उन पेंशनभोगियों के लिए एक बड़ी राहत होगी जो रिटायरमेंट के बाद अपने गृहनगर चले जाते हैं।
