rishikesh river rafting: उत्तराखंड का आध्यात्मिक शहर ऋषिकेश सिर्फ योग और शांति के लिए ही नहीं, बल्कि एडवेंचर लवर्स के लिए भी किसी जन्नत से कम नहीं है। खासकर अप्रैल का महीना यहां रिवर राफ्टिंग के लिए पीक सीजन माना जाता है। ठंडी-गर्म के बीच संतुलित मौसम, साफ आसमान और गंगा की तेज धाराएं इस अनुभव को और भी रोमांचक बना देती हैं। अगर आप 2026 में राफ्टिंग का प्लान बना रहे हैं, तो अगले दो महीने यानी मई से जून तक का समय इसके लिए बिल्कुल परफेक्ट है।
ऋषिकेश में राफ्टिंग के लिए कब जाएं
ऋषिकेश में 2025-26 का राफ्टिंग सीजन 27 सितंबर 2025 से शुरू होकर 30 जून 2026 तक खुला रहेगा। यानी अप्रैल 2026 में राफ्टिंग पूरी तरह से चालू रहेगी। इस दौरान सुबह से लेकर दोपहर तक अलग-अलग स्लॉट में राफ्टिंग कराई जाती है। सुबह के समय पानी अपेक्षाकृत शांत रहता है, जबकि दोपहर तक रैपिड्स थोड़े ज्यादा एक्टिव हो जाते हैं, जो एडवेंचर को और बढ़ा देते हैं।

ऋषिकेश राफ्टिंग: गंगा की लहरों पर रोमांच
ऋषिकेश में राफ्टिंग के सबसे पॉपुलर स्ट्रेच
ऋषिकेश में राफ्टिंग के कई स्ट्रेच हैं, जो आपके एक्सपीरियंस लेवल के अनुसार चुने जा सकते हैं। ब्रह्मपुरी (9 किमी) शुरुआती लोगों के लिए सबसे आसान और सुरक्षित माना जाता है। वहीं शिवपुरी से लक्ष्मण झूला (16 किमी) तक का स्ट्रेच सबसे ज्यादा लोकप्रिय है, जहां आपको ग्रेड 2 से 3 के रैपिड्स का मजा मिलता है। अगर आप ज्यादा एडवेंचर चाहते हैं, तो मरीन ड्राइव (26 किमी) और कौडियाला (35 किमी) जैसे लंबे और चुनौतीपूर्ण रूट्स भी उपलब्ध हैं, जहां ग्रेड 4 तक के रैपिड्स मिलते हैं।
ऋषिकेश में राफ्टिंग: जेब पर कितना असर
अप्रैल 2026 में राफ्टिंग की कीमत स्ट्रेच के हिसाब से बदलती है। शिवपुरी (16 किमी) के लिए लगभग ₹1,000 प्रति व्यक्ति खर्च करना पड़ सकता है, जबकि छोटे स्ट्रेच जैसे ब्रह्मपुरी (9-10 किमी) के लिए ₹500 से ₹800 के बीच कीमत रहती है। यह अनुभव आमतौर पर 1.5 से 3 घंटे तक चलता है, जिसमें सेफ्टी ब्रीफिंग, राफ्टिंग और कुछ जगहों पर क्लिफ जंपिंग जैसे एक्स्ट्रा एक्टिविटी भी शामिल होती हैं।
ऋषिकेश में राफ्टिंग की सुरक्षा और तैयारी
राफ्टिंग जितनी मजेदार है, उतनी ही जिम्मेदारी भी मांगती है। लाइफ जैकेट और हेलमेट पहनना अनिवार्य होता है। हर ग्रुप के साथ एक अनुभवी गाइड रहता है, जिसकी बातों को ध्यान से सुनना बेहद जरूरी है। कपड़ों की बात करें तो हल्के, जल्दी सूखने वाले कपड़े और स्पोर्ट्स सैंडल सबसे बेहतर रहते हैं।
अगर कभी राफ्ट पलट भी जाए तो घबराने की जरूरत नहीं - लाइफ जैकेट आपको सुरक्षित रखती है। बस खुद को फ्लोट करने दें और गाइड के निर्देशों का पालन करें।
क्यों खास है अप्रैल से जून में राफ्टिंग
अप्रैल में न तो कड़ाके की ठंड होती है और न ही जून जैसी तेज गर्मी। यही वजह है कि इस महीने में सबसे ज्यादा टूरिस्ट ऋषिकेश पहुंचते हैं। गंगा का जल स्तर भी इस समय एडवेंचर के लिए बिल्कुल सही रहता है। इसलिए अगर आप रोमांच, प्रकृति और थोड़ी एड्रेनालिन रश की तलाश में हैं, तो ऋषिकेश की राफ्टिंग आपके लिए एक परफेक्ट एक्सपीरियंस हो सकता है।
