Delhi Government: दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल (Arvind Kejriwal) ने शहर में प्रदूषण के कारण निर्माण गतिविधियों पर प्रतिबंध के चलते बुधवार को श्रम मंत्री मनीष सिसोदिया (Manish Sisodia) को श्रमिकों (Workers) को पांच-पांच हजार रुपए की सहायता प्रदान करने के निर्देश दिए। प्रदूषण स्तर (Pollution Level) बढ़ने के साथ, केंद्र के वायु गुणवत्ता आयोग (सीएक्यूएम) ने ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान (ग्रेप) के तीसरे चरण के तहत शनिवार को अधिकारियों को दिल्ली-एनसीआर में केवल आवश्यक परियोजनाओं को छोड़कर निर्माण और विध्वंस गतिविधियों पर रोक लगाने का निर्देश दिया था।
सीएम केजरीवाल ने मजदूरों को 5,000 रुपए महीना देने का किया ऐलान
प्रदूषण को देखते हुए दिल्ली में निर्माण गतिविधियों पर लगी रोक
दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने ट्वीट कर कहा कि प्रदूषण को देखते हुए दिल्ली भर में निर्माण गतिविधियों को रोक दिया गया है। साथ ही कहा कि मैंने श्रम मंत्री मनीष सिसोदिया को इस अवधि के दौरान प्रत्येक निर्माण श्रमिक को वित्तीय सहायता के रूप में पांच हजार रुपए प्रति महीन देने का निर्देश दिया है। दिल्ली की आम आदमी पार्टी सरकार ने पहले भी कोविड-19 महामारी के दौरान दिल्ली में पंजीकृत निर्माण श्रमिकों को वित्तीय सहायता प्रदान की थी।
दिल्ली की वायु गुणवत्ता में मौसम की अपेक्षाकृत बेहतर परिस्थितियों के कारण बुधवार सुबह मामूली सुधार हुआ और वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (सीएक्यूएम) ने कहा कि ‘ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान’ (जीआरएपी) के चौथे चरण के तहत प्रतिबंध लागू करने की तत्काल आवश्यकता नहीं है।
मौसम वैज्ञानिकों ने बताया कि वायु गुणवत्ता में बृहस्पतिवार से तेज हवाएं चलने के कारण सुधार होने की उम्मीद है। राष्ट्रीय राजधानी में न्यूनतम तापमान 15.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो इस मौसम के औसत तापमान से एक डिग्री अधिक है और बुधवार सुबह करीब आठ किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलीं। हवा की गुणवत्ता में मामूली सुधार के कारण सुबह नौ बजे पालम और सफदरजंग हवाई अड्डों पर बेहतर दृश्यता स्तर (1500 मीटर) रहा।
शहर में सुबह नौ बजे वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 376 रहा। दिल्ली में 24 घंटे का औसत वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) मंगलवार अपराह्न चार बजे 424 दर्ज किया गया, जो पिछले साल 26 दिसंबर (459) के बाद से सबसे खराब है। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) के आंकड़ों के मुताबिक, दो जनवरी (एक्यूआई 404) के बाद इस साल दिल्ली में यह दूसरा दिन था, जब वायु गुणवत्ता ‘गंभीर’ श्रेणी में दर्ज की गई। (इनपुट- भाषा के साथ)
