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गुफाएं, मंदिर और किला... भारत की 5 धरोहरों को मिली UNESCO की टेंटेटिव लिस्ट में जगह

भारत की पांच नई धरोहरों और विरासत प्रस्तावों को यूनेस्को की टेंटेटिव लिस्ट में जगह मिली है। यहां पढ़ें भारत की उन 5 जगहों के नाम क्या हैं। जिन्हें यूनेस्को द्वारा वर्ल्ड हेरिटेज साइट की लिस्ट में रखा गया है।

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भारत की 5 धरोहरों को मिली UNESCO की टेंटेटिव लिस्ट में जगह

UNESCO sites in India tentative list: भारत की विरासत सिर्फ बड़े-बड़े किलों और मशहूर मंदिरों तक सीमित नहीं है। देश के अलग-अलग हिस्सों में ऐसी गुफाएं, मंदिर समूह, किले और ऐतिहासिक स्थल मौजूद हैं, जिनमें सदियों पुरानी कहानियां आज भी दिखाई देती हैं। अब ऐसी ही पांच धरोहरों और विरासत प्रस्तावों को यूनेस्को की विश्व धरोहर की टेंटेटिव लिस्ट में जगह मिली है।

    इसके साथ भारत की इस सूची में शामिल स्थलों की संख्या बढ़कर 78 हो गई है। यूनेस्को के आधिकारिक रिकॉर्ड में इन नई साइट्स में बाघ की गुफा चित्रकारी, गिन्नौरगढ़ किला, चंबल घाटी के मंदिर समूह और उदयगिरि गुफाएं शामिल हैं। पांचवीं प्रविष्टि ‘सत्याग्रह के स्थल’ है, जो भारत और दक्षिण अफ्रीका को जोड़ने वाला एक अंतरराष्ट्रीय प्रस्ताव है।

    बाघ की गुफाएं, जहां पत्थरों पर बची है चित्रों की दुनिया

    मध्य प्रदेश की बाघ गुफाएं बौद्ध परंपरा से जुड़ी नौ चट्टानी गुफाओं का समूह हैं। यहां की दीवारों पर बनी चित्रकारी खास आकर्षण है। यूनेस्को के अनुसार इन गुफाओं का विकास लगभग चौथी से छठी शताब्दी के बीच हुआ था। खासकर चौथी गुफा यानी रंग महल में बची भित्ति चित्रकारी प्राचीन बौद्ध कला की महत्वपूर्ण मिसाल मानी जाती है।

    उदयगिरि गुफाएं, गुप्तकाल की अनोखी झलक

    मध्य प्रदेश की उदयगिरि गुफाएं गुप्तकाल से जुड़ी हैं। यहां करीब 20 गुफाएं, मूर्तियां और शिलालेख मौजूद हैं। विशाल वराह प्रतिमा और अनंतशायी विष्णु से जुड़े शिल्प इस स्थल को खास बनाते हैं। यूनेस्को के अनुसार यहां धार्मिक कला, वास्तुकला और प्राकृतिक भू-दृश्य का अनोखा मेल दिखाई देता है।

    चंबल घाटी के मंदिरों का समूह

    नई सूची में ‘ग्रुप ऑफ टेंपल्स ऑफ द चंबल वैली’ भी शामिल है। इसमें बेटेश्वर, पदावली और ककर्मठ के मंदिर शामिल हैं। यानी चंबल की पहचान सिर्फ बीहड़ों और नदी से नहीं, बल्कि पुराने मंदिरों और उनकी स्थापत्य परंपरा से भी जुड़ी है।

    गिन्नौरगढ़ का किला

    गिन्नौरगढ़ किला भी नई प्रविष्टियों में शामिल है। यह मध्य प्रदेश की उन ऐतिहासिक धरोहरों में से है, जो क्षेत्र के पुराने सामाजिक और सांस्कृतिक जीवन की झलक देती हैं। अब इसका नाम भी देश की संभावित विश्व धरोहरों की सूची में दर्ज हो गया है।

    भारत से दक्षिण अफ्रीका तक जुड़ी सत्याग्रह की कहानी

    पांचवीं प्रविष्टि बाकी चार से थोड़ी अलग है। ‘द साइट्स ऑफ सत्याग्रह’ एक अंतरराष्ट्रीय और क्रमिक प्रस्ताव है, जिसमें भारत के सात और दक्षिण अफ्रीका के दो स्थल शामिल हैं। इनमें साबरमती आश्रम, मणि भवन, सेवाग्राम आश्रम, आगा खान पैलेस और गांधी स्मृति जैसे स्थल शामिल हैं। इसका उद्देश्य सत्याग्रह के विकास और उसके ऐतिहासिक सफर से जुड़े स्थानों को एक साझा विरासत के रूप में प्रस्तुत करना है।

    यूनेस्को की टेंटेटिव लिस्ट

    यह समझना जरूरी है कि टेंटेटिव लिस्ट में शामिल होना किसी स्थल का यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल घोषित होना नहीं है। यह उन संपत्तियों की सूची है जिन्हें कोई देश भविष्य में विश्व धरोहर के लिए नामांकन के तौर पर विचार करना चाहता है। इसलिए इन पांच साइट्स के लिए यह एक महत्वपूर्ण अगला कदम जरूर है, लेकिन अंतिम विश्व धरोहर दर्जा अलग प्रक्रिया के बाद तय होता है।

    Avni Bagrola
    अवनी बागरोलाauthor

    अवनी बागरोला टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल के लाइफस्टाइल सेक्शन में कंटेंट राइटर के रूप में कार्यरत हैं। फैशन, ब्यूटी, ट्रेंड्स, पर्सनल स्टाइलिंग और मॉडर्न लाइफस्टाइल से जुड़े कंटेंट पर उनकी मजबूत पकड़ उन्हें जेन Z और स्टाइल-सेवी ऑडियंस के बीच खास पहचान दिलाती है। अवनी की लेखन शैली सरल, ट्रेंडी और यूज़र-फ्रेंडली है, जो पाठकों को तेजी से बदलते फैशन व लाइफस्टाइल ट्रेंड्स को समझने में मदद करती है। अब तक 3000 से अधिक आर्टिकल्स लिख चुकी अवनी क्रिएटिव अप्रोच, अपडेटेड नॉलेज और रियल-टाइम ट्रेंड सेंस के लिए जानी जाती हैं।

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