बिजनेस

मौत के बाद Lock-in वाला पैसा कहां जाता है? किसे मिलता है

किसी निवेशक की मौत के बाद PPF, ELSS या दूसरे लॉक-इन निवेश का पैसा खत्म नहीं होता। लेकिन इसे तुरंत निकाल पाना हमेशा संभव नहीं होता। जानिए Nominee, Legal Heir और Lock-in Period के नियमों के तहत पैसा किसे मिलता है और कैसे।

Image

मौत के बाद Lock-in वाला पैसा कहां जाता है

किसी व्यक्ति की मौत के बाद उसके बैंक खाते, म्यूचुअल फंड, PPF, ELSS या दूसरी निवेश योजनाओं में जमा पैसा परिवार के लिए अहम वित्तीय सहारा हो सकता है। लेकिन अगर निवेश किसी Lock-in Period वाली योजना में है, तो परिवार के सामने सवाल खड़ा हो जाता है कि इस पैसे का क्या होगा और इसे कब निकाला जा सकेगा। सबसे पहले यह समझना जरूरी है कि निवेशक की मौत होने से पैसा खत्म नहीं होता और न ही हर निवेश का Lock-in अपने आप खत्म हो जाता है। आगे की प्रक्रिया इस बात पर निर्भर करती है कि पैसा किस योजना में लगा है और उसमें Nominee दर्ज है या नहीं।

Nominee होने पर क्या होता है?

निवेश में Nominee दर्ज होने से परिवार के लिए पैसा हासिल करने की प्रक्रिया आसान हो सकती है। निवेशक की मृत्यु के बाद Nominee संबंधित बैंक, म्यूचुअल फंड कंपनी या दूसरी संस्था के पास जरूरी दस्तावेज जमा करके निवेश को अपने नाम ट्रांसफर कराने या रकम पाने का दावा कर सकता है। हालांकि, यहां एक जरूरी बात समझना जरूरी है कि Nominee होना और कानूनी रूप से पैसे का अंतिम मालिक होना हमेशा एक ही बात नहीं है। अंतिम अधिकार Will या लागू उत्तराधिकार कानूनों के आधार पर तय हो सकता है।

ELSS में क्या होगा?

ELSS यानी Equity Linked Savings Scheme में आमतौर पर तीन साल का Lock-in होता है। अगर निवेशक की मृत्यु Lock-in Period पूरा होने से पहले हो जाती है, तो यह मान लेना सही नहीं है कि मृत्यु के साथ ही Lock-in खत्म हो गया और पैसा तुरंत निकालने के लिए उपलब्ध हो गया। Nominee या Legal Heir को पहले संबंधित प्रक्रिया पूरी करनी होती है और इसके बाद योजना के लागू नियमों के अनुसार रकम या Units को Redeem किया जा सकता है। यानी मृत्यु के बाद भी निवेश से जुड़े नियमों को देखना जरूरी है।

PPF का पैसा किसे मिलता है?

PPF यानी Public Provident Fund में भी निवेशक की मृत्यु के बाद अलग Claim Settlement Process होती है। Nominee या Legal Heir को उस बैंक या Post Office से संपर्क करना होता है जहां PPF Account मौजूद है। Death Certificate और दूसरे जरूरी दस्तावेज जमा करने के बाद खाते की रकम के Settlement की प्रक्रिया शुरू होती है। इसलिए परिवार को यह मानकर नहीं चलना चाहिए कि सामान्य PPF Maturity Period का इंतजार हर स्थिति में जरूरी होगा।

अगर Nominee नहीं है तो?

अगर निवेश में Nominee दर्ज नहीं है, तो पैसा पाने की प्रक्रिया ज्यादा जटिल हो सकती है। ऐसी स्थिति में Legal Heirs को अपना दावा साबित करने के लिए Will, Legal Heir Certificate, Succession Certificate या परिस्थितियों के अनुसार दूसरे दस्तावेज देने पड़ सकते हैं। Mutual Fund के मामले में भी Nominee न होने पर कानूनी उत्तराधिकारियों से अतिरिक्त दस्तावेज मांगे जा सकते हैं।

परिवार को कौन से दस्तावेज तैयार रखने चाहिए?

मृत्यु के बाद Claim Process को आसान बनाने के लिए Death Certificate, PAN, KYC Details, Bank Account Details, Investment Statements और Nomination Details जैसे दस्तावेज काम आते हैं। अगर निवेशक ने Will बनाई है, तो परिवार को यह भी पता होना चाहिए कि उसकी Original Copy कहां रखी गई है। Mutual Fund में नाम, पता, Signature या KYC से जुड़ी जानकारी में अंतर होने पर भी प्रक्रिया में देरी हो सकती है।

इसलिए निवेशकों को समय-समय पर अपने सभी Investments की एक सूची बनाकर रखनी चाहिए। इसमें Bank Accounts, FD, PPF, Mutual Funds, Demat Holdings और Insurance Policies की जानकारी के साथ Nominee का नाम भी दर्ज होना चाहिए। शादी, तलाक, बच्चे होने या परिवार में बड़े बदलाव के बाद Nomination को अपडेट करना भी जरूरी है। सही Nomination और व्यवस्थित Investment Records परिवार को भविष्य में पैसे का दावा करने की प्रक्रिया में काफी मदद कर सकते हैं।

Richa Tripathi
रिचा त्रिपाठीauthor

रिचा त्रिपाठी टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में बिजनेस डेस्क पर सीनियर कॉपी एडिटर के रूप में कार्यरत हैं। मीडिया इंडस्ट्री में 7 वर्षों के अनुभव के साथ रिचा, पर्सनल फाइनेंस, स्टॉक मार्केट, टैक्स प्लानिंग और अर्थव्यवस्था से जुड़े विषयों पर मजबूत पकड़ रखती हैं। अब तक 8,000 से अधिक कंटेंट लिख चुकी रिचा की विशेषता है—जटिल वित्तीय जानकारियों को सरल, स्पष्ट और भरोसेमंद तरीके से पाठकों तक पहुंचाना। वह ऐसी स्टोरीज तैयार करती हैं जो न केवल जानकारीपूर्ण होती हैं, बल्कि आम पाठक की वित्तीय समझ को बेहतर बनाने में भी मदद करती हैं।

और पढ़ें
End of Article