NSE IPO: नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) का इनिशियल पब्लिक ऑफरिंग (IPO) आज, 21 सितंबर को बंद हो रहा है। यानी आपके पास निवेश का आज आखिरी मौका है। 22,561.57 करोड़ रुपये के इस IPO को अभी तक ठंडा रिस्पांस मिला है। रिटेल कैटेगरी की बात करें तो सुबह 11:30 तक 0.88 गुना सब्सक्रिप्शन मिला है, जबकि नॉन-इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर (NII) कैटेगरी को 2.37 गुना सब्सक्रिप्शन मिला है। क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर (QIB) कैटेगरी को 1.92 गुना सब्सक्रिप्शन मिला है।
एनएसई का आईपीओ 17 सितंबर को खुला था और प्राइस बैंड ₹1,700-₹1,785 प्रति शेयर तय किया गया था। यह इश्यू पूरी तरह से OFS (ऑफर फॉर सेल) है। इसका मतलब है कि NSE को खुद IPO से कोई रकम नहीं मिलेगी।
NSE IPO: प्राइस बैंड और लॉट साइज
NSE IPO का प्राइस बैंड ₹1,700-₹1,785 प्रति शेयर तय किया गया है, और हर इक्विटी शेयर की फेस वैल्यू ₹1 है। IPO 17 सितंबर को खुला और 21 सितंबर को बंद होगा। कम से कम 8 शेयरों के लिए बोली लगाई जा सकती है और इसके बाद निवेशक 8 के मल्टीपल में बोली लगा सकते हैं।
NSE IPO: एंकर इन्वेस्टर्स ने ₹6,746 करोड़ लगाए
NSE ने IPO खुलने से पहले एंकर इन्वेस्टर्स से ₹6,746.2 करोड़ जुटाए। BSE की फाइलिंग के मुताबिक, कंपनी ने 150 एंकर इन्वेस्टर्स को ₹1,785 प्रति शेयर (जो प्राइस बैंड का ऊपरी सिरा है) के भाव पर 3.77 करोड़ से ज़्यादा शेयर अलॉट किए। एंकर बुक में कई बड़े ग्लोबल और घरेलू इन्वेस्टर्स ने हिस्सा लिया, जिनमें LIC, गोल्डमैन सैक्स, फिडेलिटी, GIC सिंगापुर, अबू धाबी इन्वेस्टमेंट अथॉरिटी (ADIA), नॉर्जेस बैंक, ईस्टस्प्रिंग और HSBC ग्लोबल एसेट मैनेजमेंट शामिल हैं।
NSE IPO के GMP में बड़ी गिरावट
एनएसई के आईपीओ का ग्रे मार्केट वैल्यूएशन लगातार कम हो रहा है। इन्वेस्टग्रेन डॉट कॉक के अनुसार, सोमवार को NSE का ग्रे मार्केट प्रीमियम (GMP) घटकर लगभग ₹63प्रति शेयर हो गया। शुक्रवार को बोली के दूसरे दिन यह ₹142 था। IPO की ऊपरी कीमत ₹1,785 पर, मौजूदा GMP लगभग ₹1848 की अनुमानित लिस्टिंग का संकेत देता है, जिसका मतलब है कि इश्यू प्राइस पर लगभग 3.53% का संभावित प्रीमियम मिल सकता है।
हालांकि, GMP एक अनौपचारिक संकेतक है और यह असल लिस्टिंग कीमत की गारंटी नहीं देता है। मार्केट की स्थितियों, निवेशकों की मांग और सेंटीमेंट के आधार पर लिस्टिंग से पहले प्रीमियम बदल सकता है।
ब्रोकरेज क्या कहते हैं?
NSE IPO पर ब्रोकरेज की राय अलग-अलग है। एंजेल वन और जियोजित मध्यम से लंबी अवधि के निवेश का लक्ष्य रखने वाले निवेशकों को सब्सक्रिप्शन की सलाह देते हैं, जबकि रेलिगेयर ब्रोकिंग ने इसे 'न्यूट्रल' रेटिंग दी है।
डिस्क्लेमर: TIMES NOW नवभारत किसी स्टॉक, म्यूचुअल फंड, आईपीओ या कमोडिटी में निवेश की सलाह नहीं देता है। यहां पर केवल जानकारी दी गई है। निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार की राय जरूर लें।
