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कार के डैशबोर्ड पर मूर्ति या खिलौने रखना सही या गलत? क्या कहता है ट्रैफिक नियम

कार के डैशबोर्ड पर भगवान की मूर्ति या खिलौने रखना आपकी आस्था या पसंद हो सकती है, लेकिन क्या आप जानते हैं कि ऐसा करना ट्रैफिक नियमों के खिलाफ हो सकता है? जानिए क्यों यह आदत चालान और आपकी सुरक्षा के लिए खतरनाक बन सकती है।

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कार के डैशबोर्ड पर मूर्ति या खिलौने रखना सही या गलत? क्या कहता है ट्रैफिक नियम

भारत में अपनी नई कार खरीदने के बाद डैशबोर्ड पर भगवान की मूर्ति, शोपीस या कोई खिलौना रखना एक बेहद आम परंपरा है। ज्यादातर लोग सुख-समृद्धि, आस्था और यात्रा को सुरक्षित बनाने के विचार से ऐसा करते हैं। हालांकि, क्या आप जानते हैं कि कार के डैशबोर्ड पर मूर्ति या कोई भी सजावटी सामान रखना यातायात नियमों (Traffic Rules) के तहत गलत माना जा सकता है और यह सुरक्षा के लिहाज से बेहद खतरनाक साबित हो सकता है? मोटर वाहन अधिनियम (Motor Vehicle Act) और ऑटोमोबाइल सेफ्टी एक्सपर्ट्स के मुताबिक, डैशबोर्ड पर रखा कोई भी ऐसा सामान जो ड्राइवर के विजन को बाधित करता है या एक्सीडेंट के समय नुकसान पहुंचाता है, वह नियमों के खिलाफ है।

ट्रैफिक नियम क्या कहते हैं?

यातायात नियमों के अनुसार, गाड़ी चलाते समय ड्राइवर का सामने का दृश्य (Front Windshield View) पूरी तरह से साफ और रुकावट मुक्त होना चाहिए। यदि डैशबोर्ड पर रखी मूर्ति या खिलौने की वजह से ड्राइवर को सड़क का कोई हिस्सा, पैदल यात्री या अन्य वाहन देखने में थोड़ी सी भी परेशानी होती है, तो ट्रैफिक पुलिस इसके लिए चालान काट सकती है। मोटर वाहन कानून के तहत ड्राइवर के दृश्य में किसी भी प्रकार की बाधा उत्पन्न करना एक यातायात अपराध की श्रेणी में आता है। इसके अलावा, रात के समय या तेज धूप में डैशबोर्ड पर रखी चमकदार मूर्तियों का रिफ्लेक्शन (परावर्तन) विंडशील्ड ग्लास पर पड़ता है, जिससे सामने की दृश्यता और भी धुंधली हो जाती है।

ये भी है सुरक्षा नियम

ड्राइविंग विजन के अलावा, सुरक्षा का सबसे बड़ा पहलू एयरबैग्स (Airbags) से जुड़ा हुआ है। आधुनिक गाड़ियों में पैसेंजर साइड डैशबोर्ड के अंदर 'फ्रंट एयरबैग' फिट होते हैं। यदि किसी हादसे के दौरान एयरबैग बहुत तेजी से (माइक्रोसेकंड्स में) खुलता है, तो डैशबोर्ड पर रखी कोई भी भारी मूर्ति या ठोस खिलौना मिसाइल की तरह उछलकर सीधे कार में बैठे यात्रियों या ड्राइवर को लग सकता है। यह स्थिति बहुत मामूली टक्कर में भी गंभीर या जानलेवा चोट का कारण बन सकती है। इसके साथ ही, अचानक ब्रेक लगाने पर यदि मूर्ति ढीली होकर गिरती है, तो ड्राइवर का ध्यान भटक सकता है जो दुर्घटना की वजह बन सकता है।

यदि आप अपनी गाड़ी में आस्था या पसंद के कारण भगवान की मूर्ति या कोई प्रतीकात्मक वस्तु रखना ही चाहते हैं, तो सुरक्षा मानकों का ध्यान रखना बेहद जरूरी है। इसके लिए सबसे बेहतर तरीका यह है कि आप भारी या नुकीली मूर्तियों के बजाय छोटे, हल्के और सॉफ्ट मटीरियल से बने सिंबल का इस्तेमाल करें। मूर्ति को डैशबोर्ड के बीच में या एयरबैगDeployment एरिया के ऊपर बिल्कुल न चिपकाएं। इसे ऐसी जगह या सेंटर कंसोल के पास सुरक्षित रूप से फिक्स करें जहाँ से ड्राइवर का विजन बिल्कुल भी न रुके और एयरबैग खुलने के रास्ते में कोई बाधा न आए। थोड़ी सी सावधानी आपको भारी चालान और किसी भी अप्रिय हादसे से सुरक्षित रख सकती है।

Richa Tripathi
रिचा त्रिपाठीauthor

रिचा त्रिपाठी टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में बिजनेस डेस्क पर सीनियर कॉपी एडिटर के रूप में कार्यरत हैं। मीडिया इंडस्ट्री में 7 वर्षों के अनुभव के साथ रिचा, पर्सनल फाइनेंस, स्टॉक मार्केट, टैक्स प्लानिंग और अर्थव्यवस्था से जुड़े विषयों पर मजबूत पकड़ रखती हैं। अब तक 8,000 से अधिक कंटेंट लिख चुकी रिचा की विशेषता है—जटिल वित्तीय जानकारियों को सरल, स्पष्ट और भरोसेमंद तरीके से पाठकों तक पहुंचाना। वह ऐसी स्टोरीज तैयार करती हैं जो न केवल जानकारीपूर्ण होती हैं, बल्कि आम पाठक की वित्तीय समझ को बेहतर बनाने में भी मदद करती हैं।

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