Monsoon Update: भारत में दक्षिण-पश्चिम मानसून ने भले ही पूरे देश को कवर कर लिया है, लेकिन इसकी रफ्तार और डिस्ट्रिब्यूशन बेहद असमान रहा है। मौसम विभाग (IMD) के ताजा आंकड़ों के अनुसार, देश में बारिश की कमी एक बार फिर बढ़कर 18 प्रतिशत तक पहुंच गई है। इस मानसून सीजन में जून महीने की शुरुआत देशभर में लगभग 40 फीसदी बरसात की कमी के साथ हुई थी, जिससे कई हिस्सों में सूखे जैसे हालात बन गए थे।
वहीं जुलाई की शुरुआत में एक सप्ताह तक हुई तेज बारिश के कारण स्थिति में काफी सुधार देखा गया और 9 जुलाई तक यह आंकड़ा घटकर 14 फीसद पर आ गया था। हालांकि, जुलाई के मध्य में आते ही मानसूनी हवाएं फिर से कमजोर पड़ गईं, जिससे आंकड़े फिर बिगड़ गए हैं।
मुंबई-दिल्ली में राहत, लेकिन इन राज्यों में अब भी सूखा
जुलाई के पहले हफ्ते में हुई बारिश ने मध्य और पश्चिमी भारत को बड़ी राहत दी। मुंबई में भारी बारिश के कारण वहां के जलाशयों का जलस्तर 10% से बढ़कर सीधे 49% तक पहुंच गया। वहीं दिल्ली और उत्तर भारत के कई हिस्सों में जलभराव और ट्रैफिक जाम की स्थिति देखी गई। इसके बावजूद, देश के कई प्रमुख कृषि प्रधान इलाके अब भी पानी के लिए तरस रहे हैं।
मौसम वैज्ञानिक शशि कांत ने समाचार एजेंसी ANI से बातचीच में बताया कि, देश के मुख्य हिस्से जहां अभी भी मानसून कमजोर है, उनमें पूर्वी उत्तर प्रदेश और बिहार, झारखंड और पंजाब, महाराष्ट्र का मराठवाड़ा क्षेत्र साथ ही केरल और कर्नाटक के कुछ हिस्से शामिल हैं। भले ही कोंकण क्षेत्र और मुंबई में भारी बारिश से बांध 49% भर गए हैं, लेकिन महाराष्ट्र का अंदरूनी हिस्सा (मराठवाड़ा) अब भी सूखे जैसे हालात से जूझ रहा है क्योंकि मानसूनी हवाएं पश्चिमी घाट को पार नहीं कर पा रही हैं। बता दें कि जुलाई का महीना पूरे मानसून सीजन की लगभग एक-तिहाई बारिश लेकर आता है, जो खरीफ फसलों खासकर धान की बुआई और बांधों को भरने के लिए सबसे जरूरी माना जाता है। मौसम विभाग ने जुलाई में दीर्घकालिक औसत (LPA) की 94% बारिश होने का अनुमान जताया है, जो सामान्य से कम है।
आगे कैसा रहेगा मौसम?
IMD के अनुसार, मानसून ट्रफ यानी कम दबाव की बेल्ट जो नमी वाली हवाओं को खींचती है अब धीरे-धीरे उत्तर की ओर खिसक रही है। इसके प्रभाव से इस सप्ताह उत्तर प्रदेश, बिहार, पश्चिम बंगाल, सिक्किम और पूर्वोत्तर राज्यों में भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना है, जिससे इन राज्यों में बारिश की कमी दूर हो सकती है। दूसरी ओर, दिल्ली में आने वाले दिनों में मौसम शुष्क रहेगा और हल्की बौछारें ही पड़ेंगी। साथ ही, मध्य और दक्षिण प्रायद्वीपीय भारत में इस सप्ताह मानसूनी गतिविधियां थोड़ी थमी रहेंगी। विभाग ने बदलते मौसम के मिजाज को देखते हुए किसानों और आम जनता को जल संरक्षण पर ध्यान देने की सलाह दी है।
