FIITJEE Holds Employees Salary: प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कराने वाली भारतीय कंपनी फिटजी (FIITJEE) ने लगातार दूसरे महीने कर्मचारियों की सैलरी रोक दी है। सैलरी रोकने को लेकर कंपनी का कहना है कि सैलरी कैश की दिक्कतों के चलते नहीं बल्कि जान-बूझकर रोकी गई है। कंपनी का कहना है कि हार्ड वर्क की तरफ ध्यान दिलाने के लिए वेकअप कॉल के लिए यह सैलरी रोकी गई है।
लगातार दूसरे महीने रोकी सैलरी
मनी कंट्रोल के अनुसार, फिटजी ने देश भर में अपने कोचिंग सेंटर्स के लिए स्थिर विकास और बढ़ती प्रतिस्पर्धा के बीच लगातार दूसरे महीने कर्मचारियों का वेतन रोका है। मैट्रिक्स वेंचर पार्टनर्स सपोर्ट वाली कंपनी के दो अधिकारियों के अनुसार, FIITJEE ने पिछले सप्ताह जनवरी के वेतन का 50 प्रतिशत पेमेंट कर दिया, जबकि बाकी को रोक दिया था। अब सैलरी रोकने का नया आदेश फरवरी में मीडिया रिपोर्ट्स के बाद आया है जिसमें कहा गया था कि कंपनी ने कैश की दिक्कतों को लेकर जनवरी में कर्मचारियों की सैलरी रोक दी है।
कंपनी ने कहा "वेकअप कॉल"
पिछले कुछ हफ्तों में आए दो ईमेल में, कंपनी के मैनेजमेंट ने कर्मचारियों से कहा कि हालांकि फिटजी को फिलहाल कैश संबंधित दिक्कत नहीं हैं, लेकिन उसने जानबूझकर सैलरी रोकी है ताकि उन्हें कड़ी मेहनत करने के लिए "वेकअप कॉल" दिया जा सके।
सैलरी अधिकार नहीं
फिटजी के फाउंडर और मैनेजिंग डायरेक्टर दिनेश कुमार गोयल ने 3 मार्च को भेजे गए एक ई-मेल में कहा, "जब आप अपना काम ठीक से नहीं करते हैं और नियम नहीं मानते हैं तो हम सेंटर्स को ठीक से नहीं चला पाएंगे। स्पष्ट लक्ष्यों के बिना ऑफिस आना आपको कहीं नहीं ले जाएगा। सैलरी अधिकार का मामला नहीं है, इसे आपसे अपेक्षित काम करके अर्जित किया जाना चाहिए।''
टारगेट के आधार पर मिलेगी सैलरी
फिटजी मैनेजमेंट ने कर्मचारियों से कहा, "उनका भविष्य उनके अपने हाथों में है और उन्हें अगले सात दिनों के भीतर लक्ष्य हासिल करने के लिए प्रतिबद्ध होना चाहिए और इसी आधार पर वेतन दिया जाएगा।"
