Festive Jobs : भारत में इस साल त्योहारों के सीजन के दौरान नौकरियों की जबरदस्त बहार आने वाली है। जुलाई से दिसंबर के बीच देश भर में करीब 2 से 2.5 लाख मौसमी (सीजनल) और गिग (अस्थायी/कॉन्ट्रैक्ट) नौकरियां पैदा होने की उम्मीद है। एक ग्लोबल टैलेंट सॉल्यूशंस कंपनी 'एनएलबी सर्विसेज' की रिपोर्ट के अनुसार, इस साल त्योहारी सीजन में होने वाली भर्तियों में पिछले साल के मुकाबले 15 से 20 प्रतिशत की बढ़त देखी जा सकती है। त्योहारों के दौरान देश में खरीदारी और सेवाओं की मांग सबसे ज्यादा होती है। इस बढ़ती मांग को पूरा करने के लिए ई-कॉमर्स, क्विक-कॉमर्स (तेज डिलीवरी सर्विस), रिटेल, लॉजिस्टिक्स, ट्रेवल और हॉस्पिटैलिटी (होटल व पर्यटन) जैसे सेक्टर बड़े पैमाने पर तैयारी कर रहे हैं।
शुरुआती तैयारी और नई तरह की नौकरियां
न्यूज एजेंसी पीटीआई-भाषा के मुताबिक रिपोर्ट से पता चलता है कि कंपनियां त्योहारों के मुख्य पीक सीजन से लगभग 12 से 14 हफ्ते पहले ही कर्मचारियों की योजना बनाना शुरू कर देती हैं। ऐसा करने से कंपनियों को सही उम्मीदवारों का चयन करने का पर्याप्त समय मिल जाता है और ऐन मौके पर हड़बड़ी से बचाव होता है। जहां एक तरफ डिलीवरी बॉय, वेयरहाउस कर्मचारी, रिटेल सेल्स, कस्टमर केयर और फील्ड ऑपरेशन्स जैसे पारंपरिक पदों की भारी मांग बनी हुई है, वहीं दूसरी तरफ डिजिटल युग की नई तरह की नौकरियों में भी 15 से 20 प्रतिशत की बढ़ोतरी देखी जा रही है। इनमें डार्क-स्टोर इन्वेंट्री कंट्रोलर, रिफंड और रिटर्न विशेषज्ञ, फ्रॉड सपोर्ट, और ऑर्डर मैनेजमेंट स्पेशलिस्ट जैसे आधुनिक पद शामिल हैं, जो ऑनलाइन शॉपिंग के तेजी से बढ़ते ढांचे को संभालने का काम करते हैं।
छोटे शहरों में भी नौकरियों की धूम
अब त्योहारों की यह भर्ती सिर्फ दिल्ली, मुंबई या बेंगलुरु जैसे बड़े मेट्रो शहरों तक सीमित नहीं रह गई है। इस बार कुल भर्तियों का लगभग 45 प्रतिशत हिस्सा टियर-2 और टियर-3 यानी छोटे शहरों और कस्बों से आएगा। ई-कॉमर्स और क्विक-कॉमर्स के विस्तार के कारण जयपुर, लखनऊ, इंदौर, सूरत, नागपुर, भुवनेश्वर, कोयंबटूर, चंडीगढ़ और कोच्चि जैसे शहरों में डिलीवरी और वेयरहाउसिंग का नेटवर्क बहुत तेजी से फैल रहा है। इन इलाकों में लॉजिस्टिक्स और सप्लाई चेन मजबूत होने से स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के नए रास्ते खुल रहे हैं।
महिलाओं की भागीदारी और भविष्य के मौके
यह त्योहारी सीजन विविधता और समावेशन (डाइवर्सिटी) के लिहाज से भी काफी बेहतर साबित हो रहा है। गैर-मेट्रो और छोटे शहरों में होने वाली नई भर्तियों में महिलाओं की हिस्सेदारी 30 से 35 प्रतिशत रहने की उम्मीद है, जो कि एक बेहद सकारात्मक बदलाव है। एनएलबी सर्विसेज के अनुसार, त्योहारों के दौरान शुरू में केवल कुछ हफ्तों के लिए की जाने वाली यह भर्ती अब केवल अस्थायी काम तक सीमित नहीं है। कंपनियों के लिए यह नए हुनर को परखने का एक बड़ा मौका होता है। जो कर्मचारी इस दौरान बेहतरीन काम करके दिखाते हैं, उन्हें त्योहारों के बाद भी स्थायी या लंबे समय की नौकरियों में शामिल कर लिया जाता है। इस प्रकार, यह त्योहारी सीजन भारतीय वर्कफोर्स और युवाओं के लिए एक बड़ा अवसर बनकर उभर रहा है।
