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Within 100 Kms Gurgaon: पक्षी प्रेमियों के लिए स्वर्ग है ये जगह, गुरुग्राम के पास बसी मनमोहक दुनिया

Gurugram nearest places to visit: रोजमर्रा की जिंदगी से कुछ टाइम निकालकर मनमोहक दुनिया में उतरने का आपके पास सुनहरा मौका है। गुड़गांव के पास 100 किमी के भीतर एक ऐसी जगह है जो पक्षी प्रेमियों के लिए स्वर्ग है। इस योजनाबद्ध यात्रा के साथ आप अपने सामान्य दिन को एक असाधारण रोमांच में बदल सकते हैं।

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Sultanpur Bird Sanctuary

Within 100 Kms Gurugram: गुड़गांव के पास एक ऐसी जगह स्थित है जहां आप रोजमर्रा की चहल-पहल भरी जिंदगी से थोड़ा सा रिलेक्स मोड में आ सकते हैं। इस जगह की सबसे खास बात ये है कि इसे आप बेहद कम टाइम में एक्सप्लोर कर सकते हैं। Within 100 Kms की इस सीरीज में हम आपको बताएंगे गुड़गांव के पास बसी ऐसी जगह के बारे में जहां आप 1 घंटे से भी कम के टाइम में ट्रैवल करके पहुंच सकते हैं।

सुल्तानपुर पक्षी अभयारण्य: पक्षियों के गीतों का स्वर, बगीचों की हरियाली का अनोखा दृश्य सुल्तानपुर पक्षी अभयारण्य को बेहद खास बनाता है। गुड़गांव से सुल्तानपुर पक्षी अभयारण्य की दूरी लगभग 17 किलोमीटर ही है। शानदार बड़े राजहंस से लेकर साइबेरियन क्रेन, आकर्षक पीले वैगटेल, गुलाबी पेलिकन, काले पंखों वाले डंठल सभी आपको यहां देखने को मिलेंगे। प्राकृतिक सौंदर्य का आनंद लेने के साथ ही आप यहां दोस्तों और परिवार के साथ क्वालिटी टाइम बिता सकते हैं।

घूमने के लिए आदर्श स्थान: पक्षियों की विविधता इसे फोटोग्राफी के लिए एक बेहतरीन स्पॉट बनाती है। यहां पर सुंदर ट्रेल्स मौजूद हैं, जहां आप आराम से टहलते हुए पक्षियों को देखने का आनंद ले सकते हैं। शांत और सुकून देने वाला माहौल आपको मंत्रमुग्ध कर देगा।

किस वक्त करें सुल्तानपुर पक्षी अभयारण्य की यात्रा: नवंबर से मार्च तक के महीनों में ये जगह घूमने के लिए बेस्ट है। मानसून के दौरान प्रवासी पक्षियों का आगमन यहां होता है। गुड़गांव से सुल्तानपुर के लिए कोई सीधी बस सेवा तो फिलहाल नहीं है लेकिन लोक बस और टैक्सी की मदद से आप यहां आ सकते हैं। सुबह के समय यात्रा करना बेहतर विकल्प हो सकता है क्योंकि सुबह का टाइम पक्षी देखने के लिए बेस्ट होता है।

prabhat sharma
प्रभात शर्माauthor

प्रभात शर्मा टाइम्स नाउ हिंदी डिजिटल के फीचर डेस्क में कार्यरत ट्रैवल और लाइफस्टाइल राइटर हैं। यात्राओं के प्रति उनका गहरा जुनून और नई जगहों को समझने–परखने की क्षमता उनकी लेखन शैली को बेहद जीवंत और पाठकों से जोड़ने वाली बनाती है। वे ऑफबीट डेस्टिनेशन, लोकल कल्चर, हेरिटेज साइट्स, रोड ट्रिप्स, फूड जर्नी और बजट ट्रैवल जैसे विषयों पर मजबूत पकड़ रखते हैं। प्रभात की स्टोरीज़ सिर्फ जानकारी नहीं देतीं, बल्कि यात्रा के माहौल, भाव और अनुभव को भी महसूस कराती हैं। अब तक 7,000 से अधिक कंटेंट लिख चुके प्रभात अपनी सहज भाषा, प्रामाणिक जानकारी और अनुभव-आधारित दृष्टिकोण के लिए जाने जाते हैं।

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