Landour Places to Visit: देवभूमि उत्तराखंड (Uttarakhand) घूमने के लिहाज से भी सबसे बढ़िया टूरिस्ट डेस्टिनेशन (Tourist Destination) है। दूर-दूर से टूरिस्ट (Tourist) इस पहाड़ी राज्य की सुंदरता को देखने के लिए यहां आते हैं। यहां आने पर आपको घूमने (Travel) के कई सारे ऑप्शन मिल जाएंगे। उत्तराखंड (Uttarakhand Tourism) में घूमने की एक ऐसी ही जगह है लंढौर (Landour)। लंढौर मसूरी से महज 7 किलोमीटर दूर है और खासतौर से वीकेंड में घूमने का बढ़िया ऑप्शन है। लंढौर हरे-भरे देवदार के जंगलों से घिरा एक आकर्षक छावनी शहर है। साथ ही घूमने के लिए एक सुंदर हिल स्टेशन (Hill Stations) है। घने देवदार के लाल रंग में लिपटा हुआ और हिमालय की धुंध में खोया हुआ लंढौर आपको ब्रिटिश राज की याद दिलाता है। लंढ़ौर मसूरी से लगभग 1000 फीट ऊपर 7500 फीट की ऊंचाई पर स्थित है।
मसूरी से लंढौर तक की सड़क बहुत खड़ी और संकरी है और पीक सीजन के दौरान अक्सर जाम लग जाता है। भारत के सबसे प्रिय लेखकों में से एक रस्किन बॉन्ड (Ruskin Bond) भी यहीं रहते हैं। क्रिकेट के भगवान कहे जाने वाले सचिन तेंदुलकर (Sachin Tendulkar) का फेवरेट हिल स्टेशन लंढौरा ही है। सचिन जब कभी भी मसूरी आते हैं तो वह लंढौर भी जरूर आते हैं। यहां आकर सचिन अनिल अग्रवाल के अनिल कैफे जरूर जाते हैं। 50 साल से भी ज्यादा पुराने इस कैफे में खाने को शानदार स्नैक्स और पेय पदार्थ मिलते हैं। सचिन को यहां के जायकों से प्यार है। मसूरी के लंढौर में सचिन की ये पसंदीदा जगह है। सचिन यहां परांठा, दही और अचार के साथ बन ऑमलेट के साथ देसी खाने का लुत्फ उठाया था।

Sachin
लंढौर आप साल के किसी भी महीने में जा सकते हैं। दरअसल यहां का मौसम आम तौर पर सभी मौसमों के लिए अनुकूल रहता है। लंढौर आने पर आपको घूमने के कई सारे ऑप्शन मिल जाएंगे। सिर्फ लंढौर ही नहीं बल्कि उसके आसपास भी आपको घूमने के कई सारे ऑप्शन मिलेंगे। ऐसे में आज हम आपको लंढौर के आसपास घूमने की कुछ ऐसी ही सुंदर और बढ़िया जगहों के बारे में बताएंगे, जहां आप आसानी से जा सकते हैं।
लंढौर के आसपास घूमने की जगहें (Tourist Places Near Landour)
लाल टिब्बा (Laal Tibba)
लंढौर में स्थित लाल टिब्बा मसूरी का सबसे ऊंचा स्थान है, जो समुद्र तल से लगभग 8000 मीटर ऊपर है। लाल टिब्बा से सूर्योदय और सूर्यास्त के सुंदर दृश्य देखने को मिलते हैं। लंढौर आने वाला हर टूरिस्ट यहां जरूर आता है। पिकनिक स्पॉट के लिए लाल टिब्बा बढ़िया ऑप्शन है। लाल टिब्बा ऑल इंडिया रेडियो, दूरदर्शन और सेना से संबंधित विशाल ट्रांसमीटरों का भी घर है। लंढौर में सूर्योदय या सूर्यास्त के दौरान लाल टिब्बा का दौरा करना सबसे सही रहता है।
चार दुकान (Char Dukan)
चार दुकान लंढौर में अक्सर यात्रा करने वाला स्थान है। ये जगह आश्चर्यजनक रूप से नाश्ता और चाय के लिए फेमस है। ये चार दुकानें स्वादिष्ट हॉटकेक और मैगी परोसती हैं। स्थानीय लोग और पर्यटक 60 साल पुराने अनिल कैफे में आते हैं, जो अपनी स्वादिष्ट अदरक नींबू शहद चाय, बन-आमलेट और मैगी के लिए काफी फेमस है। सचिन तेंदुलकर भी यहां आ चुके हैं। ये जगह व्यस्त सड़कों और शोरगुल वाले पर्यटकों के शोर-शराबे से दूर स्थित है। आप अक्सर यहां विदेशियों को चार दुकान के आसपास बैठकर भारतीय ट्यूटर्स से हिंदी सीखते हुए देख सकते हैं।
सेंट पॉल चर्च (St. Paul Church)
सेंट पॉल चर् ब्रिटिश सैन्य सेवाओं का स्वर्ग था। साल 1839 में निर्मित सेंट पॉल चर्च देहरादून जिले में एक फेमस चर्च है। ये एक सुंदर चर्च है, जिसमें निर्माण के समय लगभग 250 लोगों के बैठने की जगह थी। चर्च की वास्तुकला देखने लायक है। चर्च के चारों ओर समृद्ध पेड़ हैं जो इसे घर जैसा एहसास देते हैं। लंढौर आने पर आपको यहां जरूर आना चाहिए।
लंढौर लैंग्वेज स्कूल (Landour Language School)
लंढौर लैंग्वेज स्कूल लंढौर के किसी भी अन्य स्थान की तरह सुंदर, हरे-भरे पेड़ों और छोटी झाड़ियों के बीच है। लंढौर में रहते हुए एक बार लंढौर लैंग्वेज स्कूल पर नजर डालना दिलचस्प है, क्योंकि इससे आपको पता चलता है कि इस छोटे से शहर में शिक्षा को कितना महत्व दिया जाता है। ये स्कूल भारत में भाषा सीखने के मामले में आगे है। लंढौर लैंग्वेज स्कूल में हिंदी, उर्दू और पंजाबी जैसी भाषाएं पढ़ाई जाती हैं और यहां दुनियाभर से छात्र आते हैं।
