यात्रा

नोहकालिकाई वॉटरफॉल, बारिश के मौसम में और भी जादुई हो जाता है यह झरना

Meghalaya Tourist Places: मेघालय के Nohkalikai Falls के बारे में यहां डिटेल में बताया गया है। इसका महत्व और यह क्यों भारत का सबसे ऊंचा प्लंज वॉटरफॉल (सीधे नीचे गिरने वाला झरना) है।

Image

नोहकालिकाई वॉटरफॉल (photo: pinterest)

Meghalaya Tourist Places: नोहकलिकाई वॉटरफॉल (Nohkalikai Falls) भारत का सबसे ऊंचा प्लंज वॉटरफॉल माना जाता है। इसकी सबसे खास बात यह है कि यहां पानी करीब 340 मीटर (1,115 फीट) की ऊंचाई से बिना किसी रुकावट के सीधे नीचे गिरता है। मेघालय के ईस्ट खासी हिल्स जिले में, सोहरा (चेरापूंजी) के पास यह खूबसूरत झरना स्थित है। इसकी एक खासियत जो इसे भारत के ज्यादातर वॉटरफॉल से अलग बनाती है वह यह है कि भारत के बड़े झरने किसी बड़ी और बारहमासी नदी से बनते हैं, लेकिन नोहकलिकाई झरने से गिरने वाला पानी मुख्य रूप से आसपास के पठारों पर होने वाली भारी बारिश से आता है।

मानसून में बनाएं घूमने का प्लान

सीधे और सरल शब्दों में समझें तो इस झरने की खूबसूरती और जलधारा काफी हद तक मानसून और बारिश पर निर्भर करती है। यही वजह है कि इसे भारत का सबसे शानदार बारिश पर निर्भर प्लंज वॉटरफॉल के रूप में जाना जाता है। मानसून के दौरान यहां घूमने का आप प्लान बना सकते हैं कि क्योंकि जब यहां जमकर बारिश होती है, तब यह झरना अपने पूरे शबाब पर होता है। ऊंचाई से गिरता पानी, चारों ओर फैली हरियाली और घाटियों का मनमोहक नजारा आपको पूरी तरह से मंत्रमुग्ध कर देगा।

नोहकालिकाई वॉटरफॉल का महत्व

यह वॉटरफॉल सिर्फ अपनी खूबसूरती के लिए ही नहीं, बल्कि अपनी खास भौगोलिक और सांस्कृतिक पहचान के लिए भी फेमस है। यह भारत के उन चुनिंदा झरनों में शामिल है, जो मुख्य रूप से बारिश के पानी पर निर्भर हैं। मेघालय में होने वाली भारी मानसूनी बारिश इस झरने को सालभर जीवन देती है और यही इसकी सबसे बड़ी खासियत भी है। गौर करने वाली बात ये है कि यहां आने वाले पर्यटक सिर्फ प्राकृतिक नजारों का आनंद ही नहीं लेते, बल्कि इस जगह से जुड़ी लोककथा को जानने में भी दिलचस्पी दिखाते हैं। प्रकृति प्रेमियों, फोटोग्राफर्स और एडवेंचर पसंद लोगों के लिए यह जगह किसी जन्नत से कम नहीं है।

नोहकलिकाई वॉटरफॉल की लोकेशन

नोहकलिकाई वॉटरफॉल सोहरा (चेरापूंजी) से करीब 7 किलोमीटर की दूरी पर है। शिलांग से इसकी दूरी लगभग 55 किलोमीटर है, जिसे सड़क मार्ग से आसानी से तय किया जा सकता है। अगर आप यहां घूमने का प्लान बना रहे हैं, तो सबसे पहले शिलांग पहुंचना सबसे आसान विकल्प है। फ्लाइट से जा रहे हैं तो जान लें कि सबसे नजदीकी एयरपोर्ट शिलांग एयरपोर्ट (उमरोई) है।

हालांकि, बेहतर कनेक्टिविटी के लिए ज्यादातर पर्यटक गुवाहाटी एयरपोर्ट पहुंचते हैं, जो यहां से करीब 170 किलोमीटर दूर है। गुवाहाटी से टैक्सी या बस के जरिए शिलांग और फिर सोहरा आसानी से पहुंचा जा सकता है। अगर आप ट्रेन से जाने का प्लान कर रहे हैं तो नोहकलिकाई के लिए सबसे नजदीकी प्रमुख रेलवे स्टेशन गुवाहाटी रेलवे स्टेशन है। यहां से टैक्सी, शेयर कैब या बस लेकर पहले शिलांग और फिर सोहरा पहुंच सकते हैं।

अगर आप सड़क मार्ग से यात्रा कर रहे हैं तो जान लें कि शिलांग से सोहरा तक शानदार सड़क बनी हुई है। शिलांग से टैक्सी, सेल्फ-ड्राइव कार, बाइक या लोकल बस के जरिए करीब 2 घंटे में नोहकलिकाई वॉटरफॉल पहुंचा जा सकता है।

prabhat sharma
प्रभात शर्माauthor

प्रभात शर्मा टाइम्स नाउ हिंदी डिजिटल के फीचर डेस्क में कार्यरत ट्रैवल और लाइफस्टाइल राइटर हैं। यात्राओं के प्रति उनका गहरा जुनून और नई जगहों को समझने–परखने की क्षमता उनकी लेखन शैली को बेहद जीवंत और पाठकों से जोड़ने वाली बनाती है। वे ऑफबीट डेस्टिनेशन, लोकल कल्चर, हेरिटेज साइट्स, रोड ट्रिप्स, फूड जर्नी और बजट ट्रैवल जैसे विषयों पर मजबूत पकड़ रखते हैं। प्रभात की स्टोरीज़ सिर्फ जानकारी नहीं देतीं, बल्कि यात्रा के माहौल, भाव और अनुभव को भी महसूस कराती हैं। अब तक 7,000 से अधिक कंटेंट लिख चुके प्रभात अपनी सहज भाषा, प्रामाणिक जानकारी और अनुभव-आधारित दृष्टिकोण के लिए जाने जाते हैं।

और पढ़ें
End of Article