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Kal Ka Mausam: मौसम फिर लेगा करवट! बंगाल की खाड़ी में बनेगा डिप्रेशन, 26 सितंबर तक झमाझम बारिश के साथ तेज हवाओं का दिखेगा असर

Kal Ka Mausam 21 September 2026, कल का मौसम कैसा रहेगा: सितंबर के आखिरी दौर में देश के मौसम पर एक नए सिस्टम का असर दिखाई देने लगा है, जिससे कई राज्यों में बारिश का दौर तेज होने के संकेत हैं। बंगाल की खाड़ी में सक्रिय निम्न दबाव क्षेत्र के मजबूत होने के साथ ओडिशा, आंध्र प्रदेश समेत मध्य और पूर्वी भारत में भारी बारिश की स्थिति बन सकती है। उधर दिल्ली में मौसम अपेक्षाकृत साफ रहेगा, जबकि यूपी, बिहार और पूर्वोत्तर राज्यों में बारिश, बिजली और तेज हवाओं को लेकर मौसम विभाग ने अलग-अलग अलर्ट जारी किया है।

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कल का मौसम 21 सितंबर 2026

Kal Ka Mausam 21 September 2026: देश के कई हिस्सों में मौसम का मिजाज एक बार फिर बदलने वाला है। बंगाल की खाड़ी में बन रहा निम्न दबाव क्षेत्र अगले कुछ दिनों में डिप्रेशन और डीप डिप्रेशन में तब्दील हो सकता है, जिसका असर कई राज्यों में बारिश के रूप में दिखेगा। वहीं, दिल्ली में मौसम साफ रहने के बीच यूपी-बिहार समेत मध्य और पूर्वोत्तर भारत के कई इलाकों में बारिश, गरज-चमक और तेज हवाओं का दौर देखने को मिल सकता है। वेदर सिस्टम की बात करें तो उत्तर अंडमान सागर और आसपास के क्षेत्रों में बने ऊपरी वायुमंडलीय चक्रवाती परिसंचरण के प्रभाव से 19 सितंबर 2026 को शाम 5:30 बजे IST के आसपास इसी क्षेत्र में निम्न दबाव का क्षेत्र (Low Pressure Area) विकसित हुआ। 20 सितंबर की सुबह 8:30 बजे तक यह सिस्टम पूर्व-मध्य बंगाल की खाड़ी और उससे सटे उत्तर अंडमान सागर के ऊपर सक्रिय रहा। मौसम विभाग के अनुसार, यह सिस्टम अगले कुछ दिनों में पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ते हुए धीरे-धीरे मजबूत होगा।

इसके 21 सितंबर को पूर्व-मध्य बंगाल की खाड़ी के ऊपर डिप्रेशन और 22 सितंबर को पश्चिम-मध्य बंगाल की खाड़ी के ऊपर डीप डिप्रेशन में बदलने की संभावना है। इसके बाद भी पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में इसकी गति जारी रहने की उम्मीद है और 23 सितंबर की सुबह तक यह उत्तर आंध्र प्रदेश और दक्षिण ओडिशा के तटों के पास पश्चिम-मध्य तथा उससे सटी उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी तक पहुंच सकता है। मौसम विभाग के मुताबिक, निचले क्षोभमंडलीय स्तर पर एक उत्तर-दक्षिण दिशा की ट्रफ निम्न दबाव क्षेत्र से जुड़े चक्रवाती परिसंचरण से लेकर बांग्लादेश तक बनी हुई है। वहीं, मध्य क्षोभमंडलीय स्तर पर एक पूर्व-पश्चिम ट्रफ भी सक्रिय है, जो बंगाल की खाड़ी के ऊपर मौजूद चक्रवाती परिसंचरण से दक्षिण आंतरिक कर्नाटक तक फैली है और ऊंचाई बढ़ने के साथ दक्षिण की ओर झुकी हुई है। इसके अलावा दक्षिण-पश्चिम मध्य प्रदेश और आसपास के इलाकों में निचले स्तर पर ऊपरी वायु चक्रवाती परिसंचरण बना हुआ है। मध्य क्षोभमंडलीय स्तर पर दक्षिण हिमाचल प्रदेश से पूर्व-मध्य एवं उससे सटे उत्तर-पूर्वी अरब सागर में बने चक्रवाती परिसंचरण तक एक ट्रफ सक्रिय है। दक्षिणी तटीय आंध्र प्रदेश और उससे सटे पश्चिम-मध्य बंगाल की खाड़ी के ऊपर भी निचले स्तर पर ऊपरी वायु चक्रवाती परिसंचरण मौजूद है। इसके साथ ही पूर्व-मध्य और उससे सटे उत्तर-पूर्वी अरब सागर के ऊपर निचले और मध्य क्षोभमंडलीय स्तरों पर एक और ऊपरी वायु चक्रवाती परिसंचरण सक्रिय है। इन सभी मौसम प्रणालियों के चलते आने वाले दिनों में कई इलाकों में बारिश और मौसम में बदलाव देखने को मिल सकता है।

