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TRAI ने ट्रांसमिशन की जांच की टाइमलाइन आगे बढ़ाई, टेलीकॉम ऑपरेटर्स ने मांगा था समय

Telecom Regulatory Authority of India: ट्राई ने यूआरएल/एपीके/ओटीटी लिंक को व्हाइटलिस्ट में डालने के संबंध में 20 अगस्त, 2024 को जारी अपने निर्देश का पालन करने के लिए एक्सेस प्रोवाइडर को एक महीने का विस्तार दिया है।

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TRAI (image-istock)

TRAI: भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण (ट्राई) ने टेलीकॉम ऑपरेटर्स के लिए उन एसएमएस (मैसेज) के ट्रांसमिशन की जांच करने की समयसीमा एक महीने बढ़ाकर एक अक्टूबर कर दी है, जिनमें वेब लिंक शामिल हैं और जो व्हाइटलिस्ट में नहीं हैं। ट्राई ने उन सभी वेब लिंक या ऐप डाउनलोड लिंक वाले सभी मैसेजों को ब्लॉक करने के लिए एक सितंबर की समयसीमा तय की थी, जो व्हाइटलिस्ट में नहीं हैं।

नियामक ने कहा कि टेलीकॉम ऑपरेटर्स द्वारा अतिरिक्त समय के अनुरोध के जवाब में एक महीने का विस्तार दिया गया है। बयान में कहा गया, ‘‘ ट्राई ने यूआरएल/एपीके/ओटीटी लिंक को व्हाइटलिस्ट में डालने के संबंध में 20 अगस्त, 2024 को जारी अपने निर्देश का पालन करने के लिए एक्सेस प्रोवाइडर को एक महीने का विस्तार दिया है।

अक्टूबर, 2024 से लागू होंगे नियम

संशोधित निर्देश में कहा गया है कि सभी एक्सेस प्रोवाइडर यह सुनिश्चित करें कि यूआरएल/एपीके/ओटीटी लिंक वाले ‘ट्रैफिक’ जो व्हाइटलिस्ट में नहीं हैं...उनको एक अक्टूबर, 2024 से अनुमति नहीं दी जाएगी।’’ ट्राई एसएमएस हेडर और कंटेंट टेम्प्लेट के दुरुपयोग को रोकने के उद्देश्य से नए नियम लेकर आया है, ताकि सुरक्षा बढ़ाई जा सके और कुशल दूरसंचार परिद्श्य सुनिश्चित हो सके।

नियामक ने परिचालकों को यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है कि एक नवंबर से प्रेषक से प्राप्तकर्ता तक सभी मैसेजों का पता लगाया जा सके।

इनपुट-भाषा

Vishal Maithil
Vishal Mathelauthor

विशाल मैथिल टाइम्स नाऊ नवभारत में बतौर सीनियर कॉपी एडिटर 2023 से जुड़े हुए हैं। पत्रकारिता में 6+ वर्षों के अनुभव के साथ वह टेक्नोलॉजी, सोशल मीडिया, गैजेट्स और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसे विषयों पर गहरी समझ रखते हैं। वे ऑटोमोबाइल, बिजनेस, यूटिलिटी और हाइपरलोकल से लेकर एजुकेशन और इंटरनेशनल बीट्स पर भी काम कर चुके हैं। भोपाल से ताल्लुक रखने वाले विशाल ने माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्वविद्यालय से मीडिया रिसर्च में पोस्ट ग्रेजुएशन किया है। रिसर्च के क्षेत्र में उनके कई पेपर राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय जर्नल में प्रकाशित हो चुके हैं। उन्होंने दैनिक भास्कर, अमर उजाला, मासिक पत्रिका "संदेश" और सोशल मीडिया फर्म में भी काम किया है। टेक-यूटिलिटी और बिजनेस से जुड़ी खबरों को आसान और काम की भाषा में समझाना विशाल को खूब आता है। वो कोशिश करते हैं कि कम शब्दों में ज्यादा और साफ-सुथरी जानकारी मिल जाए। किताबें पढ़ना और संगीत सुनना उनका पसंदीदा काम है। आप इनसे Vishal.mathel@timesgroup.com पर संपर्क कर सकते हैं।

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