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नोएडा में पहली बार 'हार्ट ट्रांसप्लांट' के लिए बना 'ग्रीन कॉरिडोर'; चंडीगढ़ से हवाई जहाज से हिंडन एयरपोर्ट पहुंचा 'दिल'

नोएडा में पहली बार हृदय ट्रांसप्लांट के लिए ग्रीन कॉरिडोर बनाया गया। चंडीगढ़ से हवाई जहाज के जरिए दिल को हिंडन एयरपोर्ट लाया गया, जहां से ग्रीन कॉरिडोर के जरिए अस्पताल पहुंचाया गया।

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नोएडा में पहली बार 'हार्ट ट्रांसप्लांट' के लिए बना 'ग्रीन कॉरिडोर'

Heart Transplant Noida Green Corridor: नोएडा में पहली बार हृदय ट्रांसप्लांट (Heart Transplant) के लिए ग्रीन कॉरिडोर (Noida Green Corridor) बनाया गया। चंडीगढ़ से हवाई जहाज के जरिए दिल को हिंडन एयरपोर्ट लाया गया, जहां से ग्रीन कॉरिडोर के जरिए अस्पताल पहुंचाया गया। इस ग्रीन कॉरिडोर की जिम्मेदारी गौतमबुद्धनगर ट्रैफिक पुलिस ने संभाली और सकुशलता से हार्ट को अस्पताल तक पहुंचाया।

हृदय को हिंडन एयरपोर्ट से फोर्टिस अस्पताल सेक्टर-62 तक पहुंचाया गया

हृदय को गाजियाबाद स्थित हिंडन एयरपोर्ट से नोएडा के फोर्टिस अस्पताल सेक्टर-62 तक पहुंचाया गया। और करीब 20 किलोमीटर की दूरी महज 16 मिनट में तय की गई। बुधवार दोपहर 2:03 बजे एंबुलेंस के जरिए हृदय को सुरक्षित अस्पताल पहुंचाया गया।

मरीज के परिजनों और अस्पताल प्रबंधन ने ट्रैफिक पुलिस की सराहना की

हृदय को हार्ट ट्रांसप्लांट के लिए हाइजिन और जरूरी सुरक्षा मानकों के साथ सुरक्षित तरीके से पहुंचाया गया। इस टीम वर्क के लिए मरीज के परिजनों और अस्पताल प्रबंधन ने ट्रैफिक पुलिस की सराहना की।

पिछले साल भी चंडीगढ़ से डोनर का हार्ट ग्रीन कॉरिडोर से दिल्ली पहुंचाया गया

बता दें कि पिछले साल भी चंडीगढ़ से दाता (डोनर) का हार्ट विभिन्न ग्रीन कॉरिडोर के माध्यम से मात्र एक घंटे 55 मिनट में राष्ट्रीय राजधानी पहुंचाया गया था। दिल्ली के सर गंगा राम अस्पताल में दिल की गंभीर बीमारी से जूझ रहे मेरठ निवासी 39 वर्षीय एक व्यक्ति को उस समय नई जिंदगी मिली, जब चंडीगढ़ से दाता (डोनर) का हार्ट विभिन्न ग्रीन कॉरिडोर के माध्यम से मात्र एक घंटे 55 मिनट में राष्ट्रीय राजधानी पहुंचाया गया।

यह लाइफ सेविंग हार्ट ट्रांसप्लांट (जीवन रक्षक प्रतिरोपण) 26 अगस्त को किया गया था

यह लाइफ सेविंग हार्ट ट्रांसप्लांट (जीवन रक्षक प्रतिरोपण) 26 अगस्त को किया गया था। अस्पताल के अधिकारियों ने बताया कि दो राज्यों से होकर हार्ट को सुरक्षित और अनुकूल अवस्था में लाने से सर्जरी की सफलता की संभावनाएं काफी बढ़ गईं।

Ravi Vaish
रवि वैश्यauthor

रवि वैश्य टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल के न्यूज डेस्क पर कार्यरत एक सीनियर जर्नलिस्ट हैं, जिन्हें पत्रकारिता में 20 वर्षों का व्यापक अनुभव हासिल है। खबरों की बारीकियों को समझने और तेजी से प्रस्तुत करने में उनकी विशेष दक्षता है। टीवी पत्रकारिता में रिपोर्टिंग और डेस्क—दोनों क्षेत्रों में अनुभव होने के कारण वे समाचारों को बहुआयामी दृष्टिकोण से देखते हैं। देश–दुनिया की ताजातरीन अपडेट्स, ब्रेकिंग न्यूज, एक्सप्लेनर और विशेष स्टोरीज तैयार करने में वे सिद्धहस्त हैं। उनकी प्राथमिकता हमेशा यही रही है कि हर खबर तेज, सटीक और जानकारीपूर्ण रूप में पाठकों तक पहुंचे। रवि वैश्य अब तक 22,000 से अधिक खबरें लिख चुके हैं, जिनमें कई एक्सक्लूसिव रिपोर्ट्स, इंटरव्यू, ग्राउंड रिपोर्ट्स, विश्लेषण और एक्सप्लेनर शामिल हैं।

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