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Hemkund Sahib opening date 2026: हेमकुंठ साहिब के दर्शन कब शुरू होंगे 2026 में, जानें कपाट किस तारीख से खुलेंगे

Hemkund Sahib opening date 2026: हेमकुंठ साहिब यात्रा कब से शुरू होगी 2026 में। जानें कपाट खुलने की तारीख, यात्रा रूट, रजिस्ट्रेशन और जरूरी तैयारी से जुड़ी पूरी जानकारी।

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हेमकुंठ साहिब यात्रा कब से शुरू होगी 2026 में

Hemkund Sahib opening date 2026: उत्तराखंड में हिमालय की ऊंची वादियों में बसे पवित्र गुरुद्वारा Hemkund Sahib की यात्रा हर साल श्रद्धालुओं के लिए आस्था और साहस का अद्भुत संगम लेकर आती है। साल 2026 में भी इस पावन धाम के कपाट 23 मई को श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए जाएंगे। बर्फ से ढके पहाड़ों और शांत झील के बीच स्थित यह गुरुद्वारा (Hemkund Sahib Yatra) सिख समुदाय के सबसे पवित्र तीर्थ स्थलों में गिना जाता है।

हेमकुंठ साहिब यात्रा कब से शुरू होगी 2026 में

हेमकुंठ साहिब यात्रा 2026 की शुरुआत 23 मई से होगी। इससे पहले पहला जत्था 20 से 22 मई के बीच गोविंदघाट से रवाना होगा। यात्रा आमतौर पर सुबह अरदास के साथ शुरू होती है, जब कपाट खोले जाते हैं।

हेमकुंठ साहिब यात्रा कब समाप्त होगी 2026 में

मौसम के अनुसार यह धाम लगभग 10 अक्टूबर 2026 तक खुला रहेगा, इसके बाद भारी बर्फबारी के चलते इसे शीतकाल के लिए बंद कर दिया जाता है।

क्यों खास है हेमकुंठ साहिब

7,000 फीट से अधिक की ऊंचाई पर स्थित यह गुरुद्वारा प्राकृतिक सुंदरता और आध्यात्मिक शांति का अनोखा मेल है। मान्यता है कि यहां Guru Gobind Singh ने अपने पूर्व जन्म में तपस्या की थी। गुरुद्वारे के सामने बनी बर्फीली झील और चारों ओर ऊंचे पर्वत श्रद्धालुओं को एक अलग ही अनुभूति कराते हैं। यहां पहुंचना जितना कठिन है, उतना ही मन को सुकून देने वाला भी।

कैसे पहुंचें हेमकुंठ साहिब

यात्रा का बेस पॉइंट Govindghat होता है। यहां से लगभग 13 किलोमीटर का ट्रेक Ghangaria तक करना होता है। इसके बाद 6 किलोमीटर की खड़ी चढ़ाई आपको हेमकुंठ साहिब तक ले जाती है। रास्ता कठिन जरूर है, लेकिन हर कदम पर हिमालय की खूबसूरती और झरनों की आवाज थकान को कम कर देती है।

हेमकुंठ साहिब यात्रा से पहले ये तैयारी जरूरी

हेमकुंठ साहिब की यात्रा पर जाने से पहले रजिस्ट्रेशन कराना अनिवार्य है। ऊंचाई और ठंड को देखते हुए गर्म कपड़े, रेनकोट और जरूरी दवाइयां साथ रखना बेहद जरूरी है। ट्रेकिंग के लिए आरामदायक जूते और फिटनेस का ध्यान रखना भी जरूरी है, क्योंकि यह यात्रा शारीरिक रूप से चुनौतीपूर्ण हो सकती है।

प्रकृति और आस्था का अनोखा संगम

हेमकुंठ साहिब के पास ही प्रसिद्ध Valley of Flowers National Park स्थित है, जो यूनेस्को वर्ल्ड हेरिटेज साइट है। यहां की रंग-बिरंगी घाटियां मानसून के दौरान किसी स्वर्ग से कम नहीं लगतीं। कई श्रद्धालु अपनी यात्रा के दौरान इस घाटी का भी आनंद लेते हैं।

श्रद्धा, साहस और सुकून की यात्रा

हेमकुंठ साहिब की यात्रा सिर्फ एक तीर्थ नहीं, बल्कि एक अनुभव है - जहां प्रकृति, भक्ति और आत्मिक शांति का संगम मिलता है। अगर आप 2026 में इस यात्रा का प्लान बना रहे हैं, तो सही समय, तैयारी और जानकारी के साथ यह सफर आपके जीवन की सबसे यादगार यात्राओं में शामिल हो सकता है।

Medha Chawla
मेधा चावलाauthor

मेधा चावला टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में सीनियर एसोसिएट एडिटर हैं और लाइफस्टाइल सेक्शन की लीड हैं। लाइफस्टाइल पत्रकारिता में 20 वर्षों का अनुभव रखने वाली मेधा की विशेषज्ञता हेल्थ, वेलनेस, फिटनेस, मेंटल हेल्थ, डेली लाइफ इम्प्रूवमेंट, ह्यूमन-इंटरेस्ट फीचर्स और रिसर्च-बेस्ड स्टोरीज तक फैली है। उनकी लेखन शैली पाठकों को जटिल स्वास्थ्य और जीवनशैली संबंधी विषयों को आसान, समझने योग्य और व्यवहारिक रूप में प्रस्तुत करती है, जिससे उनका कंटेंट व्यापक पाठक समूह से जुड़ता है। अबतक 30,000 से अधिक कंटेंट पीस लिख चुकी मेधा की कई एक्सक्लूसिव स्टोरीज डिजिटल प्लेटफॉर्म पर ट्रेंड सेट कर चुकी हैं।

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