दिल्ली में कल का मौसम

दिल्ली में कल 21 सितंबर को आसमान मुख्य रूप से साफ रहेगा। मौसम विभाग के अनुसार, राजधानी में दिन का अधिकतम तापमान 34 से 36 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 24 से 26 डिग्री सेल्सियस के बीच रह सकता है। अधिकांश इलाकों में न्यूनतम और अधिकतम तापमान सामान्य के आसपास रहने की संभावना है। हवा की बात करें तो सुबह के समय उत्तर-पूर्व दिशा से करीब 12 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं। दोपहर के दौरान हवा की गति बढ़कर उत्तर-पश्चिम दिशा से 20 किमी प्रति घंटे तक पहुंचने का अनुमान है। वहीं, शाम और रात के समय हवा की रफ्तार फिर कम होकर उत्तर-पूर्व दिशा से करीब 12 किमी प्रति घंटे रह सकती है।

यूपी में कल के मौसम का हाल

उत्तर प्रदेश में कल मौसम में बदलाव देखने को मिल सकता है। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक, इस दिन प्रदेश के कुछ हिस्सों में हल्की से छिटपुट बारिश के साथ गरज-चमक की स्थिति बन सकती है। हालांकि, व्यापक स्तर पर बारिश का दौर 25 और 26 सितंबर के आसपास अधिक सक्रिय होने की संभावना है। पूर्वी उत्तर प्रदेश में 21 सितंबर को कहीं-कहीं बारिश और गरज-चमक देखने को मिल सकती है। इसके बाद 24 से 26 सितंबर के दौरान पूर्वी यूपी में बारिश की गतिविधियां बढ़ने का अनुमान है। इस दौरान कुछ स्थानों पर भारी बारिश भी हो सकती है। वहीं, पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 21 सितंबर को बारिश की गतिविधि सीमित रहने की संभावना है, लेकिन 25 और 26 सितंबर को कुछ इलाकों में भारी बारिश हो सकती है।

बिहार में बारिश और बिजली गिरने की चेतावनी

बाढ़ से त्रस्त बिहार में 21 सितंबर 2026 को भी मौसम के सक्रिय रहने की संभावना है। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार, राज्य के कुछ हिस्सों में हल्की से छिटपुट बारिश हो सकती है। इस दौरान कहीं-कहीं गरज-चमक और बिजली गिरने की स्थिति भी बन सकती है। हालांकि, 21 सितंबर को बिहार में व्यापक बारिश के बजाय सीमित इलाकों में बारिश होने का अनुमान है। आने वाले दिनों में बिहार में बारिश की गतिविधियां और बढ़ सकती हैं। 22 से 26 सितंबर के दौरान गरज-चमक के साथ बारिश की संभावना है, जबकि 24 से 26 सितंबर के बीच कुछ स्थानों पर भारी बारिश हो सकती है। ऐसे में पहले से बाढ़ प्रभावित इलाकों में मौसम की गतिविधियां लोगों की मुश्किलें बढ़ा सकती हैं। 21 सितंबर को भी आकाशीय बिजली और गरज-चमक के दौरान लोगों को खुले स्थानों पर जाने से बचने की सलाह दी जाती है।

मध्य भारत में भारी बारिश होने की संभावना

मध्य भारत की बात करें तो यहां 21 सितंबर 2026 के बाद मौसम की गतिविधियां तेज होने का अनुमान है। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार, विदर्भ में 21 से 26 सितंबर के दौरान कई स्थानों पर बारिश के साथ गरज-चमक देखने को मिल सकती है। वहीं पूर्वी मध्य प्रदेश में 23 से 26 सितंबर और पश्चिमी मध्य प्रदेश में 25 से 26 सितंबर के दौरान काफी व्यापक स्तर पर बारिश होने का अनुमान है। छत्तीसगढ़ में भी 21 से 26 सितंबर के दौरान कई इलाकों में बारिश और गरज-चमक का दौर जारी रह सकता है। भारी बारिश की बात करें तो पश्चिमी मध्य प्रदेश में 24 से 26 सितंबर के बीच कुछ स्थानों पर भारी बारिश होने की संभावना है। विदर्भ में 23 और 26 सितंबर को भारी बारिश हो सकती है, जबकि छत्तीसगढ़ में 26 सितंबर को कुछ स्थानों पर भारी बारिश का अनुमान है। इसके अलावा 25 से 26 सितंबर के दौरान पूर्वी मध्य प्रदेश, 24 से 25 सितंबर के दौरान विदर्भ और 23 से 25 सितंबर के दौरान छत्तीसगढ़ में कुछ जगहों पर बहुत भारी बारिश होने की संभावना जताई गई है।

