यात्रा

पेशाब से पिघल रहा माउंट एवरेस्ट.. पहाड़ों में ट्रेकिंग पर जाने से पहले आप भी इन आदतों का रखें ध्यान, हर ट्रेवलर करें नोट

माउंट एवरेस्ट पर बढ़ता मानवीय कचरा और पर्यावरणीय दबाव एक गंभीर चिंता है। ऐसे में पहाड़ों की यात्रा करते समय ट्रेकर्स को कुछ छोटी लेकिन जरूरी आदतें अपनानी चाहिए। जानिए कैसे अपनी ट्रिप को रोमांचक बनाने के साथ प्रकृति के प्रति जिम्मेदार भी बनें।

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पहाड़ों में ट्रेकिंग पर जाने से पहले आप भी इन आदतों का रखें ध्यान, हर ट्रेवलर करें नोट

Trekking Tips: पहाड़ों पर घूमने का मजा ही कुछ और है। खुला आसमान, बर्फ से ढकी चोटियां, ठंडी हवा और चारों तरफ फैली प्राकृतिक खूबसूरती किसी को भी अपनी ओर खींच लेती है। लेकिन इन खूबसूरत जगहों की एक सच्चाई ऐसी भी है, जिसके बारे में हर ट्रेवलर को सोचना चाहिए। बढ़ती ट्रेकिंग और पर्यटकों की संख्या के साथ पहाड़ी इलाकों में कचरा, प्लास्टिक, ग्लोबल वॉर्मिंग और मल-मूत्र से गंदगी भी बढ़ रही हैं।

माउंट एवरेस्ट भी इससे अछूता नहीं है। वहां लंबे समय तक जमा रहने वाला मानव मल-मूत्र पर्यावरण और सफाई व्यवस्था के लिए चुनौती बना है। ऐसे में सवाल सिर्फ यह नहीं है कि पहाड़ कितना खूबसूरत है, बल्कि यह भी है कि हम उसे अपने पीछे कितना साफ छोड़कर लौटते हैं। अगर आप इस सीजन किसी पहाड़ी ट्रेक पर जाने वाले हैं, तो कुछ छोटी-छोटी आदतें अपनाकर अपनी यात्रा को ज्यादा जिम्मेदार और प्रकृति के लिए बेहतर बना सकते हैं।

पहाड़ पर जाएं तो कचरा पीछे न छोड़ें

ट्रेकिंग के दौरान पानी की बोतल, चिप्स के पैकेट, टिश्यू या खाने का रैपर रास्ते में छोड़ देना छोटी बात लग सकती है, लेकिन सैकड़ों ट्रेकर यही करें तो समस्या बड़ी हो जाती है। इसलिए अपना कचरा एक बैग में रखें और नीचे लौटकर उचित जगह पर ही डालें।

खुले में शौच से बचें

पहाड़ी इलाकों में शौचालय की सुविधा हर जगह नहीं मिलती। ऐसे में स्थानीय प्रशासन, ट्रेकिंग कैंप या गाइड की ओर से बताए गए शौचालय का ही इस्तेमाल करें। खुले में मल-मूत्र छोड़ने से जमीन और पानी के स्रोत प्रभावित हो सकते हैं।

पानी को बेवजह बर्बाद न करें

पहाड़ों में पानी आसानी से उपलब्ध दिखाई दे सकता है, लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि वह असीमित है। ब्रश करने, नहाने या बोतल भरने में जरूरत से ज्यादा पानी खर्च करने से बचें। जितनी जरूरत हो, उतना ही इस्तेमाल करें।

प्लास्टिक कम लेकर जाएं

ट्रेक पर जाने से पहले अपनी पैकिंग पर एक नजर डालें। क्या हर चीज प्लास्टिक में पैक है? जहां संभव हो, दोबारा इस्तेमाल होने वाली बोतल, डिब्बे और कपड़े के बैग का इस्तेमाल करें। इससे सामान भी कम होगा और कचरा भी।

किसी खूबसूरत जगह पर फोटो लेने के चक्कर में चट्टानों पर चढ़ना, पौधों को तोड़ना या प्राकृतिक चीजों को नुकसान पहुंचाना सही नहीं है। तस्वीर लेकर लौटें, लेकिन जगह को वैसा ही छोड़ें जैसा आपने उसे देखा था। जरूर ही आपको भी अपने अगले ट्रेक से पहले इन चीजों को जरूर नोट कर लेना चाहिए। ये चीजें पढ़ने-सुनने में छोटी लग सकती हैं। लेकिन असल में ये बातें बहुत जरूरी हैं।

Avni Bagrola
अवनी बागरोलाauthor

अवनी बागरोला टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल के लाइफस्टाइल सेक्शन में कंटेंट राइटर के रूप में कार्यरत हैं। फैशन, ब्यूटी, ट्रेंड्स, पर्सनल स्टाइलिंग और मॉडर्न लाइफस्टाइल से जुड़े कंटेंट पर उनकी मजबूत पकड़ उन्हें जेन Z और स्टाइल-सेवी ऑडियंस के बीच खास पहचान दिलाती है। अवनी की लेखन शैली सरल, ट्रेंडी और यूज़र-फ्रेंडली है, जो पाठकों को तेजी से बदलते फैशन व लाइफस्टाइल ट्रेंड्स को समझने में मदद करती है। अब तक 3000 से अधिक आर्टिकल्स लिख चुकी अवनी क्रिएटिव अप्रोच, अपडेटेड नॉलेज और रियल-टाइम ट्रेंड सेंस के लिए जानी जाती हैं।

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