पूर्वोत्तर राज्यों में ऐसा रहेगा मौसम

मौसम विभाग के अनुसार, असम और मेघालय में 23 से 25 सितंबर के दौरान कई स्थानों पर बारिश के साथ गरज-चमक हो सकती है। वहीं नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में 22 से 24 सितंबर के दौरान काफी व्यापक स्तर पर बारिश और आकाशीय बिजली की गतिविधियां देखने को मिल सकती हैं। इन राज्यों में 25 और 26 सितंबर को भी कुछ इलाकों में बारिश तथा गरज-चमक जारी रहने का अनुमान है। अरुणाचल प्रदेश में 21 से 26 सितंबर के दौरान कुछ स्थानों पर हल्की से छिटपुट बारिश के साथ गरज-चमक होने की संभावना है। इस दौरान 24 और 25 सितंबर को अरुणाचल प्रदेश में भारी बारिश हो सकती है। इसके अलावा 23 से 25 सितंबर के बीच असम और मेघालय में कुछ स्थानों पर भारी बारिश का अनुमान है, जबकि नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में 22 और 23 सितंबर को भारी बारिश देखने को मिल सकती है।

तेज हवाओं की चेतावनी

बंगाल की खाड़ी और आसपास के तटीय इलाकों में 21 सितंबर से तेज हवाओं का असर बढ़ने की संभावना है। मौसम विभाग के अनुसार, 21 सितंबर को पूर्व-मध्य और उससे सटे उत्तर-पूर्वी बंगाल की खाड़ी में हवा की रफ्तार 45 से 55 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है, जबकि झोंकों के दौरान इसकी गति 65 किलोमीटर प्रति घंटे तक रहने का अनुमान है। 22 सितंबर को मध्य बंगाल की खाड़ी में हवाएं 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार पकड़ सकती हैं और झोंकों के साथ इनकी गति 70 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है। इसी दौरान उत्तर और दक्षिण बंगाल की खाड़ी से सटे इलाकों में भी 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की तेज हवाएं चलने की संभावना है। इसके बाद 23 सितंबर को पश्चिम-मध्य और उससे सटे उत्तर-पश्चिमी बंगाल की खाड़ी में हवाओं की रफ्तार और बढ़ सकती है। इस दौरान हवा 55 से 65 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से चल सकती है और तेज झोंकों के साथ इसकी रफ्तार 75 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंचने का अनुमान है। यह स्थिति 24 सितंबर की शाम तक बनी रह सकती है। वहीं, 23 से 24 सितंबर की शाम तक दक्षिण ओडिशा और उत्तर आंध्र प्रदेश के तटीय इलाकों में 55 से 65 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। 23 और 24 सितंबर को पश्चिम बंगाल तथा दक्षिण आंध्र प्रदेश के तटों के आसपास भी तेज हवाओं का असर देखने को मिल सकता है। यहां हवा की गति 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे तक रहने और झोंकों के दौरान 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंचने की संभावना है।

Nilesh DwivedI
निलेश द्विवेदीauthor

निलेश द्विवेदी टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल की सिटी टीम में काम कर रहे हैं। वे शहरों से जुड़ी लोकल घटनाएं, क्राइम, राजनीति, इंफ्रास्ट्रक्चर और राज्यवार अपडेट्स पर लगातार काम करते हैं। निलेश महत्वपूर्ण विवरणों को चुनने और पाठकों की रुचि के हिसाब से कंटेंट को प्रभावी तरीके से पेश करने के लिए जाने जाते हैं। डिजिटल न्यूजरूम के रफ्तार भरे माहौल में वे हर खबर को सटीक एंगल, आसान भाषा और उपयोगी जानकारी के साथ पेश करने पर फोकस करते हैं और अबतक 2,000 से अधिक खबरें लिख चुके हैं।

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